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बंदरों के आतंक से मिलेगी राहत! अब कपि वन बनाएगी योगी सरकार

यूपी सरकार मानव बंदर संघर्ष कम करने के लिए निकाय क्षेत्रों में कपि वन बनाने की तैयारी कर रही है। जहां बंदरों के लिए पानी, भोजन की व्यवस्था रहेगी।

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प्रतीकात्मक फोटो Photo credit GPT

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शहरों, कस्बों और नगर निकाय क्षेत्रों में बढ़ते बंदर आतंक से निपटने के लिए योगी सरकार ने नई रणनीति तैयार की है। प्रदेश में ‘कपि वन’ विकसित करने की योजना पर तेजी से काम किया जा रहा है। इसके तहत नगर निगम और नगर पंचायत क्षेत्रों में ऐसे विशेष वन क्षेत्र विकसित किए जाएंगे, जहां बंदरों के लिए भोजन, पानी और प्राकृतिक आवास की पर्याप्त व्यवस्था होगी। सरकार का मानना है कि इससे बंदरों का आबादी वाले इलाकों में आना कम होगा और मानव-बंदर संघर्ष पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सकेगा।

 

योजना के तहत एक हेक्टेयर या उससे अधिक क्षेत्रफल वाली भूमि पर कपि वन विकसित किए जाएंगे। इन क्षेत्रों में बंदरों के अनुकूल वातावरण तैयार किया जाएगा, ताकि उन्हें भोजन और आश्रय के लिए शहरों और बाजारों का रुख न करना पड़े। वन विभाग स्थानीय निकायों के साथ मिलकर ऐसे स्थानों का चयन करेगा जहां इस योजना को प्रभावी ढंग से लागू किया जा सके।

 

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फलदार पेड़ों का होगा विशेष रोपण

कपि वन में आम, जामुन, बेल, कटहल, आंवला, पीपल, बरगद और अन्य फलदार व छायादार पौधों का बड़े पैमाने पर रोपण किया जाएगा। इसका उद्देश्य बंदरों के लिए सालभर भोजन की उपलब्धता सुनिश्चित करना है। सरकार का मानना है कि जब प्राकृतिक रूप से भोजन उपलब्ध होगा तो बंदरों की निर्भरता मानव बस्तियों पर कम हो जाएगी।

 

यह योजना केवल बंदर समस्या के समाधान तक सीमित नहीं है। कपि वन विकसित होने से प्रदेश में हरित क्षेत्र का विस्तार होगा, पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा और जैव विविधता को भी मजबूती मिलेगी। वन विभाग का कहना है कि यह पहल वन्यजीव संरक्षण और शहरी पर्यावरण सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।

शहरों में बढ़ रही है बंदरों की समस्या

प्रदेश के कई शहरों और कस्बों में बंदरों का आतंक लगातार बढ़ रहा है। घरों की छतों, बाजारों, सरकारी दफ्तरों, स्कूलों और अस्पतालों तक में बंदरों की मौजूदगी लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रही है। कई जगह बंदरों के हमलों में लोग घायल भी हुए हैं। इसके अलावा खेती-किसानी और घरेलू सामान को भी नुकसान पहुंच रहा है।

 

वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार शहरीकरण और प्राकृतिक आवासों में कमी के कारण बंदर आबादी वाले क्षेत्रों की ओर बढ़ रहे हैं। कपि वन विकसित होने के बाद बंदरों को सुरक्षित और अनुकूल वातावरण मिलेगा, जिससे वे शहरों और गांवों की ओर कम आएंगे। इससे मानव-बंदर संघर्ष को कम करने में मदद मिलेगी।

 

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योगी सरकार की नई पहल पर टिकी निगाहें

बंदरों के बढ़ते आतंक को देखते हुए सरकार की इस पहल को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यदि कपि वन मॉडल सफल रहा तो यह शहरी क्षेत्रों में वन्यजीव और मानव के बीच संतुलन स्थापित करने का एक प्रभावी मॉडल बन सकता है। आने वाले समय में विभिन्न नगर निगम और नगर पंचायत क्षेत्रों में इसके परिणाम दिखाई देने की उम्मीद है।


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