संजय सिंह, पटना। बिहार में पैसे के लालच में एक थानेदार और चार सिपाहियों ने वर्दी की मर्यादा को तार-तार कर दिया। थानेदार पर चार सिपाहियों के साथ मिलकर हावड़ा-जोधपुर एक्सप्रेस में एक आभूषण व्यापारी के कर्मचारी से 1.44 करोड़ रुपये कीमत के सोने की बिस्कुट लूटने का आरोप है। लूटपाट के अलावा पुलिसवालों ने पीड़ित की पिटाई भी की।
खगड़िया के सांसद राजेश वर्मा के माध्यम से जब यह मामला पटना के वरीय पुलिस अधिकारियों के पास पहुंचा तो हड़कंप मच गया। मामला प्रकाश में आने के बाद गयाजी के रेल थाना प्रभारी राजेश सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेजा दिया गया है। वहीं चारों सिपाहियों को निलंबित कर दिया गया है। इस प्रकरण में पुलिस को दो अन्य दलालों की तलाश है।
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कर्मचारी कानपुर ले जा रहा था सोना
कोलकाता के एक बड़े स्वर्ण व्यवसायी का कारोबार देश के कई हिस्सों में फैला है। उनका एक कर्मचारी धनंजय शाश्वत एक किलो सोने के बिस्कुट जोधपुर-हावड़ा एक्सप्रेस से कानपुर ले जा रहा था। ट्रेन जब गयाजी रेलवे स्टेशन पर पहुंची तो थानेदार, सिपाही और दो अन्य लोगों ने कर्मी से जबरन सोने के बिस्कुट लूट लिए। पीड़ित की पिटाई की और उसे डराया धमकाया। गया जी स्टेशन से ट्रेन के आगे बढ़ने पर धनंजय ने घटना की पूरी जानकारी अपने मालिक को दी।
स्वर्ण व्यवसायी ने कोलकाता में एक शिकायत दर्ज कराई और खगड़िया के सांसद राजेश वर्मा से संपर्क साधा। दरअसल, राजेश वर्मा का परिवार भी सोने-चांदी के कारोबार से जुड़ा है। उनका संबंध कोलकाता के कारोबारियों से है। सांसद राजेश वर्मा ने पूरे घटनाक्रम को डीजीपी विनय कुमार के समक्ष रखा। उन्होंने तत्काल तीन डीएसपी की अगुवाई में एक एसआईटी का गठन किया।
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चारों सिपाहियों की तलाश तेज
रेलवे पुलिस के एसपी ने मामले की निगरानी की। जांच में सामने आया कि लूटपाट को थानाध्यक्ष की मिलीभगत से अंजाम दिया गया था। थानाध्यक्ष के कहने पर ही चार सिपाही और दो अन्य लोगों ने लूटपाट की। मामले का खुलासा होने के बाद थानाध्यक्ष राजेश सिंह को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया गया है। वहीं निलंबित सिपाही करण कुमार, अभिषेक चतुर्वेदी, रंजन कुमार और आनंद मोहन फरार हैं। वारदात में शामिल दो अन्य परवेज आलम और सीताराम सिंह की भी तलाश की जा रही है।