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'नीतीश कुमार भी खाली करें घर', राबड़ी देवी को मिले नोटिस पर भड़के तेज प्रताप

बिहार में राबड़ी देवी को सरकारी बंगला खाली करने का नोटिस मिलने पर राजनीतिक विवाद शुरू हो गया है। इसके बाद तेज प्रताप यादव ने नीतीश कुमार को भी अपना बंगला खाली करने की चुनौती दी है।

Tej Pratap Yadav

तेज प्रताप यादव, Photo Credit: PTI

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बिहार की राजनीति में इन दिनों 10 सर्कुलर रोड स्थित पूर्व मुख्यमंत्री आवास को लेकर घमासान मचा हुआ है। भवन निर्माण विभाग की ओर से पूर्व मुख्यमंत्री और विधान परिषद सदस्य राबड़ी देवी को बंगला खाली करने का नोटिस भेजे जाने के बाद सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। अब इस विवाद में लालू परिवार के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव भी खुलकर मैदान में उतर आए हैं। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि नियमों की बात हो रही है तो सबसे पहले पूर्व मुख्यमंत्री के तौर पर नीतीश कुमार को अपना सरकारी आवास खाली करना चाहिए। तेज प्रताप ने दो टूक कहा कि जब पूर्व मुख्यमंत्री अपना आवास छोड़ देंगे, तब राबड़ी देवी भी बंगला खाली कर देंगी। सरकार उन्हें भी 15 दिन का नोटिस भेजे।

 

सरकार की ओर से जारी नोटिस के बाद यह मुद्दा अब केवल आवास आवंटन तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि राजनीतिक प्रतिष्ठा और अधिकारों की लड़ाई का रूप लेता जा रहा है। विपक्ष इसे राजनीतिक प्रतिशोध बता रहा है, जबकि सरकार नियमों के पालन की बात कर रही है। इस बीच लालू प्रसाद की बेटी रोहिणी आचार्य ने भी सोशल मीडिया के जरिए सरकार पर हमला बोला था। उनके बयान के बाद यह विवाद और ज्यादा चर्चा में आ गया।

 

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राबड़ी देवी को मिला नया बंगला

सरकार ने राबड़ी देवी के लिए 39 हार्डिंग रोड पर एक नया सरकारी बंगला तय किया है। अधिकारियों का कहना है कि यह दो मंजिला बंगला बहुत बड़ा है और इसमें सभी आधुनिक सुविधाएं मौजूद हैं। इस बंगले में छह बड़े कमरे, मीटिंग और कॉन्फ्रेंस के लिए हॉल, ऑफिस, बड़ा बगीचा, सुरक्षाकर्मियों के रहने की जगह और पालतू जानवरों के लिए भी खास इंतजाम है। सरकार का कहना है कि यह नया घर नियमों के तहत ही दिया गया है।

 

नोटिस मिलने के बाद राबड़ी देवी ने सरकार को सीधी चुनौती दी है। उन्होंने कहा है कि सरकार चाहे तो पुलिस बुला ले लेकिन वह किसी भी कीमत पर इस बंगले को खाली नहीं करेंगी। राबड़ी देवी के इस बयान के बाद बिहार का राजनीतिक माहौल और ज्यादा गर्म हो गया है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह मामला आने वाले दिनों में और बड़ा रूप ले सकता है।

दलित कार्ड की एंट्री

सरकार ने 10 सर्कुलर रोड वाला यह बंगला बिहार सरकार के मंत्री नंदकिशोर राम को दिया है। नंदकिशोर राम ने कहा कि उनके पास पटना में रहने के लिए कोई सरकारी घर नहीं है इसलिए नियमों के अनुसार उन्हें यह बंगला मिला है। राबड़ी देवी के विरोध पर उन्होंने कहा कि शायद उनका दलित होना ही उनके लिए परेशानी बन गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक दलित मंत्री को घर मिलने का विरोध किया जा रहा है।

 

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10 सर्कुलर रोड का यह बंगला कई सालों से राष्ट्रीय जनता दल (RJD) और लालू परिवार की राजनीति का मुख्य केंद्र रहा है। यही कारण है कि इस बंगले को खाली कराने की कोशिश को अब सिर्फ एक प्रशासनिक काम नहीं माना जा रहा है बल्कि यह सम्मान की लड़ाई बन चुका है। एक तरफ सरकार नियमों की बात कह रही है तो दूसरी तरफ आरजेडी इसे बदले की राजनीति बता रही है। 


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