लद्दाख की खूबसूरत वादियों और पैंगोंग झील को देखने के लिए हर साल लाखों की तादाद में लोग घूमने के लिए जाते हैं। मगर, इन्हीं सैलानियों में से कुछ शांत तो कुछ हुड़दंगी किस्म के होते हैं, जो लद्दाख की वादियों में हुड़दंग मचाने और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने का काम करते हैं। ऐसा ही एक ताजा मामला लद्दाख से सामने आया है। यहां हुड़दंगियों ने पैंगोंग झील के पानी में रील्स बनाने के चक्कर में महेंद्रा थार दौड़ा दी। चार लोगों के खिलाफ वाइल्डलाइफ सेंचुरी के शांत माहौल में कार से बेजुबान जानवरों को डराने का आरोप लगा है।
लद्दाख में पहली बार आए इस तरह के मामले में प्रशासन ने पैंगोंग झील और दूसरे सुरक्षित वाइल्डलाइफ एरिया में गैर-कानूनी ऑफ-रोडिंग करने वाले पर्यटक के खिलाफ कार्रवाई की है। इसके अलावा प्रशासन ने पर्यटकों के खिलाफ केस भी दर्ज किया है।
ऑफ-रोडिंग करने का केस दर्ज
बताया गया है कि आरोपियों के ऊपर चांगथांग कोल्ड डेजर्ट वाइल्डलाइफ सैंक्चुअरी के अंदर ऑफ-रोडिंग करने का केस दर्ज करने के साथ में। आरोप है कि ड्राइवर कथित तौर पर एक तिब्बती हिरण का पीछा करने के टक्कर में ऑफ-रोडिंग कर रहा था।
लद्दाख प्रशासन ने वाइल्डलाइफ प्रोटेक्शन एक्ट के तहत चार लोगों पर नियम तोड़ने के लिए 2 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। अधिकारियों ने जांच के बाद चार गाड़ियां भी जब्त कर ली हैं।
लद्दाख प्रशासन ने क्या जानकारी दी?
लद्दाख प्रशासन ने जानकारी देते हुए बताया, 'अवैध ऑफ-रोडिंग के बढ़ते खतरे के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई करते हुए लद्दाख प्रशासन ने लेफ्टिनेंट गवर्नर वीके सक्सेना के निर्देश पर पहली बार गलती करने वाले ड्राइवरों पर मुकदमा चलाना और भारी जुर्माना लगाना शुरू किया है। इसमें लद्दाख में इकोलॉजिकली सेंसिटिव झीलों और नदी-नालों में पर्यटकों के कार चलाने के मामले शामिल है।'
उन्होंने कहा कि 26 जून को, लद्दाख के वाइल्डलाइफ विभाग ने चार गाड़ियों पर 50,000 रुपये का जुर्माना लगाया है। यह सभी वाइल्डलाइफ प्रोटेक्शन नियमों का उल्लंघन करते पाए गए थे।
किन राज्यों की कारें हैं?
आरोपियों की चारों कार अलग-अलग राज्यों से हैं। इसमें हिमाचल प्रदेश, चंडीगढ़, पंजाब और उत्तर प्रदेश के लोग शामिल हैं। इन लोगों ने पैंगोंग झील, चांगथांग और नुब्रा में दूसरे सुरक्षित वाइल्डलाइफ जोन में गैर-कानूनी तरीके से अपनी गाड़ियां चलाईं।'
अधिकारियों ने एलजी सेक्रेटेरिएट को दी गई रिपोर्ट में बताया है कि 23 जून को, वाइल्डलाइफ स्टाफ ने पंजाब नंबर की एक महिंद्रा थार को मेराक के पास ऑफ-रोड, पैंगोंग झील के पानी में जाते हुए देखा। ड्राइवर ने जानबूझकर स्टंट के मकसद से गाड़ी को पानी में चलाया था, जिससे वाइल्डलाइफ के जरूरी रहने की जगह को नुकसान हुआ और झील गंदी हो गई।
प्रशासन ने गाड़ी जब्त कीं
इसी तरह से 21 जून को, वाइल्डलाइफ अधिकारियों ने चांगथांग कोल्ड डेजर्ट वाइल्डलाइफ सैंक्चुअरी के अंदर पैंगोंग झील के किनारे लुकुंग के पास ऑफ-रोड ड्राइविंग करने के आरोप में यूपी नंबर हुंडई क्रेटा को चांगथांग कोल्ड डेजर्ट वाइल्डलाइफ सैंक्चुअरी के अंदर पैंगोंग झील के किनारे लुकुंग के पास ऑफ-रोड ड्राइविंग करते हुए पकड़ा। इसके अलावा टोयोटा फॉर्च्यूनर और महेंद्रा थार कारें शामिल हैं।
प्रशासन ने ड्राइवर को वाइल्डलाइफ (प्रोटेक्शन) एक्ट के तहत पहली नजर में दोषी पाया गया और बाद में, गाड़ी जब्त कर ली। हालांकि, बाद में चारों अपराधियों ने 50,000 रुपये का जुर्माना भरा, जिसके बाद उनकी गाड़ियां छोड़ दी गईं।