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शाहपुर में एंटी-चिट्टा वाकाथॉन, CM सुक्खू का नशामुक्त हिमाचल पर जोर

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शाहपुर दशहरा को राज्य स्तरीय दर्जा देने का एलान किया है। उन्होंने एंटी-चिट्टा वाकाथॉन को हरी झंडी दिखाकर नशे के नेटवर्क को तोड़ने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू, Photo Credit-DPR Shimla

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू, Photo Credit-DPR Shimla

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हिमाचल प्रदेश में चिट्टे के बढ़ते खतरे के खिलाफ जनजागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से कांगड़ा जिले के शाहपुर में एंटी-चिट्टा वाकाथॉन का आयोजन किया गया। इस दौरान मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शिमला से वर्चुअल माध्यम से लोगों को संबोधित किया और नशे के खिलाफ लड़ाई को जन आंदोलन बनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने शाहपुर दशहरा उत्सव को राज्य स्तरीय दर्जा देने की घोषणा भी की। इससे क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान और पारंपरिक उत्सव को नई पहचान मिलने की उम्मीद है।

 

मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि चिट्टा एक गंभीर सामाजिक समस्या है, जो व्यक्ति का जीवन बर्बाद करने के साथ उसके परिवार और पूरे समाज को प्रभावित करता है। इसका सबसे अधिक खतरा युवाओं के भविष्य पर पड़ता है। नशे की लत से उनकी शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक जीवन पर प्रतिकूल असर पड़ता है। उन्होंने कहा कि युवा देश और प्रदेश का भविष्य हैं। उन्हें नशे के चंगुल से बचाना केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति का सामूहिक दायित्व है। इस दिशा में अभिभावकों, शिक्षकों, सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों को मिलकर काम करना होगा।

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युवाओं को खेल और रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने पर जोर

मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से नशे के दुष्प्रभावों को समझने और अपने मित्रों सहित आसपास के लोगों को जागरूक करने का आग्रह किया। उन्होंने युवाओं को खेलकूद, शिक्षा और रचनात्मक गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रेरित किया, ताकि वे अपनी ऊर्जा सकारात्मक कार्यों में लगाकर स्वस्थ जीवन जी सकें। उन्होंने अभिभावकों और शिक्षकों से भी बच्चों के व्यवहार तथा गतिविधियों पर विशेष ध्यान देने की अपील की। मुख्यमंत्री ने कहा कि नशे के खिलाफ जागरूकता तभी प्रभावी होगी, जब परिवार, शिक्षण संस्थान और समाज मिलकर इस दिशा में प्रयास करेंगे।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार चिट्टे के अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने और नशा तस्करों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार का उद्देश्य नशे के नेटवर्क को ध्वस्त करने के साथ युवाओं को इसकी गिरफ्त में आने से बचाना भी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल कानून लागू करने तक सीमित नहीं रह सकती। इसके लिए समाज में जागरूकता बढ़ाना और नशामुक्त वातावरण तैयार करना भी जरूरी है। मुख्यमंत्री ने लोगों से नशे से संबंधित अवैध गतिविधियों की जानकारी संबंधित अधिकारियों को देने तथा अभियान में सक्रिय सहयोग करने की अपील की।

 

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शाहपुर दशहरा उत्सव को मिलेगा राज्य स्तरीय दर्जा

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने शाहपुर दशहरा उत्सव को राज्य स्तरीय दर्जा प्रदान करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इस निर्णय से क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं को प्रोत्साहन मिलेगा और शाहपुर की सांस्कृतिक पहचान को मजबूती मिलेगी। राज्य स्तरीय दर्जा मिलने से उत्सव को व्यापक पहचान दिलाने और इसकी पारंपरिक विरासत को आगे बढ़ाने का अवसर मिलेगा। मुख्यमंत्री की इस घोषणा को कार्यक्रम के दौरान एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा गया।

 

शाहपुर के दशहरा मैदान में मौजूद उपमुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने चिट्टे के उन्मूलन के लिए शाहपुर में चलाए जा रहे जनजागरूकता अभियान की जानकारी देते हुए कहा कि एंटी-चिट्टा वाकाथॉन भी इसी दिशा में किया गया प्रयास है। उन्होंने नशे के खिलाफ जनभागीदारी को महत्वपूर्ण बताते हुए अभियान में अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

सामूहिक प्रयासों से ही खत्म होगा चिट्टे का खतरा

इस अवसर पर महाधिवक्ता अनूप रतन ने कहा कि हिमाचल प्रदेश से चिट्टे के उन्मूलन के लिए जनजागरूकता और नागरिकों की सक्रिय भागीदारी बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि यह समस्या केवल प्रशासनिक कार्रवाई से पूरी तरह हल नहीं हो सकती। इसके लिए समाज के सभी वर्गों को मिलकर प्रयास करने होंगे।

उन्होंने लोगों से नशे के खिलाफ अभियान में सहयोग देने और युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए जागरूकता फैलाने का आह्वान किया। एंटी-चिट्टा वाकाथॉन में विभिन्न जनप्रतिनिधियों, विद्यार्थियों और स्थानीय लोगों ने भाग लिया। कार्यक्रम के माध्यम से नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूकता बढ़ाने और समाज को नशामुक्त बनाने का संदेश दिया गया।


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