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'नौकरी के चक्कर में मत पड़ो, ई-रिक्शा चलाओ', बृजेश पाठक का बयान हुआ वायरल

उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में वह कहते नजर आ रहे हैं कि नौकरी के चक्कर में मत पड़ो, अपना चार घंटा ई-रिक्शा चलाओ और दोपहर में लड़के-बच्चों के साथ रहो।

Brijesh Pathak, Brajesh Pathak

UP के डिप्टी CM ब्रजेश पाठक, Photo Creidt ANI

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उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। 23 सितंबर को लखनऊ में भारत टैक्सी के यूपी लॉन्च कार्यक्रम के दौरान उन्होंने युवाओं और ड्राइवर से बात की, मंच से उन्होंने कहा कि नौकरी के चक्कर में मत पड़ो, अपना चार घंटा चलाओ और दोपहर में लड़के-बच्चों के साथ रहो। इस कार्यक्रम में CM योगी आदित्यनाथ डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक सहित सूबे के तमाम मंत्री मौजूद थे।  


इस कार्यक्रम में भारत टैक्सी के ऐसे मॉडल की बात की गई, जिसमें ड्राइवरों को ज्यादा फायदा देने पर जोर है। भारत टैक्सी जीरो कमीशन मॉडल पर चलेगी और ड्राइवरों को 5 लाख रुपये तक की सामाजिक सुरक्षा देने की बात कही गई है। इसका मकसद मौजूदा निजी टैक्सी ऐप के विकल्प के तौर पर एक सहकारी टैक्सी प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराना है।  

 

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सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में डिप्टी CM बृजेश पाठक कहते हुए नजर आ रहे हैं, 'नौकरी के चक्कर में मत पड़ो, अपना चार घंटा चलाओ और दोपहर में लड़का-बच्चों के साथ रहो। भाई, नौकरी करोगे तो बच्चों के पास बैठ पाओगे दो घंटे, बताओ जरा। आप लोगों से कह रहा हूं कि सवारी आखिर में अपने घर के पास वाली लो। किसी के अधीन रहोगे तो ये दो घंटे भी नहीं मिलेंगे।' 

सोशल मीडिया पर ब्रजेश पाठक का एक वीडियो इसी दावे के साथ वायरल है। हालांकि, उन्होंने 23 सितंबर को लखनऊ में भारत टैक्सी के यूपी लॉन्च कार्यक्रम में युवाओं से भारत टैक्सी अपनाने की अपील की थी। भारत टैक्सी को अपनाने और अपनी गाड़ी से कमाई करना का उन्होंने संदेश दिया था। इसलिए वायरल क्लिप को उसके व्यापक संदर्भ के साथ देखना जरूरी है।

ड्राइवर-केंद्रित मॉडल

यह कार्यक्रम भारत टैक्सी के सहकारी और ड्राइवर-केंद्रित मॉडल का था। इस कार्यक्रम में भारत टैक्सी को जीरो-कमीशन मॉडल पर चलाने और ड्राइवरों को ₹5 लाख तक की सामाजिक सुरक्षा देने की घोषणा की गई है। सरकार ने इसे निजी ऐप-आधारित टैक्सी एग्रीगेटर्स को खत्म करने के बजाय एक वैकल्पिक सहकारी प्लेटफॉर्म बताया है।


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