मध्य प्रदेश का एक रेलवे स्टेशन इन दिनों काफी चर्चा है। यह रेलवे स्टेशन भोपाल का निशातपुरा रेलवे स्टेशन है। यह रेलवे स्टेशन पिछले तीन साल से अपनी खूबसूरती नहीं, बल्कि अपनी वीरानी के कारण चर्चा में है। करीब 6 करोड़ रुपये की लागत से तैयार यह स्टेशन जून 2023 में यात्रियों के लिए पूरी तरह तैयार हो गया था। प्लेटफॉर्म, वेटिंग रूम, बैठने की व्यवस्था, लाइटिंग और अन्य बुनियादी सुविधाएं मौजूद हैं लेकिन हैरानी की बात यह है कि आज तक यहां एक भी ट्रेन का ठहराव शुरू नहीं हो सका है। इस मामले में रेलवे ने अपनी सफाई दी है।
आपको बता दें कि स्टेशन पर न यात्रियों की आवाजाही है, न रेलवे कर्मचारियों की तैनाती। दिन में भी यहां सन्नाटा पसरा रहता है, जबकि रात होते ही पूरा इलाका और भी सुनसान हो जाता है। निशातपुरा स्टेशन का निर्माण यात्रियों की सुविधा और भोपाल के रेल नेटवर्क को मजबूत करने के उद्देश्य से किया गया था। स्टेशन का ढांचा पूरी तरह तैयार है और यहां यात्रियों के लिए जरूरी लगभग सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं। इसके बावजूद संचालन शुरू नहीं होने से यह स्टेशन पिछले 3 वर्षों से खाली पड़ा है।
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रेलवे ने क्या दी सफाई?
रेलवे का कहना है कि निशातपुरा रेलवे स्टेशन इसलिए अभी तक शुरू नहीं हो पाया है, क्योंकि यहां ट्रेनों के डिब्बों में तेजी से पानी भरने के लिए आधुनिक क्विक वाटरिंग सिस्टम लगाया जा रहा है। इसके अलावा भोपाल स्टेशन और निशातपुरा स्टेशन के बीच बेहतर आवाजाही के लिए राज्य सरकार के सहयोग से रोड ओवर ब्रिज (ROB) भी बनाया जा रहा है।
रेलवे का कहना है कि यात्रियों को स्टेशन तक आने-जाने में किसी तरह की दिक्कत न हो, इसलिए ROB के निशातपुरा वाले हिस्से का काम प्राथमिकता से कराया जा रहा है। रेलवे का लक्ष्य है कि ये सभी काम जल्द पूरे हो जाएं, ताकि निशातपुरा रेलवे स्टेशन को भी जल्द से जल्द चालू किया जा सके।
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'भूतिया स्टेशन' की बन गई पहचान
इस स्टेशन पर न कोई ट्रेन रुकती है, न कोई यात्री आता है और न ही रेलवे स्टाफ की नियमित आवाजाही रहती है। ऐसे में रात होते ही पूरा स्टेशन सुनसान हो जाता है, जिससे लोगों को यह जगह डरावनी लगने लगती है। कई लोग तो सिर्फ यह देखने पहुंचते हैं कि आखिर इस स्टेशन को 'भूतिया स्टेशन' क्यों कहा जाता है।