राजस्थान सरकार ने शुक्रवार को वरिष्ठ IAS अधिकारी शिखर अग्रवाल के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच का आदेश दे दिया है। आरोप है कि उन्होंने अपने सरकारी पद का गलत इस्तेमाल कर एक निजी होटल और रिसॉर्ट कंपनी को फायदा पहुंचाया। साथ ही, खुद और अपने परिवार के सदस्यों के नाम पर बाजार कीमत से काफी कम दाम में कई रिसॉर्ट विला खरीदे।
इस मामले में राजस्थान के भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने इस मामले में विस्तृत जांच शुरू कर दी है। जांच में IAS अधिकारी शिखर अग्रवाल, उनकी पत्नी और IPS अधिकारी प्रशाखा माथुर, उनके परिवार के सदस्यों और अनंता ब्रांड के तहत होटल और रिसॉर्ट चलाने वाली कंपनी गोयल फैशन्स प्राइवेट लिमिटेड के निदेशकों के बीच कथित संबंधों की जांच की जाएगी। इस मामले में राज्य सरकार ने शिखर अग्रवाल के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के तहत विस्तृत जांच के लिए मंजूरी दे दी है।
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क्या हैं आरोप, ACB करेगी जांच?
आरोप है कि शिखर अग्रवाल ने अपने अलग-अलग सरकारी पदों पर रहते हुए कंपनी को कई तरह की छूट और सुविधाएं दिलाईं। इनमें रिसॉर्ट बनाने के नियमों में छूट देना, जरूरी प्रमाणपत्रों की सही तरीके से जांच किए बिना मंजूरी देना और कंपनी को दूसरी रियायतें देना शामिल है। इसके बदले अधिकारी और उनके परिवार ने कंपनी के रिसॉर्ट में कई विला खरीदे।
ACB के महानिदेशक गोविंद गुप्ता के मुताबिक, सरकार ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 17A के तहत जांच की पहले से मंजूरी दे दी है। अब शिखर अग्रवाल, कंपनी के निदेशकों और इस मामले से जुड़े दूसरे लोगों की भूमिका की जांच होगी।
आरोप है कि अधिकारी ने कंपनी के निदेशकों के साथ मिलकर कथित साजिश रची। अपने सरकारी पद का इस्तेमाल करके उन्होंने खुद और कंपनी दोनों को फायदा पहुंचाया। इससे राज्य सरकार को आर्थिक नुकसान होने की आशंका है। इस जांच में शिखर अग्रवाल के उन कार्यकालों की भी पड़ताल की जा रही है।
परिवार के नाम पर 36 विला
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ACB की शुरुआती जांच में दोनों रिसॉर्ट में कुल 36 विला खरीदे जाने की जानकारी सामने आई है। आरोप है कि ये विला शिखर अग्रवाल, उनकी पत्नी और परिवार के दूसरे सदस्यों के नाम पर खरीदे गए। उदयपुर के बुजड़ा में 20 विला खरीदे गए। मार्च 2026 में हुई इन खरीद में 10 विला शिखर अग्रवाल के नाम पर और 10 उनकी पत्नी प्रशाखा माथुर के नाम पर दर्ज कराए गए। हर विला की कीमत करीब 15 लाख रुपये बताई गई है। इस हिसाब से इन 20 विला की कुल कीमत करीब 3 करोड़ रुपये होती है।
इसके अलावा अलवर के अजाबगढ़ में 16 विला खरीदे जाने का आरोप है। इनमें से 8 विला शिखर अग्रवाल और उनकी पत्नी के नाम पर हैं। दोनों के नाम पर 4-4 विला दर्ज होने की जानकारी है। इसके अलावा, 4 विला उनके दोनों बेटों के नाम पर और 4 विला उनके सास-ससुर के नाम पर खरीदे जाने की बात सामने आई है।
अजाबगढ़ में विला की कीमत करीब 15 लाख से 16.5 लाख रुपये के बीच बताई गई है। शिखर अग्रवाल और उनकी पत्नी के नाम पर दर्ज 8 विला में से प्रत्येक की कीमत करीब 16.5 लाख रुपये बताई गई है। वहीं, उनके बेटों के नाम पर खरीदे गए 4 विला की कीमत करीब 15 लाख रुपये प्रति विला बताई गई है। सास-ससुर के नाम पर दर्ज 4 विला की कीमत भी करीब 16.5 लाख रुपये प्रति विला बताई गई है।
इस तरह उदयपुर और अलवर के दोनों रिसॉर्ट में कुल 36 विला की खरीद की जांच की जा रही है। बताई गई कीमतों के आधार पर इन सभी विला की कुल कीमत करीब 5.52 करोड़ रुपये बैठती है।
कंपनी को सरकारी रियायत मिलने की भी जांच
इसके अलावा, मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 27 मार्च 2026 को वित्त विभाग ने गोयल फैशन्स प्राइवेट लिमिटेड को एक विशेष रियायती वित्तीय पैकेज दिया था। जांच एजेंसी इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि कंपनी को यह रियायत किन शर्तों पर दी गई और इसमें शिखर अग्रवाल की कोई भूमिका थी या नहीं। जांच में ऐसी जानकारी भी सामने आई है कि 20 विला की रजिस्ट्री कराई गई थी।