बिहार की सियासत में एक बार फिर परिवार की लड़ाई सामने आई है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के साले और पूर्व सांसद साधू यादव ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव और बिहार के पूरे विपक्ष पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि बिहार में विपक्ष कमजोर है। अगर विपक्ष के पास पावर होती तो सड़क से लेकर सदन तक जनता की आवाज मजबूती से उठाई जाती लेकिन विपक्ष सिर्फ बयानबाजी कर रहा है और जमीन पर कुछ नहीं दिख रहा है।
साधू यादव ने बिहार में महिलाओं के साथ हो रही घटनाओं को लेकर राज्य सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, 'आए दिन महिलाओं के साथ बर्बरता की घटनाएं सामने आ रही हैं और ऐसी स्थिति पर सरकार को शर्म आनी चाहिए।' उन्होंने समस्तीपुर और जमुई की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा, 'ये घटनाएं बिहार को शर्मसार कर रही हैं। सरकार सिर्फ कानून के राज का दावा कर रही है लेकिन हकीकत कुछ और है।
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तेजस्वी पर विपक्ष को लेकर सवाल
साधू यादव ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, 'आज बिहार में जनता त्राहिमाम कर रही है। अपराध बढ़ रहा है, महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं और बेरोजगारी चरम पर है लेकिन विपक्ष की भूमिका कहीं नजर नहीं आ रही है।' उन्होंने इशारों-इशारों में तेजस्वी यादव पर निशाना साधते हुए कहा, 'नेता प्रतिपक्ष को सड़क पर उतरना चाहिए। विपक्ष कमजोर है। अगर विपक्ष के पास पावर और ताकत होती तो सड़क से लेकर सदन तक जनता की आवाज मजबूती से उठाई जाती। सरकार को घेरा जाता। आज विपक्ष सिर्फ ट्विटर और फेसबुक पर बयान दे रहा है। एसी कमरे में बैठकर ट्वीट करने से जनता की आवाज नहीं उठती। जनता के बीच जाना पड़ता है, लाठी खानी पड़ती है और संघर्ष करना पड़ता है। जब हम लोग विपक्ष में थे तो सड़क पर उतरते थे। सरकार की ईंट से ईंट बजा देते थे।'
उन्होंने कहा, 'आज का विपक्ष आरामतलब हो गया है। तेजस्वी को पूरे बिहार में घूम-घूमकर जनता से मिलना चाहिए। महिलाओं से मिलना चाहिए जिनके साथ बर्बरता हुई है लेकिन वह पटना में बैठे हैं।' साधू यादव ने बिहार में महिलाओं के साथ हो रही घटनाओं को लेकर सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, 'आए दिन महिलाओं के साथ बर्बरता की घटनाएं सामने आ रही हैं।' जमुई में छात्रा के साथ छेड़छाड़ और समस्तीपुर में युवती से बदसलूकी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, 'पटना से लेकर मुजफ्फरपुर तक बेटियां सुरक्षित नहीं हैं। ऐसी स्थिति पर सरकार को शर्म आनी चाहिए। सरकार का इकबाल खत्म हो गया है। पुलिस का भी डर खत्म हो गया है और अपराधी बेखौफ घूम रहे हैं।'
उन्होंने उन लोगों पर भी सवाल उठाया जो ऐसी घटनाओं को महज छिटपुट घटना बताते हैं। साधू यादव ने कहा, 'अगर कोई मंत्री या नेता बेटियों के साथ हो रही बर्बरता को छिटपुट घटना बताता है तो वह इंसान कहलाने लायक नहीं है। किसी की बेटी या बहन के साथ ऐसी घटना होने पर परिवार पर क्या बीतती है यह वही परिवार जानता है। ऐसी घटनाओं को छिटपुट बताने से अपराधियों को बढ़ावा मिलता है। अगर सरकार ऐसी घटनाओं को रोकने में असफल है तो जिम्मेदारी तय होनी चाहिए और इस्तीफा देना चाहिए। सरकार को मान लेना चाहिए कि वह फेल हो गई है।
सम्राट चौधरी
सुशासन की बात करते हैं लेकिन सुशासन कहीं दिखाई नहीं दे रहा है।'
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तेजस्वी की कार्यशैली पर उठाए सवाल
कई मुद्दों को लेकर साधू यादव ने तेजस्वी और विपक्ष की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा, 'लालू प्रसाद यादव के समय विपक्ष मजबूत था। सड़क से लेकर सदन तक लड़ाई होती थी। आज विपक्ष में वह धार नहीं दिख रही है। तेजस्वी युवा हैं और उनसे उम्मीद है लेकिन उन्हें और मेहनत करनी पड़ेगी। सिर्फ बयान देने से काम नहीं चलेगा।
साधू यादव ने कहा, 'बिहार की जनता बदलाव चाहती है। अगर विपक्ष इसी तरह कमजोर रहा तो जनता उसे भी माफ नहीं करेगी। जनता देख रही है कि कौन उसके लिए लड़ रहा है। विपक्ष को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। विधानसभा में हंगामा करने से कुछ नहीं होगा। जनता के बीच जाकर उनकी समस्याओं को उठाना होगा।' बता दें कि साधू यादव और लालू परिवार के बीच लंबे समय से खटपट चल रही है। साधू यादव अक्सर तेजस्वी यादव और तेज प्रताप यादव पर निशाना साधते रहे हैं। इस बार उन्होंने तेजस्वी की विपक्ष की भूमिका पर ही सवाल उठाया है।