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'शॉर्ट्स पहनना छेड़खानी को उकसाता है...', VC के बयान पर जोरदार हंगामा

लड़कियों के शॉर्ट्स पहनने को लेकर बयान देने वाले वाइस चांसलर डॉ. नागराज के बयान पर तमिलनाडु की नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी में गुरुवार को खूब हंगामा हुआ।

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कैंपस में हुआ प्रदर्शन, Photo Credit: Social Media

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तमिलनाडु की नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी (TNNLU) इन दिनों चर्चा में है। चर्चा का कारण यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर डॉ. नागराज का एक बयान है। डॉ. वी नागराज ने कहा था कि लड़कियों का शॉर्ट्स पहनना यौन उत्पीनड़न और छेड़खानी को उकसाता है। उनके इस बयान के बाद स्टू़डेंट्स ने शॉर्ट्स पहनकर प्रदर्शन किया है और मांग उठाई कि वाइस चांसलर इस बयान के लिए माफी मांगें। इतना ही नहीं, छात्रों के विरोध के बाद एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह भी कह दिया कि वाइस चांसलर ने बस एक 'पिता तुल्य सलाह' दी थी। बाद में वी नागराज ने कहा है कि उनके बयान को गलत संदर्भ में लिया गया।

 

TNNLU के एक सूत्र ने कुलपति की टिप्पणी को 'पिता तुल्य सलाह बताया और कहा कि यह संस्थान की प्रतिष्ठा के हित में दी गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, प्रोफेसर नागराज पहले भी इस तरह के बयान दे चुके हैं। स्टूडेंट्स का कहना है कि इस बार उन्होंने बिना किसी वजह के ही ऐसा बयान दिया। स्टूडेंट्स ने यह भी बताया कि प्रोफेसर नागराज ने यह भी कहा कि उन्हें अपने पुराने बयानों पर गर्व है।

 

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इसके विरोध में गुरुवार को तमाम छात्र अपने हाथ में तख्तियां लेकर यूनिवर्सिटी के एडमिन ब्लॉक सामने धरने पर बैठ गए थे। इन छात्रों ने कुलपति के बयान की निंदा की और उनकी खूब आलोचना करते हुए नारेबाजी भी की। रोचक बात है कि प्रदर्शन कर रहे छात्र और छात्राओं शॉर्ट्स पहनकर ही पहुंचे थे।

कहां से शुरू हुआ विवाद?
 

डॉ. नागराज ने 15 अप्रैल को कक्षा प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए कथित तौर पर टिप्पणी की थी, 'शॉर्ट्स पहनने वाली लड़कियां यौन उत्पीड़न के लिए उकसाती हैं और अन्य छात्रों और टीचर्स का ध्यान भटकाती हैं।' उनके इस कॉमेंट से विवाद खड़ा हो गया है और छात्रों ने गुरुवार रात को कुलपति के खिलाफ कैंपस में विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने तख्तियां पकड़ी हुई थीं जिन पर लिखा था, 'कपड़ों को नहीं, मानसिकता को दोष दें।' यूनिवर्सिटी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने तनाव को कम करने के उद्देश्य से इसे 'पिता तुल्य सलाह' बताया।

 

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बाद में, नागराज ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि उनके बयान को गलत संदर्भ में लिया गया था। उन्होंने कहा, ‘मैं एडमिशन प्रोसेस और हमारे विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा के बारे में बात कर रहा था और छात्रों से इसे बढ़ावा देने का आग्रह कर रहा था। मैंने यह बयान इसी संदर्भ में दिया था। मेरी निजी राय में अगर आप संस्थान की प्रतिष्ठा में सुधार करना चाहते हैं तो शालीन पहनावा एक फैक्टर हो सकता है।’ उन्होंने विवाद खड़ा करने वाली टिप्पणी के बारे में किसी भी सवाल का जवाब देने से इनकार कर दिया।

 

 


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