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राम मंदिर चढ़ावा चोरी: चंपत राय से घंटों पूछताछ, बैंक से अहम रिकॉर्ड जब्त

राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मामले में पुलिस ने बंद कमरे में चंपत राय से कई घंटों पूछताछ करने के बाद बैंक से रिकार्ड जब्त किए है। मामले में बैंक अधिकारियों व अन्य से भी पूछताछ की जाएगी।

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चंपत राय से भी हुई पूछताछ, Photo Credit: ChatGPT

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अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में जांच अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचती दिखाई दे रही है। शुरुआती कार्रवाई में देरी और सवालों के बीच अब पुलिस और एसआईटी ने जांच की रफ्तार तेज कर दी है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय से बंद कमरे में कई घंटे तक पूछताछ कर उनका विस्तृत बयान दर्ज किया गया। पूछताछ का फोकस चढ़ावे की गिनती, उसकी सुरक्षा, बैंक में जमा करने की प्रक्रिया, आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की निगरानी और पूरे सिस्टम की जवाबदेही पर रहा।

 

दूसरी ओर पुलिस की एक टीम स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की अयोध्या धाम शाखा पहुंची और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि चढ़ावा चोरी कब से हो रही थी, किस स्तर तक लापरवाही या मिलीभगत रही और क्या पूरे नेटवर्क में सिर्फ कर्मचारी ही नहीं, बल्कि अन्य जिम्मेदारों की भी भूमिका थी। सूत्रों के मुताबिक, पुलिस ने चंपत राय से चढ़ावे की गिनती की व्यवस्था, सुरक्षा प्रोटोकॉल, बैंक में जमा करने की प्रक्रिया और निगरानी व्यवस्था को लेकर विस्तृत जानकारी ली। ट्रस्ट के अन्य पदाधिकारियों और कर्मचारियों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं, ताकि घटनाक्रम की पूरी शृंखला स्पष्ट हो सके।

 

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जांच के घेरे में बैंक रिकॉर्ड

जांच टीम स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की अयोध्या धाम शाखा पहुंची, जहां राम मंदिर का अधिकृत खाता संचालित होता है। यहां से चढ़ावे के जमा रिकॉर्ड, ड्यूटी रोस्टर और अन्य जरूरी दस्तावेज अपने कब्जे में लिए गए। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में छह आउटसोर्सिंग कर्मचारी इसी व्यवस्था से जुड़े बताए गए हैं, जिनकी जिम्मेदारी चढ़ावे की गिनती और बैंक में जमा कराने की थी।

 

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इस मामले में कार्रवाई की रफ्तार शुरू से ही सवालों के घेरे में रही है। पहले एफआईआर दर्ज होने में देरी हुई, फिर एसआईटी गठन और उसके बाद ट्रस्ट पदाधिकारियों के इस्तीफों को लेकर भी विवाद बना रहा। अब जांच एजेंसियां पूरे घटनाक्रम की टाइमलाइन तैयार कर यह भी पता लगा रही हैं कि कहीं किसी स्तर पर मामले को दबाने या कार्रवाई टालने की कोशिश तो नहीं हुई।

अब बैंक अधिकारियों और अन्य कर्मचारियों की बारी

सूत्रों के अनुसार, आने वाले दिनों में बैंक अधिकारियों, ट्रस्ट से जुड़े अन्य कर्मचारियों और चढ़ावा व्यवस्था से जुड़े लोगों से भी पूछताछ की जाएगी। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या चोरी की घटनाएं एक संगठित तरीके से लंबे समय से चल रही थीं या यह सीमित अवधि की घटना थी।

 

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11 जुलाई की बैठक पर टिकी निगाहें

ट्रस्ट की अगली बैठक 11 जुलाई को प्रस्तावित है। इस बैठक में चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफों सहित कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर फैसला हो सकता है। वहीं जांच एजेंसियों की अगली कार्रवाई और संभावित नए खुलासों पर भी सभी की नजरें टिकी हैं।

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