logo

मूड

ट्रेंडिंग:

पति के इलाज के लिए बेटे की बोन मैरो जांच, मैच ना होने पर मां ने बताया रेप हुआ था

गुजरात के मोरबी में गंभीर बीमारी से पीड़ित एक व्यक्ति की बोन मैरो सर्जरी के लिए उनके बेटे का संभावित डोनर के लिए टेस्ट किया गया। इसके बाद एक हैरान कर देने वाला खुलासा हुआ।

AI Generated image

सांकेतिक तस्वीर, Photo Credit: AI

शेयर करें

google_follow_us

संबंधित खबरें

Advertisement

गुजरात के मोरबी में एक बीमार व्यक्ति की जान बचाने के लिए शुरू हुई मेडिकल जांच ने पांच साल पुराने कथित रेप के मामले का खुलासा कर दिया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, डॉक्टरों ने ब्लड कैंसर से जूझ रहे व्यक्ति के लिए बोन मैरो ट्रांसप्लांट की सलाह दी थी। इसके बाद डोनर की तलाश शुरू हुई और इसके लिए उसके बेटे का टेस्ट भी लिया गया। इसके बाद बाप और बेटे दोनों में जेनेटिक मिसमैच सामने आया, जिस पर प्रश्न उठे। इसके बाद मरीज की पत्नी ने उनके साथ 2020 में हुए रेप की जानकारी दी। फिलहाल पुलिस ने यह मामला दर्ज कर लिया है और जांच कर रही है। 

 

इस मामले में पीटीआई की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पुलिस ने मोरबी नगर पालिका की एक पूर्व बीजेपी पार्षद के पति के खिलाफ मामला दर्ज किया है। हालांकि, आरोपी की अभी तक गिरफ्तारी नहीं हुई है। इस पूरे मामले की चर्चा अब आसपास के इलाके में है। 

 

यह भी पढ़ें: राजकोट McDonald's में चूहों का आतंक, वीडियो वायरल होते ही एक्शन में निगम

क्या है मामला?

बच्चे और पिता के जेनेटिक मिसमैच के बाद मामले का खुलासा हुआ और महिला ने पूरी कहानी बताई। महिला ने अपनी शिकायत में बताया है कि वह आरोपी को महिलाओं के कपड़ों के कारोबार के सिलसिले में जानती थी। 2020 में उसने अपने पति के इलाज के लिए आरोपी से एक लाख रुपये उधार लिए थे। महिला ने बताया कि वह यह रकम वापिस नहीं कर पाई थी। 

 

शिकायत में बताया गया है कि आरोपी ने महिला की इस स्थिति का फायदा उठाया और उसके साथ यौन उत्पीड़न किया। मोरबी के डिप्टी सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस जेएम अल ने बताया कि  शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि एक लाख रुपये वापस नहीं कर पाने के बाद आरोपी ने 2020 में उसके साथ बार-बार दुष्कर्म किया।

बाप को लेकर उठे सवाल

यह मामला कई साल बाद तब सामने आया जब महिला के पति के इलाज के लिए बोन मैरो ट्रांसप्लांट के लिए डॉक्टरों ने प्रक्रिया शुरू की। ब्लड कैंसर के इलाज में स्टेम सेल ट्रांसप्लांट की जरूरत पड़ सकती है। ऐसे मामलों में परिवार के किसी सदस्य को संभावित डोनर के तौर पर जांचा जा सकता है, लेकिन इसके लिए डोनर और मरीज के बीच समानताएं होनी चाहिए। इस मामले में डॉक्टरों ने मरीज के बेटे की मेडिकल जांच की। इसके बाद मामले में हैरान कर देने वाला खुलासा हुआ। 

 

पिता और बेटे के बीच जेनेटिक मिसमैच सामने आया और इसके बाद बच्चे के पिता को लेकर सवाल खड़े हुए। पुलिस के अनुसार, जब मेडिकल जांच से यह सवाल पैदा हुआ कि शिकायतकर्ता का पति बच्चे का जैविक पिता नहीं है, तब महिला ने अपने पति को 2020 की कथित घटना के बारे में बताया। इसके बाद उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

 

यह भी पढ़ें: BJP ने देशभर में प्रभारी बदले, स्मृति ईरानी को मिला दो राज्यों का जिम्मा

जांच में जुटी पुलिस 

इस मामले के खुलासे के बाद महिला ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवा दी  है। पुलिस ने बताया कि शिकायत दर्ज कराने में हुई देरी का संबंध उसके पति के इलाज से जुड़ी परिस्थितियों से था। अब पुलिस मामले में मेडिकल जांच आगे बढ़ा रही है। डिप्टी एसपी जेएम आल ने बताया कि पुलिस DNA टेस्ट कराने की योजना बना रही है और इसके लिए कोर्ट से अनुमति मांगी जाएगी। पुलिस का कहना है कि शिकायत के आधार पर अन्य सबूत भी जुटाए जा रहे हैं। फिलहाल इस मामले में आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है और पुलिस मामले की जांच कर रही है। 

Related Topic:#Gujrat

और पढ़ें