उत्तर प्रदेश के अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावा चोरी प्रकरण में पुलिस ने जांच पूरी करने के बाद बुधवार को जेल में बंद 8 आरोपियों के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी है। करीब 40 हजार पन्नों की इस चार्जशीट में पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ जुटाए गए साक्ष्यों और जांच के दौरान सामने आए तथ्यों को शामिल किया है। चार्जशीट दाखिल होने की जानकारी मिलते ही अधिवक्ताओं ने कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया, जिससे कोर्ट परिसर में गहमागहमी का माहौल बन गया।
अधिवक्ताओं का कहना है कि मामले में उनकी आपत्ति पहले सुनी जानी चाहिए थी और इसके बाद चार्जशीट दाखिल की जानी चाहिए थी। अधिवक्ताओं ने राम मंदिर ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय, डॉ. अनिल मिश्र और गोपाल राव के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग को लेकर पहले ही तहरीर दे रखी है।
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आठ आरोपियों के खिलाफ दाखिल हुई चार्जशीट
पुलिस की ओर से अदालत में दाखिल चार्जशीट में जेल में निरुद्ध रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू, सुभाष चंद्र श्रीवास्तव, अनुकल्प मिश्रा, रमाशंकर मिश्रा, मनीष कुमार यादव, अविनाश शुक्ला, लवकुश और करुणेश के खिलाफ आरोपों का उल्लेख किया गया है। जांच के शुरुआती दौर में करीब 79 लाख रुपये की बरामदगी सामने आई थी। इसके बाद पुलिस रिमांड में हुई पूछताछ और बरामदगी से जांच का दायरा बढ़ा।
पुलिस ने रकम के अलावा तीन-चार पहिया वाहन, बाइक, आभूषण और महत्वपूर्ण दस्तावेजों को भी जांच के दायरे में रखा। आरोपियों से कथित तौर पर रकम निकालने, छिपाने, बांटने और उसके इस्तेमाल से जुड़े पहलुओं पर पूछताछ की गई।
CCTV फुटेज से भी जोड़ी गईं घटनाएं
पुलिस ने राम मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को भी जांच में अहम आधार बनाया। शुरुआती जांच में 27 अप्रैल से पांच जून के बीच चढ़ावे की रकम को निकालने या छिपाने से जुड़ी कई संदिग्ध गतिविधियां सामने आने की बात कही गई थी। पुलिस ने इन फुटेज को आरोपियों के बयानों और बरामदगी से मिलाकर घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने का प्रयास किया। विवेचना में दर्ज आरोपियों के बयानों के मुताबिक, चढ़ावे की गणना के दौरान रकम निकालकर उसे मोजे आदि में छिपाने का तरीका अपनाए जाने की बात सामने आई। पुलिस ने इन बयानों की पुष्टि के लिए सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों का मिलान किया। अनुकल्प मिश्रा की गणना के दौरान की गतिविधियों को भी सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांचा गया।
विवेचना के दौरान राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े पूर्व पदाधिकारियों समेत मामले से संबंधित लोगों के बयान भी दर्ज किए गए। अब अदालत में दाखिल चार्जशीट में ट्रस्ट पदाधिकारियों और बैंककर्मियों की भूमिका को लेकर क्या तथ्य दर्ज किए गए हैं, इस पर भी नजर बनी हुई है।
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कोर्ट में बढ़ी गहमागहमी
बुधवार को चार्जशीट दाखिल होने के बाद अधिवक्ताओं ने कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया। उनका कहना है कि उनकी ओर से उठाई गई आपत्तियों पर पहले सुनवाई होनी चाहिए थी। इसी के चलते कोर्ट परिसर में काफी देर तक गहमागहमी की स्थिति बनी रही। अब करीब 40 हजार पन्नों की चार्जशीट अदालत में दाखिल हो चुकी है। आठ आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने जांच में जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर आरोपपत्र दाखिल किया है। मामले में आगे की न्यायिक प्रक्रिया अब अदालत में चलेगी।