बिहार के मुख्यमंत्री
सम्राट चौधरी
ने मुंगेर के हवेली खड़गपुर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान गंगा के पानी, पेंशन, सड़क और पर्यटन को लेकर कई बड़े ऐलान किए। उन्होंने कहा कि बिहार को जब जरूरत हो तब अपने हिस्से का गंगा का पानी मिल सके इसके लिए फरक्का जल समझौते में जरूरी प्रावधान शामिल कराने की कोशिश की जाएगी। मुख्यमंत्री ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन की राशि हर महीने की 10 तारीख को DBT के जरिए लाभार्थियों के खाते में भेजने की भी घोषणा की। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कई योजनाओं का शिलान्यास भी किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार समाज के हर वर्ग के पात्र लोगों को बिना किसी भेदभाव के सामाजिक सुरक्षा देने के लिए प्रतिबद्ध है। सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत लाभार्थियों को 1100 रुपये प्रतिमाह पेंशन दी जा रही है। उन्होंने कहा कि पेंशन की राशि समय पर लाभार्थियों के खाते में पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है। इसके लिए हर महीने की 10 तारीख पेंशन भुगतान के लिए तय की गई है। अब किसी को पेंशन के लिए दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और न ही किसी बिचौलिए की जरूरत होगी। पैसा सीधे लाभार्थियों के खाते में भेजा जाएगा।
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मुख्यमंत्री ने कहा, 'जो काम आपने दिया है उससे पीछे नहीं हटूंगा।' सरकार का लक्ष्य सिर्फ योजनाएं बनाना नहीं बल्कि उनका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। हर व्यक्ति मजबूत होगा तभी समाज मजबूत बनेगा और समाज मजबूत होगा तभी बिहार मजबूत बनेगा। विकास की असली पहचान तभी होगी जब उसका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचेगा।'
वन क्षेत्र के विकास पर जोर
मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय उच्च पथ संख्या 333 पर गंगटा से कोहबरवा मोड़ तक सड़क के चौड़ीकरण और मजबूतीकरण की परियोजना का शिलान्यास किया। यह काम किलोमीटर 28.340 (गंगटा) से किलोमीटर 38.340 (कोहबरवा मोड़) तक किया जाएगा। कार्यक्रम में उन्होंने रिमोट के जरिए शिलापट्ट का अनावरण कर परियोजना का शिलान्यास किया।
मुख्यमंत्री ने कहा, 'इस सड़क को बेहतर, सुरक्षित और सुगम बनाने का काम किया जाएगा। इससे मुंगेर, जमुई और आसपास के इलाकों में आने-जाने में आसानी होगी और विकास की गति भी तेज होगी। अगले साल सितंबर में इस सड़क का उद्घाटन कर दिया जाएगा। यह सड़क मुंगेर-जमुई वन क्षेत्र से होकर गुजरती है। ऐसे में इसके चौड़ीकरण से पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।'
मुख्यमंत्री ने मुंगेर-जमुई वन क्षेत्र को करीब 150 करोड़ रुपये की परियोजना के तहत विकसित करने का ऐलान किया। उन्होंने कहा, 'भीमबांध का ऐतिहासिक और प्राकृतिक महत्व है। यहां के जंगलों का विकास और सौंदर्यीकरण किया जाएगा। भीमबांध में अंतर्राष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं विकसित की जाएंगी। जंगल में ट्रैकिंग, होटल और दूसरी सुविधाएं विकसित कराई जाएंगी ताकि देश-विदेश से पर्यटक यहां आ सकें। इससे स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा और बिहार पर्यटन के नक्शे पर भी यह क्षेत्र और मजबूत होगा।'
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13 जिले बाढ़ से प्रभावित
बिहार में जल संकट और बाढ़ को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा, 'जल संसाधनों का बेहतर प्रबंधन जरूरी है। बिहार और झारखंड के बीच पिछले 25 वर्षों से लंबित जल विवाद को सुलझाने की दिशा में सरकार के प्रयासों और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के प्रयास से महत्वपूर्ण पहल हुई है। बक्सर से भागलपुर तक गंगा के पानी का बेहतर प्रबंधन जरूरी है। बिहार को जब जरूरत हो तब अपने हिस्से का पानी मिल सके इसके लिए फरक्का जल समझौते में जरूरी प्रावधान शामिल कराने की कोशिश की जाएगी।' उन्होंने फरक्का बैराज तक गंगा में जमा सिल्ट की समस्या के समाधान की जरूरत पर भी जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा, 'बिहार के 13 जिले बाढ़ से प्रभावित हैं और 30 लाख से ज्यादा आबादी बाढ़ की चपेट में आई है। सरकार की ओर से बाढ़ राहत का काम किया जा रहा है। बक्सर से लेकर भागलपुर तक गंगा नदी के पानी का बेहतर प्रबंधन करना जरूरी है। बक्सर से शुरू होकर भागलपुर में गंगा की धारा काफी चौड़ी हो जाती है। इसे ठीक करने की जरूरत है तभी बाढ़ से राहत मिल सकेगी।'
उन्होंने कहा, 'बांग्लादेश के साथ हुए समझौते के तहत बिहार को गंगा का पानी सिर्फ चार महीने जुलाई, अगस्त, सितंबर और अक्टूबर में ही मिल सकता है। बिहार के हित को ध्यान में रखते हुए जल संधि में बदलाव की जरूरत है ताकि पूरे साल गंगा के पानी का इस्तेमाल किया जा सके। इसी महीने तारापुर और हवेली खड़गपुर में कोर्ट शुरू हो जाएगा। इससे स्थानीय लोगों को न्याय के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा।'