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बरेली में कैसे रजिया बनीं गौरी? 4 साल की मोहब्बत के बाद तोताराम संग लिए 7 फेरे

यूपी के बरेली में चार साल से प्रेम प्रसंग में चल रही रजिया ने धर्म परिवर्तन कर गौरी बनकर तोताराम से शादी कर ली। उसने शादी के बाद परिवार पर खतरा होने की आशंका जताई है।

Bareilly inter religion marriage

रजिया से बनी गौरी व तोताराम, Photo Ctredit : Social Media

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चार साल पहले ईंट भट्ठे पर शुरू हुई रजिया और तोताराम की प्रेम कहानी 20 अगस्त को शादी के मुकाम तक पहुंच गई। परिवार के विरोध के बीच हरदोई की रजिया ने अपनी इच्छा से धर्म परिवर्तन कर गौरी देवी नाम अपनाया और बरेली में तोताराम के साथ हिंदू रीति-रिवाज से सात फेरे लिए। बरेली में एक ईंट भट्ठे पर काम करने के दौरान शुरू हुई दो कामगारों की दोस्ती चार साल बाद शादी के बंधन में बंध गई।

 

हरदोई के सांडीला क्षेत्र की रहने वाली रजिया और बरेली के फरीदपुर निवासी तोताराम ने 20 अगस्त को सुभाषनगर स्थित अगस्त्य मुनि आश्रम में हिंदू रीति-रिवाज से विवाह किया। विवाह से पहले आश्रम के आचार्य केके शंखधार ने दोनों के बालिग होने से जुड़े दस्तावेज देखे। विवाह से पहले रजिया का धर्म परिवर्तन कराया गया और उनका नया नाम गौरी देवी रखा गया। इसके बाद वैदिक रीति-रिवाज से दोनों ने सात फेरे लिए।

जयपुर के ईंट भट्ठे पर हुई थी पहली मुलाकात

रजिया और तोताराम करीब चार साल पहले राजस्थान के जयपुर जिले में एक ईंट भट्ठे पर काम करते थे। दोनों के परिवार भी मजदूरी के सिलसिले में वहां पहुंचे थे। इसी दौरान दोनों की मुलाकात हुई और पहले दोस्ती हो गई। बाद में दोनों ने एक-दूसरे के मोबाइल नंबर लिए और बातचीत का सिलसिला शुरू हुआ। धीरे-धीरे यह दोस्ती प्यार में बदल गई। दोनों ने साथ जिंदगी बिताने का फैसला कर लिया।

 

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परिवार रिश्ते के खिलाफ था

तोताराम के मुताबिक, उन्हें बाद में पता चला कि रजिया की हिंदू धर्म में भी आस्था है और वह भगवान शिव की पूजा करना चाहती हैं। हालांकि, रजिया के परिवार को उनका रिश्ता मंजूर नहीं था। इसके बाद दोनों ने परिवार से अलग होकर शादी करने का फैसला किया। 20 अगस्त को दोनों अगस्त्य मुनि आश्रम पहुंचे और आचार्य केके शंखधार को अपने रिश्ते के बारे में बताया। दोनों ने अपनी इच्छा से विवाह करने की बात कही।

धर्म परिवर्तन के बाद बनीं गौरी देवी

विवाह से पहले रजिया का धर्म परिवर्तन कराया गया। इसके बाद उनका नाम गौरी देवी रखा गया। रजिया ने कहा कि उन्होंने अपनी इच्छा से धर्म परिवर्तन किया है। उन्होंने खुद को भगवान शिव की भक्त बताते हुए कहा कि वह उनकी पूजा करती हैं। इसके बाद आश्रम में हिंदू रीति-रिवाज से तोताराम और गौरी का विवाह कराया गया। दोनों ने सात फेरे लेकर एक-दूसरे को जीवनसाथी स्वीकार किया।

 

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शादी के बाद परिवार से खतरे की आशंका

शादी के बाद गौरी ने अपने परिवार के कुछ लोगों से खतरे की आशंका जताई। उन्होंने कुछ लोगों के नाम भी बताए और सुरक्षा की मांग की। आचार्य केके शंखधार ने कहा कि नवविवाहित दंपती की सुरक्षा के लिए अधिकारियों से शिकायत कर आवश्यक मदद दिलाने का अनुरोध किया जाएगा।


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