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राम मंदिर चढ़ावा चोरी: करोड़ों की फर्म, ट्रस्ट की गोपनीय दस्तावेज फाइल बरामद

राम मंदिर चढ़ावा केस में पुलिस ने रिमांड पर लिए टिन्नू से पूछताछ मे पत्नी के नाम संचालित फर्म व गोपनीय फाइल, बुलेट बाइक और आर्टिका कार बरामद की है। कई अन्य साक्ष्य भी मिले हैं।

BJP demands CBI probe for Ayodhya Ram Mandir fund row

अयोध्या का राम मंदिर, Photo Credit: ANI

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लखनऊ। राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच अब सिर्फ दानपात्र से रकम गायब होने तक सीमित नहीं रह गई है। पुलिस रिमांड पर लिए गए आरोपी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू और उसके भतीजे मनीष यादव से 39 घंटे चली मैराथन पूछताछ में ऐसे सुराग हाथ लगे हैं, जिन्होंने जांच की दिशा बदल दी है। टिन्नू की निशानदेही पर ट्रस्ट के गोपनीय दस्तावेजों से भरी फाइल बरामद हुई है, जबकि उसकी पत्नी के नाम संचालित करोड़ों रुपये के कारोबार वाली फर्म भी जांच के घेरे में आ गई है।

 

पुलिस को दोनों आरोपियों की निशानदेही पर वाहन भी मिले हैं। अब आर्थिक लेन-देन, ट्रस्ट से जुड़े दस्तावेज, जमीनों के रिकॉर्ड और पूरे नेटवर्क की गहन पड़ताल शुरू कर दी गई है। जांच एजेंसियों का मानना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में कई और बड़े खुलासे हो सकते हैं।

 

पत्नी के नाम बनी फर्म, करोड़ों का कारोबार

 

पूछताछ में सामने आया कि टिन्नू यादव की पत्नी पूनम देवी के नाम वर्ष 2023 में 'सौंदर्य कंस्ट्रक्शन' नाम से फर्म बनाई गई थी। जांच में पता चला कि पहले ही वर्ष फर्म को करीब 47 लाख रुपये के काम मिले। अगले वर्ष इसका टर्नओवर बढ़कर 1.39 करोड़ रुपये पहुंच गया, जबकि बाद में 1.03 करोड़ रुपये का कारोबार दर्शाया गया। दोनों वर्षों में क्रमशः 25 लाख और 18 लाख रुपये नकद जीएसटी जमा किए जाने की जानकारी भी सामने आई है। अब पुलिस यह पता लगा रही है कि फर्म को मिले ठेकों और आर्थिक लेन-देन का चढ़ावा चोरी से कोई संबंध तो नहीं है।

 

 

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टिन्नू की निशानदेही पर मिली ट्रस्ट की गोपनीय फाइल

 

रिमांड के दौरान पुलिस ने टिन्नू यादव की निशानदेही पर एक महत्वपूर्ण फाइल बरामद की। सूत्रों के मुताबिक फाइल में राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े कई गोपनीय दस्तावेज मिले हैं। इनमें मंदिर परिसर के लिए खरीदी गई जमीनों, मुआवजे और अन्य प्रशासनिक रिकॉर्ड का विवरण शामिल है।जांच अधिकारियों का कहना है कि इन दस्तावेजों से यह संकेत मिलता है कि ट्रस्ट में किसी आधिकारिक पद पर न होने के बावजूद टिन्नू की अंदरूनी सूचनाओं तक पहुंच थी। अब यह पता लगाया जा रहा है कि ये दस्तावेज उसके पास कैसे पहुंचे और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही।

 

39 घंटे तक चली पूछताछ, कई ठिकानों पर छापेमारी

 

रिमांड के दौरान पुलिस ने टिन्नू और मनीष यादव से लगातार 39 घंटे तक पूछताछ की। शनिवार देर रात करीब 2:30 बजे दोनों आरोपियों को लेकर पुलिस स्वर्गद्वार मोहल्ला और दुर्गापुरी स्थित हॉस्टल पहुंची, जहां तलाशी अभियान चलाया गया। पूछताछ के दौरान कई अहम जानकारियां और दस्तावेज जांच टीम के हाथ लगे हैं।

बुलेट और अर्टिगा कार भी बरामद

 

दोनों आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने एक बुलेट मोटरसाइकिल और एक अर्टिगा कार भी बरामद की है। सूत्रों के अनुसार कार्रवाई के दौरान कुछ नकदी मिलने की भी चर्चा है, हालांकि पुलिस ने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

 

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रिमांड खत्म, अब आर्थिक नेटवर्क पर फोकस

 

रविवार रात पुलिस रिमांड पूरी होने के बाद दोनों आरोपियों को दोबारा न्यायिक अभिरक्षा में भेजने की तैयारी की गई। वहीं जांच एजेंसियां बरामद दस्तावेजों, बैंक खातों, फर्म के वित्तीय रिकॉर्ड और डिजिटल साक्ष्यों की जांच तेज कर रही हैं। जांच अधिकारियों का मानना है कि बरामद फाइल, ट्रस्ट के गोपनीय दस्तावेज और करोड़ों रुपये के कारोबार वाली फर्म के सामने आने के बाद मामला और गंभीर हो गया है। अब जांच का फोकस केवल चढ़ावा चोरी नहीं, बल्कि पूरे आर्थिक नेटवर्क, ट्रस्ट से जुड़े संपर्कों और धन के प्रवाह पर केंद्रित है। आने वाले दिनों में इस मामले में कई और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।


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