उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में खुद को विदेश मंत्रालय का अधिकारी बताकर होटल में धौंस जमाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। तीन युवक गोमतीनगर के एक होटल में तुर्कमेनिस्तान की महिला की तलाश में पहुंचे और खुद को विदेश मंत्रालय का सेक्शन ऑफिसर बताकर स्टाफ और ग्राहकों से पूछताछ शुरू कर दी। आरोपियों ने होटल का गेट अंदर से बंद कर लिया और स्टाफ के मोबाइल फोन अपने कब्जे में लेने के साथ ही रिसेप्शन पर रखा इंट्री रजिस्टर और अन्य दस्तावेज भी कब्जे में ले लिए। करीब एक घंटे तक होटल में अफरा-तफरी का माहौल रहा।
सूचना मिलने पर पुलिस सक्रिय हुई तो आरोपी रजिस्टर और दस्तावेज लेकर फरार हो गए। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और सर्विलांस की मदद से दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इनके पास से विदेश मंत्रालय के नाम पर बने 478 फर्जी पहचान पत्र समेत कई दस्तावेज बरामद हुए हैं।
होटल पहुंचते ही खुद को बताया विदेश मंत्रालय का अधिकारी
पुलिस के मुताबिक, 15 अगस्त की रात करीब एक बजे अभिनव, शिवम और उनका एक साथी कार से गोमतीनगर के विकासखंड-3 स्थित होटल क्रिस्टेलिया पहुंचे। तीनों ने होटल का गेट अंदर से बंद कर लिया और रिसेप्शन के पास बैठ गए। मैनेजर सर्वोत्तम ने जब उनसे जानकारी मांगी तो उन्होंने खुद को विदेश मंत्रालय का अधिकारी बताया। आईडी कार्ड दिखाने को कहा गया तो आरोपी कथित तौर पर गाली-गलौज करने लगे। इसके बाद उन्होंने होटल स्टाफ के मोबाइल फोन अपने कब्जे में ले लिए। रिसेप्शन पर रखा इंट्री रजिस्टर और अन्य दस्तावेज भी कब्जे में लेकर स्टाफ और होटल में मौजूद ग्राहकों से पूछताछ शुरू कर दी।
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होटल स्टाफ ने करीब एक घंटे बाद किसी तरह पुलिस को सूचना दी। पुलिस के पहुंचने की भनक लगते ही तीनों आरोपी मौके से भाग निकले। पुलिस ने होटल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और सर्विलांस की मदद से आरोपियों की पहचान की।इसके बाद वाराणसी निवासी अभिनव सिंह और मेरठ निवासी शिवम चौहान को गिरफ्तार कर लिया गया। तीसरे आरोपी की तलाश की जा रही है।
पुलिस ने आरोपियों के पास से विदेश मंत्रालय के नाम पर बने 478 फर्जी आईडी कार्ड, एक चेक, तीन फर्जी आधार कार्ड, विदेश मंत्रालय का एक आईडी कार्ड, 14 डेबिट और क्रेडिट कार्ड, दो चेकबुक और तीन मोबाइल फोन बरामद किए हैं। पुलिस अब इन दस्तावेजों के इस्तेमाल और उनके तैयार किए जाने के संबंध में भी जांच कर रही है।
तुर्कमेनिस्तान की महिला की तलाश में पहुंचे थे होटल
पूछताछ में अभिनव ने पुलिस को बताया कि करीब डेढ़ साल पहले उसकी तुर्कमेनिस्तान की रहने वाली दुनिया नाम की युवती से दोस्ती हुई थी। उसके मुताबिक, दुनिया ने बताया था कि तुर्की की रहने वाली रोजा उसे और अन्य लड़कियों को भारत लेकर आई थी। कुछ दिन बाद रोजा ने कथित तौर पर उनके पासपोर्ट अपने कब्जे में ले लिए। अभिनव का दावा है कि रोजा इस समय गोमतीनगर के इसी होटल में ठहरी थी। दुनिया की मदद करने के लिए उसने शिवम और एक अन्य साथी के साथ मिलकर उसे पकड़ने की योजना बनाई और किराये की कार से होटल पहुंचा था।
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पुलिस के मुताबिक, आरोपी शिवम को विदेश मंत्रालय में सीसीटीवी कैमरे लगाने का टेंडर मिला था। इसी काम के सिलसिले में उसका मंत्रालय में आना-जाना हुआ था और उसे विभाग से संबंधित कुछ जानकारी थी। पुलिस को आशंका है कि इसी जानकारी और मंत्रालय के नाम का इस्तेमाल कर आरोपियों ने होटल में अपनी धाक जमाने की कोशिश की।
पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। गिरफ्तार दोनों आरोपियों से पूछताछ के आधार पर तीसरे आरोपी की तलाश के साथ फर्जी पहचान पत्रों के नेटवर्क और उनके इस्तेमाल की भी जांच की जा रही है