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लैंडस्लाइड, बाढ़, भीषण बारिश, उत्तराखंड पर मंडरा रहा बड़ा खतरा, IMD का रेड अलर्ट

उत्तराखंड में तीर्थयात्रियों और पर्यटकों से मौसम विभाग ने यात्राएं टालने की अपील की है। राज्य में भीषण बारिश, भूस्खलन और बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है।

Uttarakhand Weather PTI

उत्तराखंड में 28 सितंबर तक मौसम खऱाब रह सकता है। Photo Credit: Social Media

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उत्तराखंड पर बड़ी प्राकृतिक आपदा का खतरा मंडरा रहा है। मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी जारी की है कि राज्य में तेज बारिश, बाढ़ और भू्स्खलन की आशंका बनी हुई है। 4 हजार मीटर से ज्यादा ऊंचाई पर राज्य में बर्फबारी की आशंका मंडरा रही है। मैदानी इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है।

उत्तराखंड में 28 सितंबर तक ऐसा ही मौसम जारी रह सकता है। अधिकारियों ने तीर्थयात्रियों और पर्यटकों से अपील की है कि अगर बहुत जरूरी न हो तो पहाड़ी राज्य का दौरा न करें। कई इलाकों को ज्यादा संवेदनशील इलाकों के तौर पर चिह्नित किया गया है। इन इलाकों में बाढ़, बारिश और भूस्खलन का खतरा सबसे ज्यादा है।  

देहरादून मौसम विभाग के निदेशक सीएस तोमर ने कहा, 'दो अलग-अलग मौसम प्रणालियों की वजह से राज्य में तेज बारिश होगी। उत्तराखंड में ऐसा मौसम 28 सितंबर तक रहेगा। शुक्रवार रात से मौसम बदलेगा और 28 सितंबर तक ऐसा ही मौसम जारी रहेगा।'

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कब ज्यादा खतरा है?

IMD उत्तराखंड के कई जिलों में रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक शुक्रवार रात से 28 सितंबर तक राज्य में भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर रहेगा। 4000 मीटर से ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी होने की भी आशंका है।

 

 

मौसम विभाग की एडवाइजरी क्या है?

प्रशासन ने तीर्थयात्रियों, पर्यटकों और यात्रियों को भूस्खलन, अचानक बाढ़ और सड़कों के क्षतिग्रस्त होने के खतरे को देखते हुए गैरजरूरी यात्रा और संवेदनशील इलाकों में जाने से बचने की सलाह दी है। देहरादून मौसम केंद्र के निदेशक सीएस तोमर ने बताया कि दो मौसमी सिस्टम के मिले-जुले असर से 25 सितंबर रात से 28 सितंबर सुबह तक राज्य में तेज बारिश होने की आशंका है।

26 और 27 सितंबर को सबसे ज्यादा खतरा

मौसम विभाग के अनुसार बारिश की गतिविधि 26 और 27 सितंबर को सबसे ज्यादा रहेगी, जब अधिकतर जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक और बौछारें पड़ने की संभावना है। 28 सितंबर को भी कई जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश जारी रहने का अनुमान है।

किन इलाकों में मंडरा रहा है सबसे ज्यादा खतरा?

शनिवार के लिए बागेश्वर, नैनीताल, पिथौरागढ़, चंपावत और उधम सिंह नगर में रेड अलर्ट जारी किया गया है। देहरादून, पौड़ी गढ़वाल, चमोली, रुद्रप्रयाग और अल्मोड़ा में ऑरेंज अलर्ट है। इन इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। रविवार के लिए टिहरी गढ़वाल, हरिद्वार और पौड़ी गढ़वाल के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है, वहीं नैनीताल, चमोली, रुद्रप्रयाग और उत्तरकाशी में भी हालात चिंताजनक हो सकते हैं।

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सोमवार को तेज आंधी-तूफान की दस्तक

सोमवार को नैनीताल, देहरादून, टिहरी, उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, हरिद्वार और पौड़ी गढ़वाल में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ गरज-चमक और तीव्र बारिश होने की आशंका जताई गई है। मौसम विभाग ने संवेदनशील पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन, चट्टान गिरने और मलबा आने की चेतावनी दी है, जिससे हाईवे, संपर्क मार्ग और पुल प्रभावित हो सकते हैं।

केदारनाथ के लिए हेलीकॉप्टर सेवाएं स्थगित

रुद्रप्रयाग के जिला पर्यटन अधिकारी राहुल चौबे ने बताया कि खराब मौसम की स्थिति में एहतियात के तौर पर केदारनाथ धाम के लिए हेलीकॉप्टर सेवाएं रोक दी जाएंगी। प्रशासन को प्रभावित इलाकों में स्कूल बंद करने और निर्माण कार्य तथा पर्वतारोहण अभियानों को स्थगित करने पर विचार करने की सलाह दी गई है।

33 से ज्यादा सड़कें अब भी बंद

राज्य में अब तक 33 से ज्यादा सड़कें बंद हैं, जिनमें चमोली में 14 और देहरादून में 10 सड़कें शामिल हैं। इन्हें खोलने का काम जारी है। पिथौरागढ़ में पिथौरागढ़-टनकपुर नेशनल हाईवे-9 पर लगातार दूसरे दिन पांच घंटे से ज्यादा समय तक पत्थर और मलबा गिरता रहा, जिसके चलते वाहनों को सावधानी से एक-एक कर निकाला जा रहा है।

 

पिथौरागढ़ जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी भूपेंद्र सिंह महर ने बताया कि गुरुवार सुबह करीब 10 बजे मलबा गिरना शुरू हुआ। शुक्रवार सुबह तक परिस्थितियां सामान्य नहीं हुईं हैं। इस रुकावट की वजह से दोनों तरफ लंबी कतारें लग गईं, जिससे इलाज के लिए जा रहे मरीज और अन्य यात्री भी प्रभावित हुए। एक बार फिर राज्य में मौसम संबंधी खतरा मंडरा रहा है। 


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