जम्मू-कश्मीर में कैबिनेट में बदलाव के बाद नेशनल कॉन्फ्रेंस पार्टी के कई विधायक नाराज चल रहे हैं, जिसे लेकर कई विधायकों ने शुक्रवार को एक बैठक की थी। इस बीच श्रीनगर के सांसद आगा सैयद रुहुल्लाह मेहदी ने पार्टी और पद से इस्तीफा देने का ऐलान किया। इस ऐलान के साथ उन्होंने आरोप लगाया कि उमर अब्दुल्ला ने राज्य में अनुच्छेद 370 की बहाली का वादा किया था, इसी वादे के आधार पर पार्टी जीती थी। अब इस वादे को पूरा नहीं किया गया। इस वजह से सांसद आगा सैयद रुहुल्लाह मेहदी ने इस्तीफा देने का फैसला लिया है। वह 3 नवंबर को इस्तीफा देंगे।
3 नवंबर को आगा सैयद रुहुल्लाह मेहदी के पिता की पुण्यतिथि है। इसी दिन आगा सैयद रुहुल्लाह ने इस्तीफा देने का फैसला लिया है। इस घोषणा से मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला को झटका लगा है। उन्होंने उमर अब्दुल्ला की पार्टी पर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार ने चुनाव जीतने से पहले कुछ वादे किए थे। सरकार बनने के बाद उन वादों को पूरा नहीं किया गया, जिस वजह से आगा सैयद रुहुल्लाह नाखुश हैं।
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पार्टी में फैला असंतोष
आगा सैयद रुहुल्लाह ने ऐसे समय में इस्तीफा देने का फैसला लिया है, जब पार्टी के कई विधायक मंत्रिमंडल में बदलाव को लेकर नाराज हैं। शुक्रवार को ही पार्टी के विधायकों के बीच बैठक हुई थी। इसके बाद श्रीनगर के सांसद सैयद रुहुल्लाह ने एक्स पर जम्मू-कश्मीर सरकार पर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि सरकार ने लोगों को धोखा दिया है। साथ ही आगा सैयद रुहुल्लाह ने दावा किया कि युवराज जम्मू-कश्मीर को अपनी जागीर समझते हैं और चाहते हैं कि लोग उन्हें वोट दें, जिसके बाद लोग अपनी हद में रहें।
सरकार ने वादा पूरा नहीं किया
आगा सैयद रुहुल्लाह ने एक्स पर सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा, 'वे हमें बेवकूफ समझते हैं, जो एक टूटे हुए वादे और राजनीतिक मजबूरी के बीच का फर्क नहीं समझ सकते। जब उनसे अपना ही घोषणापत्र लागू करने के लिए कहा जाता है, तो वे हमें 'रियलपॉलिटिक' का पाठ पढ़ाने लगते हैं। हमने अनुच्छेद 370 को बहाल करने का वादा किया था। उन्होंने इन्हीं वादों के दम पर चुनाव जीता था। फिर जब वादों को निभाने की बारी आई, तो हमें ही बेवकूफ समझने लगे।'
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इस बयान के जरिए रुहुल्लाह ने जाहिर किया कि पार्टी अपने मूल विचारों से भटक गई है। साथ ही अनुच्छेद 370 की बहाली के वादे से पीछे हट गई है। इस वजह से वह पार्टी और सांसद पद छोड़ने वाले हैं।