बेगूसराय के मटिहानी से राजद विधायक बोगो सिंह बुधवार को अचानक जदयू कार्यालय पहुंच गए। उनकी गाड़ी पर राजद का झंडा लगा था, लेकिन गाड़ी सीधे जदयू दफ्तर के अंदर जाकर रुकी। जैसे ही बोगो सिंह बाहर निकले, वहां मौजूद नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच चर्चा तेज हो गई।
दरअसल, जदयू कार्यालय में उनकी मुलाकात बिहार सरकार में स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार से उनको मिलना था। कुछ ही मिनटों में यह खबर राजनीतिक गलियारों में फैल गई और सवाल उठने लगे कि क्या बोगो सिंह फिर से जदयू में वापसी की तैयारी में हैं, लेकिन बाहर निकलते ही बोगो सिंह ने इन अटकलों पर खुद ही विराम लगा दिया।
मंत्री से मिलने गया था, राजनीति ढूंढ़ना गलत
मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए बोगो सिंह ने साफ कहा कि उनकी मुलाकात का कोई राजनीतिक मतलब नहीं निकाला जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि पहले वह स्वास्थ्य मंत्री से उनके सरकारी कार्यालय में मिलने गए थे, लेकिन वहां मुलाकात नहीं हो सकी। बाद में जानकारी मिली कि मंत्री जदयू कार्यालय में जनता दरबार में मौजूद हैं, इसलिए वह सीधे वहीं पहुंच गए। उन्होंने कहा कि मैं किसी निगेटिव अप्रोच से नहीं आया हूं। मेरा मकसद सिर्फ अपने इलाके की स्वास्थ्य व्यवस्था की बदहाली को सामने रखना था।
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अस्पताल में इलाज नहीं, मवेशी बंध रहे हैं
बोगो सिंह ने स्वास्थ्य मंत्री के सामने अपने क्षेत्र की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था का मुद्दा जोरदार तरीके से उठाया। उन्होंने कहा कि मटिहानी प्रखंड के नया गांव में उनकी पत्नी द्वारा जमीन दान देकर छह बेड का अस्पताल बनवाया गया, लेकिन आज तक उसे सही तरीके से चालू नहीं किया गया। उन्होंने साम्हो प्रखंड के अस्पतालों की हालत पर भी सवाल उठाए। उनके मुताबिक कई अस्पतालों का उद्घाटन तो गया, लेकिन आज वहां ताले लटक रहे हैं और लोग परिसर में मवेशी बंधते हैं। बोगो सिंह ने तंज भरे अंदाज में कहा कि क्या यही सुशासन है? छह महीने से सरकार है, लेकिन अस्पतालों की हालत नहीं बदली।
तेजस्वी के सवाल का भी किया समर्थन
जब पत्रकारों ने उनसे पूछा कि राजद नेता तेजस्वी यादव लगातार सरकार की स्वास्थ्य व्यवस्था और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के स्वास्थ्य को लेकर सवाल उठाते रहे हैं तो बोगो सिंह ने कहा कि पार्टी की विचारधारा अलग हो सकती है, लेकिन स्वास्थ्य जैसे मुद्दों पर सवाल उठाना गलत नहीं है। उन्होंने कहा तेजस्वी यादव ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठाया है, मैं उसका स्वागत करता हूं। जनता को इलाज मिलना चाहिए, यही सबसे बड़ा मुद्दा है।
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मुलाकात से ज्यादा चर्चा ‘मैसेज’ की
हालांकि बोगो सिंह ने मुलाकात को पूरी तरह जनहित से जुड़ा बताया, लेकिन राजनीतिक जानकार इस घटनाक्रम को सामान्य मुलाकात मानने को तैयार नहीं हैं। राजद विधायक का सीधे जदयू कार्यालय पहुंचना और वहां मंत्री से लंबी बातचीत करना कई तरह के राजनीतिक संकेत दे रहा है। फिलहाल बोगो सिंह ने साफ कर दिया है कि उनकी प्राथमिकता राजनीति नहीं, बल्कि अपने क्षेत्र के अस्पतालों को चालू करवाना है, लेकिन बिहार की राजनीति में इस मुलाकात ने नई चर्चा जरूर छेड़ दी है।