उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में शुक्रवार शाम एक ऐसी घटना सामने आई, जिसने पूरे पुलिस महकमे को झकझोर कर रख दिया। गाजीपुर थाने की सर्वोदय नगर चौकी में तैनात उपनिरीक्षक अजय ठाकुर (36) का शव उनकी कार के अंदर संदिग्ध परिस्थितियों में मिलने से सनसनी फैल गई। कार मोहान रोड स्थित जनपद प्लाजा के सामने सड़क किनारे खड़ी मिली।
सूचना मिलते ही पारा थाना पुलिस, गाजीपुर थाना पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मौत की असली वजह जानने के लिए फॉरेंसिक टीम को जांच में लगाया गया है। फिलहाल पुलिस किसी भी संभावना से इनकार नहीं कर रही है।
संदिग्ध हालत में खड़ी थी कार, दरवाजा खोलते ही मिला शव
जानकारी के मुताबिक, मोहान रोड पर काफी देर से एक कार संदिग्ध अवस्था में खड़ी होने की सूचना पुलिस को मिली थी। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने जब कार का दरवाजा खोला तो अंदर उपनिरीक्षक अजय ठाकुर मृत अवस्था में मिले। इसके बाद पूरे इलाके को घेरकर घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया गया। फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने कार के अंदर और आसपास से कई अहम साक्ष्य जुटाए, जबकि वाहन को सील कर जांच के लिए कब्जे में ले लिया गया।
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कार के अंदर शराब की बोतलें मिलने से बढ़ा रहस्य
जांच के दौरान पुलिस को कार के भीतर शराब की बोतलें भी मिली हैं। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि केवल शराब की बोतलें मिलने के आधार पर किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा जा सकता। यह पता लगाया जा रहा है कि घटना से पहले उपनिरीक्षक अकेले थे या उनके साथ कोई और भी मौजूद था। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि शराब का सेवन मौत की वजह से जुड़ा है या नहीं।एसीपी शकील अहमद ने बताया कि प्रथम दृष्टया मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, विसरा जांच और फॉरेंसिक रिपोर्ट मिलने के बाद ही वास्तविक कारण सामने आएगा। पुलिस वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी और किसी भी संभावना को नजरअंदाज नहीं किया जा रहा है।
आत्महत्या, हादसा या साजिश? हर पहलू की पड़ताल
पारा थाना पुलिस इस मामले में आत्महत्या, दुर्घटनावश मौत, स्वास्थ्य संबंधी कारणों और किसी आपराधिक साजिश समेत सभी संभावित पहलुओं पर जांच कर रही है। मृतक के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल, अंतिम लोकेशन, दिनभर की गतिविधियों और घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि कार वहां कब से खड़ी थी और सबसे पहले उसे किसने देखा।
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परिजनों को सूचना, पुलिस महकमे में शोक
घटना की जानकारी मिलते ही अजय ठाकुर के परिजनों को सूचित कर दिया गया। वहीं एक ड्यूटी पर तैनात उपनिरीक्षक की इस तरह संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से पुलिस विभाग में शोक की लहर है। वरिष्ठ अधिकारियों ने मामले की निष्पक्ष और गहन जांच के निर्देश दिए हैं।पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अभी किसी भी तरह का निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक जांच, विसरा रिपोर्ट और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर ही मौत की वास्तविक वजह सामने आएगी। फिलहाल यह मामला राजधानी की सबसे चर्चित घटनाओं में शामिल हो गया है और पुलिस हर एंगल से इसकी गहन जांच कर रही है।