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'टक्कर मारना, राम ने यादव को मारा', UP में MLC चुनाव में नाम देख सिर पीट लेंगे

UP में MLC की 11 सीटों पर 23 अक्टूबर को मतदान होना है। मतदान से पहले वोटर लिस्ट में दर्ज अजब-गजब नाम सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं।

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सांकेतिक तस्वीर, Photo Credit-ChatGPT

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उत्तर प्रदेश (UP) में 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच विधान परिषद (MLC) की 11 सीटों पर 23 अक्टूबर को मतदान होना है। यूपी मतदान से पहले वोटर लिस्ट में दर्ज अजब-गजब नाम सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। इलाहाबाद-झांसी स्नातक खंड निर्वाचन क्षेत्र की मतदाताओं की यह लिस्ट जब सोशल मीडिया पर वायरल हुई तो निर्वाचन आयोग ऐक्शन में आया। 

 

इस लिस्ट में एक नाम 'राम ने यादव को मारा', पिता का नाम मूर्खचंद है। कई और भी ऐसे नाम सामने आए हैं। चुनाव आयोग ने आधी रात के बाद इस मामले का संज्ञान लिया और तुरंत कार्रवाई करते हुए झांसी के मंडलायुक्त (डिविजनल कमिश्नर) से रिपोर्ट मांगी है।  

 

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वोटर लिस्ट में दिखे अजब-गजब नाम  

इस लिस्ट में मतदाता का नाम 'राम ने यादव को मारा, पिता का नाम मूर्खचंद, मतदाता का नाम टक्कक मारना, मतदाता का नाम अली के पास है और ‘मोहम्मद पागल रेहान’ जैसे नाम देखने को मिले। इसके अलावा, कुछ जगहों पर पिता के नाम वाले कॉलम में भी असामान्य नाम देखने को मिले हैं।  

निर्वाचन अधिकारी से चुनाव आयोग ने मांगा जवाब

उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने वोटर लिस्ट में गड़बड़ी को लेकर मंडलायुक्त झांसी से जवाब मांगा है और उन्होंने एक्स (ट्विटर) पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा, ‘इलाहाबाद -झांसी स्नातक खंड निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची में कुछ अजीब से नामों के मिलने की सूचना कुछ घंटों पूर्व सोशल मीडिया के माध्यम से मिली है. मंडलायुक्त झांसी जो इस निर्वाचन क्षेत्र के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी हैं को इस मामले की जांच कर आख्या दोपहर तक उपलब्ध कराने के लिए निर्देशित कर दिया गया है.’

23 अक्टूबर को होगा मतदान

उत्तर प्रदेश विधान परिषद की पांच स्नातक और छह शिक्षक सीटों के लिए 23 अक्टूबर 2026 को वोटिंग होगी। चुनाव के दौरान मतदाता सूची में नाम या अन्य जानकारी में छोटी गलती होने पर भी मतदान की अनुमति देने के निर्देश जारी किए गए हैं। सभी संबंधित जिला निर्वाचन अधिकारियों को इन निर्देशों का पालन कराने को कहा गया है। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि नाम लिखने या छपाई में गलती होने के कारण किसी योग्य मतदाता को वोट डालने से न रोका जाए। 

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