तमिलनाडु की सियासत एक बार फिर से महिला के इर्द-गिर्द घूमने लगी है। इस बार मुख्यमंत्री
जोसेफ विजय
की मां को लेकर भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष ने बयान दिया है, जिसपर विवाद हो गया है। सीएम विजय की पार्टी TVK ने बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया दी है।
दरअसल, 15 अगस्त यानी शनिवार को नैनार नागेंद्रन ने मुख्यमंत्री विजय की मां के बारे में कमेंट करके सियासी विवाद खड़ा कर दिया। उन्होंने चेन्नई में बीजेपी राज्य कार्यालय में विजय के हालिया सियासी बयानों का जवाब देते हुए उन पर निशाना साधा।
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नागेंद्रन ने कहा क्या है?
इसी दौरान नागेंद्रन ने कहा, 'जब लोग घर में पिता को ढूंढते हैं और उन्हें नहीं पाते, तो उन्हें घर पर मां से पूछना चाहिए कि पिता कौन है।' बता दें कि इससे पहले डीएमके नेता उदयनिधि स्टालिन ने अभिनेत्री त्रिशा कृष्णन को लेकर विवादित बयान दिया था, जिसके बाद उन्हें हिरासत में लिया गया था।
इस कमेंट की पॉलिटिकल नेताओं ने कड़ी आलोचना की, जिन्होंने BJP स्टेट चीफ पर पॉलिटिकल बातचीत की हदें पार करने और अपमानजनक पर्सनल कमेंट करने का आरोप लगाया। नागेंद्रन के इस बयान को लेकर तमिलनाडु के DGP ऑफिस में शिकायत दर्ज कराई गई है।
मालमा क्या है?
नागेंद्रन ने यह विवादित बयान सीएम विजय द्वारा विधानसभा चुनाव में दौरान डीएमके की हार के बाद एमके स्टालिन के पिता पर दिए बयान को लेकर दिया। वहीं, नागेंद्रन के बयान का जवाब देते हुए मंत्री ए राजमोहन ने उनके बयान की निंदा करते हुए असभ्य और गलत बताया। राजमोहन ने कहा कि विजय ने अपने साथियों को सलाह दी थी कि उकसावे या निजी हमलों का सामना करने पर भी राजनीति में तहजीब बनाए रखें।
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अन्नामलाई ने आड़े हाथों लिया
तमिलनाडु बीजेपी अध्यक्ष पूर्व अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने भी नागेंद्रन की आलोचना करते हुए कहा कि राज्य बीजेपी प्रमुख ने राजनीतिक तमीज और तहजीब की हदें पार कर दी हैं। अन्नामलाई ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि यह बहुत निंदनीय है कि राजनीतिक भाषण तमिलनाडु के राजनीतिक क्षेत्र को अश्लील बना रहे हैं।
उन्होंने कहा कि राजनीतिक मतभेद और सरकारी नीतियों की आलोचना लोकतांत्रिक राजनीति का हिस्सा है, लेकिन किसी नेता के परिवार के सदस्यों, खासकर उनकी मां को निशाना बनाना मंजूर नहीं है। अन्नामलाई ने ऐसी बातों को घटिया की राजनीति बताया और कहा कि तमिलनाडु की युवा पीढ़ी में इस तरह के व्यवहार को बढ़ावा नहीं दिया जाना चाहिए।