logo

मूड

ट्रेंडिंग:

यूपी ATS ने मुजाहिदीन आर्मी के सरगना को किया गिरफ्तार, रच रहा था साजिश

यूपी एटीएस ने मंगलवार को मुजाहिदीन आर्मी नाम से संगठन बनाकर मोहम्मद रजा नाम के आतंकी को अरेस्ट किया है।

UP ATS

यूपी एटीएस। Photo Credit- Social Media

शेयर करें

google_follow_us

संबंधित खबरें

Advertisement

उत्तर प्रदेश पुलिस के आतंकवाद निरोधक दस्ता (ATS) ने कथित तौर पर मुजाहिदीन आर्मी बनाकर शरीयत व्यवस्था कायम करने का मंसूबा रखने वाले गिरोह के सरगना मोहम्मद रजा को भी गिरफ्तार कर लिया। इससे पहले गिरोह से जुड़े चार आरोपियों की गिरफ्तारी की गई थी। यूपी एटीएस की ओर से मंगलवार शाम इसको लेकर एक बयान जारी किया गया।

 

इसमें कहा गया है कि गिरफ्तार किया गए आरोपी की पहचान फतेहपुर जिले के अंदौली के मूल निवासी मोहम्मद रजा के रूप में हुई है। मोहम्मद रजा मौजूदा समय में केरल के मल्लापुरम से अपनी गतिविधियों को संचालित कर रहा था। बयान के मुताबिक, मोहम्मद रजा को सोमवार को केरल से गिरफ्तार कर विधिक प्रक्रिया के तहत ट्रांजिट रिमांड पर लखनऊ लाया जा रहा है।

 

यह भी पढ़ें: बिहार में SIR का असर, 3 महीने में घट गए 47 लाख वोटर

स्पेशल कोर्ट में होंगे पेश

आतंकी मंसूबों को पूरा करने और लक्षित हत्याओं की घटनाओं को अंजाम देने के लिए इकट्ठा किए गए धन इसी के खाते में जमा किए गए थे। आरोपी को नियमानुसार स्पेशल कोर्ट के सामने पेश किया जाएगा और उसके आतंकी नेटवर्क का पर्दाफाश करने के लिए इसके अन्य साथियों के संबंध में गहन विवेचना के क्रम में कार्यवाही की जाएगी।

 

सरकार को गिराने का मकसद

इससे पहले सोमवार को जारी एक बयान में एटीएस ने कहा कि कथित तौर पर हिंसक जिहाद के जरिए भारत में लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई सरकार को गिराने और शरिया कानून लागू करने के मकसद से ‘मुजाहिदीन आर्मी’ बनाने की साजिश रचने के आरोप में चार लोगों को गिरफ्तार किया है। एटीएस द्वारा गिरफ्तार कि आरोपियों की पहचान सुलतानपुर निवासी अकमल रजा, सोनभद्र के रॉबर्ट्सगंज निवासी सफील सलमानी उर्फ अली रजवी, कानपुर निवासी मोहम्मद तौसीफ और रामपुर निवासी कासिम अली के रूप में हुई।

 

यह भी पढ़ें: मां-बाप और पत्नी की हत्या करके बीमा के पैसे हड़प गया मेरठ का दरिंदा

एटीएस ने क्या कहा?

एटीएस ने एक बयान में बताया, खुफिया जानकारी से पता चला कि आरोपी कट्टरपंथी पाकिस्तानी संगठनों से प्रभावित थे और अलग-अलग जगहों पर बैठकें कर रहे थे। बयान के मुताबिक ये लोग चरमपंथी विचारधारा फैलाने के लिए सोशल मीडिया ग्रुप्स पर भी सक्रिय थे। बयान में दावा किया गया है कि पकड़े ग लोग हथियार खरीदने के लिए धन इकट्ठा कर रहे थे और भविष्य में प्रमुख गैर-मुस्लिम धार्मिक नेताओं की हत्या की साजिश रच रहे थे। बयान के अनुसार, आरोपियों ने कथित तौर पर इस साजिश में संलिप्तता की बात स्वीकार की है।

 

Related Topic:#UP News

और पढ़ें