उत्तर प्रदेश पुलिस ने करीब 2 साल से लटके एक मर्डर केस को हल कर दिया है। यह केस सिर्फ एक ओटीपी से हल हो गया है। एक महिला के पति ने उसके मर्डर की शिकायत दर्ज करवाई थी। करीब 2 साल तक पुलिस महिला की तलाश करती रही लेकिन पुलिस को कोई सुराग नहीं मिला। तमाम कोशिशों के बाद जो काम पुलिस नहीं कर पाई वह काम महिला के पति के फोन पर आए एक ओटीपी ने कर दिया। यह मामला किसी फिल्म की कहानी की तरह लगता है। पुलिस अब इस मामले में अपनी अंतिम रिपोर्ट पेश करेगी।
यह मामला उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले के कप्तानगंज थाना क्षेत्र का है। यहां की प्रियंका नाम की एक युवती की शादी 2017 में संदीप नाम के एक व्यक्ति से हुई थी। शादी के कुछ साल तक दोनों साथ रहे और उनका एक बच्चा भी था लेकिन इसके बाद दोनों के बीच लड़ाई-झगड़े होने लगे। इसके बाद प्रियंका ने ऐसा कदम उठाया कि उन दोनों की जिंदगी पूरी तरह से बदल गई।
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आत्महत्या की कोशिश और नया जीवन
इन दोनों की कहानी किसी फिल्मी कहानी की तरह है। रिपोर्ट्स के अनुसार, 1 जुलाई 2024 को दोनों के बीच लड़ाई हुई और प्रियंका गहने लेकर अपने मायके चली गई। मायके से लौट कर वह अपने बेटे को लेकर आत्महत्या करने के इरादे से अयोध्या चली गई।
यहां से इस कहानी में एक नया मोड़ आता है। जब प्रिया सरयू नदी के किनारे जाने देने वाली थी तभी राजस्थान से आए एक टूरिस्ट मंगलचंद्र उनकी जान बचा लेते हैं। इसके बाद प्रियंका ने जान देने का इरादा त्याग दिया।
राजस्थान में बसाया परिवार
प्रियंका ने अपनी जिंदगी से परेशान होकर उसे खत्म करने की कोशिश की लेकिन किसी फिल्मी हीरो की तरह मंगलचंद्र ने उसे बचा लिया। इसके बाद मंगलचंद्र उसे अपने साथ ले गया। दोनों राजस्थान में रहने लगे और दोनों पति-पत्नी की तरह लिव-इन में रह रहे थे। करीब 2 साल बाद अब इस बात का खुलासा हुआ है। प्रियंका वहां अपनी पहचान बदल कर रह रही थी।
पति रहा परेशान
अपनी पत्नी और बच्ची के लापता होने से संदीप परेशान हो गया और उन्हें ढूंढने लगा लेकिन असफल रहा। इसके बाद उसे शक हुआ कि कहीं उसके ससुराल वालों ने उसकी पत्नी को मार तो नहीं दिया। संदीप पुलिस के पास गया लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बाद उसने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट के आदेश पर 4 नवंबर 2024 को प्रिंयका के माता-पिता, चचेरी बहन और एक अन्य के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया।
अब कैसे हुआ खुलासा?
प्रिंयका राजस्थान में रह रही थी और उसने अपनी पहचान बदल ली थी। वह पास के एक आधार सेंटर में KYC करवाने पहुंची। आधार सेंटर पर जैसे ही उसका पुराना मोबाइल नंबर डाला गया तो उसके पति संदीप के फोन नंबर पर एक ओटीपी गया। संदीप ने जब ओटीपी देखा तो उसने तुरंत पुलिस को सूचना दी।
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प्रियंका तक पहुंची पुलिस
ओटीपी की जानकारी मिलते ही पुलिस ने इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की मदद ली और प्रियंका तक पहुंच गई। यह मामला यहीं खत्म नहीं हुआ। पुलिस प्रियंका को बस्ती लेकर आई, जहां उसके पति ने उसको रखने से मना कर दिया और अपने बेटे को मांगा। हालांकि, उसके बेटे ने उसे पहचानने और उसके पास रहने से मना कर दिया।
पुलिस का कहना है कि कोर्ट के आदेश पर FIR दर्ज की गई थी। अब जब महिला जिंदा मिल गई है तो उसे कोर्ट में पेश कर उसके बयान दर्ज कराए गए हैं। बच्चे की कस्टडी को लेकर पुलिस अब आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।