बेंगलुरु में एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी (ADA) के एक सीनियर वैज्ञानिक शरद कटियार की मौत का मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार, शुरुआती तौर पर मामला आत्महत्या का प्रतीत होता है। परिवार ने आरोप लगाया है कि काम के लगातार दबाव और मानसिक तनाव के कारण उनकी मानसिक सेहत पर बुरा असर पड़ा था। परिवार के मुताबिक, वह एक महीने से ज्यादा समय से काम से जुड़े तनाव का सामना कर रहे थे और इस वजह से उनकी परेशानी लगातार बढ़ रही थी।
पुलिस के अनुसार, यह घटना पिछले सप्ताह बेंगलुरु के सीगेहल्ली इलाके में स्थित एक आवासीय इमारत में हुई। घटना के बाद परिवार और आसपास के लोग उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस मामले ने एक बार फिर नौकरी के दबाव और कर्मचारियों की मानसिक सेहत को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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लगातार तनाव में थे
शरद कटियार बेंगलुरु स्थित एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी के प्रोग्रामिंग विभाग में वैज्ञानिक के तौर पर काम करते थे। वह भारत के हल्के लड़ाकू विमान (एलसीए) एमके-2 प्रोग्राम से भी जुड़े हुए थे। परिवार के अनुसार, पिछले एक महीने से अधिक समय से वह काम को लेकर काफी तनाव में थे। परिजनों ने पुलिस को बताया कि लगातार मानसिक दबाव का असर उनकी सेहत पर पड़ रहा था। उनकी स्थिति को देखते हुए उन्होंने प्राइवेट अस्पताल में एक्सपर्ट्स से सलाह भी ली थी।
परिवार ने क्या बताया?
परिवार का दावा है कि डॉक्टरों ने उन्हें डिप्रेसिव एपिसोड यानी ड्रिप्रेशन का शिकार बताया था। परिजनों के आरोप के मुताबिक, उनकी मानसिक स्थिति की जानकारी होने के बावजूद उन पर काम से जुड़ा दबाव बना रहा। 21 अक्टूबर को शरद कटियार ने बेंगलुरु के एक मशहूर मनोविज्ञान अस्पताल में जाकर डॉक्टरों से राय ली थी। परिवार के अनुसार, डॉक्टरों ने उन्हें दवाई भी दी थीं।
पुलिस ने क्या बताया?
पुलिस के मुताबिक, घटना शाम करीब 7 से 8 बजे के बीच हुई। शरद कटियार अपने घर वाली बिल्डिंग की चौथी और पांचवीं मंजिल के बीच बनी सीढ़ियों की जगह पर गए थे। इसी दौरान वह खिड़की से नीचे गिर गए, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। परिवार के सदस्यों और इमारत में मौजूद लोगों ने उन्हें तुरंत एक निजी अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
इस मामले में परिवार की शिकायत के आधार पर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 194 के तहत अप्राकृतिक मौत की रिपोर्ट दर्ज की गई है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना से पहले किन परिस्थितियों में उनकी मानसिक स्थिति प्रभावित हुई थी।
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कंपनी ने क्या कहा?
एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी ने काम के अत्यधिक दबाव को लेकर लगाए गए आरोपों पर जवाब दिया है। कंपनी के एक अधिकारी ने बताया कि शरद कटियार की ऐसी किसी परेशानी की जानकारी नहीं थी। उन्होंने बताया कि उन्होंने उनके कुछ सहकर्मियों से भी बात की, लेकिन उन्हें भी इस तरह की समस्या की जानकारी नहीं थी।