उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज में 22 जून को एक तीन मंजिला में एक व्यावसायिक इमारत में आग लग हई। आग लगने से 15 लोगों की मौत हो गई और कई घायल हो गए हैं। घायलों का इलाज जारी है। मृतकों में ज्यादातर कोचिंग संस्थान में पढ़ने वाले छात्र हैं, जो अपने परिवार के सपने पूरे करने और नौकरी के लिए तैयारी कर रहे थे, लेकिन अब इन परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
इस घटना के दौरान एक छात्र ने अपने पिता को फोन कर जानकारी दी थी। प्रभजोत सिंह ने बताया कि उनके बेटे सुखमणि सिंह ने 2 बजे के बाद उन्हें फोन करके आग लगने की सूचना दी थी। उन्होंने बताया, 'बेटे ने फोन किया तो वो बहुत डरा हुआ था। उसने बस इतना बोला कि आग लग गई है, पापा बचाओ, पापा बचाओ। बेटा अभी ऊपर ही है और उसने फोन उठाना बंद कर दिया है। बहुत टेंशन हो रही है। दिल बैठा जा रहा है।'
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मृतक की मां का फूटा गुस्सा
इस हादसे में मरने वाले एक युवक की मां ने कहा कि जब सीएम साहब आने वाले थे। अगर उस टाइम इस तरह ध्यान दिया जाता तो हो सकता है बच्चे बचे जाते। उन्होंने कहा, 'मेरा बेटा एनिमेशन कोर्स के स्टूडियो में जॉब करता था। उसकी उम्र 25 साल थी और अगर थोड़ा ध्यान दे लिए होते तो, मेरा बेटा भी आज जिंदा होता। मेरी तो दुनिया उजड़ गई।'
जांच के लिए बनाई एसआईटी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 4 अफसरों को सस्पेंड कर दिया है। इसके साथ ही 4 आरोपियों के खिलाफ FIR भी दर्ज कर ली गई है और उन्हें गिरफ्तार भी कर लिया गया है। इस घटना के बाद ट्रॉमा सेंटर पहुंचे सीएम योगी ने मृतकों के परिजनों से मुलाकात की। उन्होने कहा कि इस घटना में जिम्मेदार किसी भी अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा। मीटिंग के बाद सीएम योगी ने दो सदस्यीय एसआईटी का गठन कर दिया है ।
15 की मौत
इस दर्दनाक हादसे में 15 लोगों की मौत हो गई है। लखनऊ की घटना पर KGMU के मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉक्टर अमिया अग्रवाल ने बताया कि यहां 21-22 बच्चों को लाया गया था। उन्होंने बताया कि इनमें से पांच घायल हैं। अमिया अग्रवाल ने बताया कि जो दो बच्चे कूदे थे, उनकी पीठ में चोटें आई हैं। डॉक्टरों की टीम सभी घायलों को जरूरी इलाज दे रही है।
परिवारों में पसरा मातम
इस हादसे में जान गंवाने वालों के परिवारों में मातम पसरा है। अस्पताल के बाहर मृतकों और पीड़ितों के परिजनों की भीड़ जमा हो गई है। इसके साथ ही कई परिवार अब अपने बच्चों के शवों का इंतजार कर रहे हैं ताकि उनका अंतिम संस्कार किया जा सके। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम के बाद मृतकों के शव परिजनों को सौंप दिए जाएंगे।