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भीषण गर्मी और लू का कहर, UP और बिहार में बढ़ गईं स्कूल की छुट्टियां

यूपी और बिहार में भीषण गर्मी के कारण स्कूलों में छुट्टियां बढ़ा दी गई हैं और पटना में कक्षा 8 तक के बच्चों के लिए समय में बदलाव के कड़े नियम लागू किए गए हैं।

Extreme Heat

भीषण धूप, Photo Credit: PTI

उत्तर प्रदेश और बिहार में बहुत ज्यादा गर्मी और लू चल रही है जिसकी वजह से स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। उत्तर प्रदेश में बेसिक शिक्षा परिषद के तहत आने वाले स्कूलों में गर्मी की छुट्टियों को और आगे बढ़ा दिया गया है। वहीं बिहार के पटना में जिला प्रशासन ने बढ़ते तापमान और दोपहर की चिलचिलाती धूप को देखते हुए सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूलों, जिनमें प्री-स्कूल भी शामिल हैं के लिए 20 जून तक के लिए कड़े नियम और नए आदेश लागू किए हैं।  

 

उत्तर प्रदेश में पड़ रही चिलचिलाती धूप और गर्म हवाओं के कारण राज्य के बेसिक शिक्षा परिषद के तहत आने वाले सभी स्कूलों में गर्मियों की छुट्टियों को और ज्यादा बढ़ा दिया गया है। सरकार का मानना है कि इतनी तेज धूप में बच्चों का स्कूल जाना उनकी सेहत के लिए बिल्कुल भी ठीक नहीं है। 

 

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पटना के स्कूलों के लिए जारी हुए नए नियम

बिहार के पटना में भी गर्मी का बुरा हाल है, जिसे देखते हुए जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एसएम ने जिले के सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूलों के लिए नए निर्देश दिए हैं। ये सभी नियम 20 जून तक प्रभावी रहेंगे। पहली कक्षा से लेकर पांचवीं कक्षा तक के बच्चों के लिए स्कूल 20 जून तक पूरी तरह बंद रहेंगे और उनकी शैक्षणिक गतिविधियां नहीं होंगी। वहीं, छठी कक्षा से आठवीं कक्षा तक की पढ़ाई अब सुबह 10:30 बजे के बाद नहीं चलेगी। विद्यालय प्रबंधन को निर्देश दिया गया है कि वे अपने स्कूल की समय सारणी को इसी हिसाब से दोबारा सेट करें। प्रशासन का साफ कहना है कि बच्चों की सेहत सबसे जरूरी है इसलिए एहतियात के तौर पर ये कदम उठाए गए हैं।

शिक्षा बोर्ड की नई योजनाएं

पटना में स्कूलों के समय में बदलाव के साथ ही शिक्षा विभाग से जुड़ी कुछ और बड़ी जानकारी भी सामने आई है। बिहार संस्कृत शिक्षा बोर्ड ने अपने एक साल के काम की रिपोर्ट दी है जिसमें बोर्ड ने अपनी कई बड़ी उपलब्धियां बताई हैं। बोर्ड ने आने वाले समय में राज्य में 40 मॉडल संस्कृत विद्यालय बनाने की योजना तैयार की है।

 

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इसके अलावा, कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सबिलिटी (CSR) के तहत भारतीय खाद्य निगम (FCI) से लगभग दो करोड़ रुपये की मदद मिलने की प्रक्रिया चल रही है। इस पैसों से स्कूलों में आधुनिक कंप्यूटर लैब और अन्य जरूरी संसाधन विकसित किए जाएंगे। बोर्ड संस्कृत की पढ़ाई को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ावा देने के लिए एक ई-लर्निंग पोर्टल भी शुरू करने की तैयारी कर रहा है।

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