नेपाल में बुधवार को अचानक आई भीषण बाढ़ के बाद वहां अभी भी कई लोगों के फंसे होने की आशंका है और इनमें कई विदेशी भी हैं। केंद्र सरकार और राज्य सरकारें अपने-अपने स्तर पर भारतीयों को नेपाल से निकालने की कोशिश कर रही हैं। इस आपदा में फंसे तमिलनाडु के 103 तीर्थयात्रियों को सुरक्षित वापस लाने के लिए राज्य सरकार ने भी रेस्क्यू ऑपरेशन तेज कर दिया है। मुख्यमंत्री सी.
जोसेफ विजय
ने हालात की समीक्षा की और एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी के नेतृत्व में खास टीम को काठमांडू भेजने का फैसला किया। सरकार की कोशिश है कि नेपाल प्रशासन और भारतीय दूतावास के साथ मिलकर सभी यात्रियों को जल्द से जल्द सुरक्षित निकाला जाए।
नेपाल में अचानक आई बाढ़ के कारण कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए तमिलनाडु के कई यात्री रास्ते में फंस गए हैं। सरकार के मुताबिक, करीब 103 तमिल तीर्थयात्रियों के प्रभावित होने की जानकारी मिली है। इनमें से कुछ यात्रियों से संपर्क हो चुका है और उनकी सुरक्षित होने की जानकारी मिली है, जबकि बाकी लोगों की लोकेशन का पता लगाने की कोशिश जारी है। सरकार लगातार यात्रियों के परिवारों के संपर्क में भी है।
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काठमांडू भेजी गई खास टीम
मुख्यमंत्री विजय ने एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी के नेतृत्व में अधिकारियों की टीम को काठमांडू भेजने का निर्देश दिया है। यह टीम नेपाल पहुंचकर स्थानीय प्रशासन और भारतीय अधिकारियों के साथ मिलकर फंसे हुए यात्रियों की जानकारी जुटाएगी। इसके बाद उन्हें सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने और भारत वापस लाने की व्यवस्था की जाएगी। जिन यात्रियों को एयरलिफ्ट करने की जरूरत होगी, उनके लिए भी संबंधित एजेंसियों से संपर्क किया जा रहा है।
दिल्ली में मंत्री संभालेंगे मोर्चा
रेस्क्यू ऑपरेशन में केंद्र सरकार के साथ बेहतर तालमेल के लिए मुख्यमंत्री ने चार मंत्रियों को दिल्ली में मौजूद रहने का निर्देश दिया है। ये मंत्री केंद्र सरकार के संबंधित मंत्रालयों और अधिकारियों के संपर्क में रहेंगे। उनका काम रेस्क्यू से जुड़ी जानकारी लगातार लेना और जरूरत पड़ने पर केंद्र से तत्काल मदद उपलब्ध कराना होगा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि यात्रियों की सुरक्षित वापसी में किसी तरह की देरी नहीं होनी चाहिए। सरकार का कहना है कि इस समय सबसे बड़ी प्राथमिकता यात्रियों की जान बचाना और उन्हें सुरक्षित जगह तक पहुंचाना है।
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नेपाल में बिगड़े हालात
दरअसल, नेपाल के रसुवा जिले में अचानक बाढ़ की स्थिति पैदा हुई है। यह इलाका नेपाल-तिब्बत सीमा के पास है और कैलाश मानसरोवर यात्रा के रास्ते में आता है। बाढ़ के कारण कई सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त हो गए हैं। इसके चलते राहत और बचाव टीमों के लिए प्रभावित इलाकों तक पहुंचना मुश्किल हो रहा है। बाढ़ के कारण नेपाल में कई जगहों पर संपर्क व्यवस्था भी प्रभावित हुई है। ऐसे में अलग-अलग इलाकों में फंसे भारतीय नागरिकों से संपर्क करने और उनकी सही लोकेशन पता लगाने में दिक्कत आ रही है।
नेपाल में फंसे यात्रियों के परिवार लगातार सरकार से जानकारी मांग रहे हैं। कई परिवारों को अपने रिश्तेदारों से संपर्क नहीं हो पाने के कारण चिंता बढ़ गई है। तमिलनाडु सरकार ने भरोसा दिलाया है कि वह भारतीय दूतावास और नेपाल प्रशासन के संपर्क में है और हर यात्री की जानकारी जुटाने की कोशिश की जा रही है।