उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जमकर नोकझोंक देखने को मिली। समाजवादी पार्टी (SP) के विधायकों ने कई मुद्दों को लेकर जोरदार हंगामा किया। इस दौरान SP विधायक राम मंदिर चंदे में गड़बड़ी का मुद्दा उठाते हुए नारेबाजी करने लगे। इस पर विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने भी तुरंत जवाब दिया। उन्होंने SP विधायकों का नाम लेते हुए कहा, कि अगर चंदा दिया हो तो उसकी रसीद लेकर आ जाओ।
आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश विधानसभा और विधान परिषद का मानसून सत्र 2026 3 अगस्त से 6 अगस्त तक चलेगा। इस दौरान अनुपूरक बजट, अध्यादेशों की जगह लाए जाने वाले विधेयकों और दूसरे जरूरी विधायी कामकाज पर चर्चा होगी। 4 अगस्त को सरकार अनुपूरक बजट पेश करेगी। वहीं, 5 और 6 अगस्त को सदन में लंबित और नए विधेयकों पर चर्चा के साथ विधायी कामकाज पर खास जोर रहेगा।
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सतीश महाना का पूरा बयान
उत्तर प्रदेश विधानसभा में विपक्षी विधायक चंदा चोर गद्दी छोड़ के नारे लगा रहे थे। इसी दौरान विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने जवाब देते हुए कहा, 'मुझे कितना अच्छा लग रहा है। कितना संतोष हो रहा है। शुहैब अंसारी साहब राम मंदिर की बात कर रहे हैं। अच्छा लग रहा है कि उमर अली भाई भी राम मंदिर की बात कर रहे हैं। मुझे और अच्छा लग रहा है कि शाहिद मंजूर साहब भी राम मंदिर की बात कर रहे हैं। इन्होंने शुरुआत से लेकर आखिर तक राम मंदिर का विरोध किया है। आप में से किसी ने चंदा दिया हो तो रसीद लेकर आ जाओ यहां। जरा देखें तो सही आपका कौन सा पैसा चोरी हुआ है। जितने खड़े हो यहां जरा रसीद लेकर आ जाओ।'
NEET
मुद्दे पर भी गरमाई बहस
SP विधायक अनिल प्रधान ने बहस के दौरान BJP कार्यालय को लेकर तंज कसा। इस पर सतीश महाना ने जवाब देते हुए कहा, 'अनिल प्रधान, जब मंदिर बना था तब तो तुम्हारा जन्म भी नहीं हुआ था।' इसके बाद विपक्ष ने NEET पेपर लीक का मुद्दा उठाया और आरोप लगाया कि पेपर BJP कार्यालय में मिलेगा। इस पर अध्यक्ष ने पलटवार करते हुए कहा, 'मैं बताता हूं कहां मिलेगा, भेष हटेगा तो जो देश की संसद के बाहर मिला था, वहीं मिलेगा।' इस बयान के बाद सदन में एक बार फिर हंगामा शुरू हो गया।
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सदन में लगातार नारेबाजी और विरोध प्रदर्शन के कारण कार्यवाही कई बार प्रभावित हुई। अध्यक्ष को बार-बार सदन में व्यवस्था बनाए रखने की अपील करनी पड़ी। आखिरकार SP विधायक सचिन यादव को पूरे सत्र के लिए निष्कासित करने का फैसला लिया गया।