दिल्ली के मालवीय नगर के एक होटल में लगी भीषण आग में कम से कम 21 लोगों की जान चली गई जबकि कई अन्य घायल हो गए। पीड़ितों के परिवार गहरे सदमे में हैं और अपने प्रियजन की तलाश कर रहे हैं। इस बीच, पीड़ितों के परिवारों में से एक परिवार की तीन बेटियां अभी भी लापता हैं, जो आग की लपटों में फंस गई थीं।
इस भीषण आग हादसे में दिल्ली पुलिस के जवान भी घायल हो गए हैं। दिल्ली पुलिस के अनुसार, उनके 10 जवान अस्पताल में भर्ती हैं, जिनमें 5 हेड कांस्टेबल और 5 कांस्टेबल शामिल हैं। ये जवान सबसे पहले जान जोखिम में डालकर जलती इमारत के अंदर पहुंचे थे। फिलहाल सभी का अस्पताल में इलाज चल रहा है और उनकी हालत पर नजर रखी जा रही है।
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अग्निकांड के बाद अपनों के लिए तड़प रहे लोग
एक पीड़िता के परिवार के एक सदस्य ने कहा, 'मेरी बेटी तारिणी अग्रवाल है, उसकी उम्र 42 साल है। उसकी दो बेटियां हैं एंजेल, जिसकी उम्र 20 साल है और छोटी बेटी जिसकी उम्र 17 साल है। हमें नहीं पता कि वे कहां हैं। तीनों लापता हैं। मुझे पुलिस का भी फोन आया था लेकिन अस्पताल प्रशासन हमें कोई जानकारी नहीं दे रहा है।'
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वहीं एक अन्य पीड़ित के परिवार के एक सदस्य ने कहा, 'मैक्स अस्पताल की तरफ से हमें सिर्फ इतना बताया गया है कि यहां 2 से 4 शव रखे गए हैं लेकिन इससे ज्यादा कोई हमें कुछ नहीं बता रहा। हमें अब तक अपने प्रियजन के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है। यहां कोई हमारी मदद करने की कोशिश भी नहीं कर रहा। हम बेहद परेशान और हताश हैं।'
स्थानीय लोगों ने बचाईं कई जानें
हादसे के दौरान स्थानीय लोगों ने भी बहादुरी का परिचय दिया। इलाके के निवासी वसीम राजा ने बताया कि शॉर्ट सर्किट की जानकारी मिलते ही वे और अन्य लोग मौके पर पहुंच गए। पास की एक दुकान से गद्दे लाकर सड़क पर बिछाए गए ताकि इमारत से कूदने वाले लोगों को बचाया जा सके।
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उन्होंने बताया कि बाद में दिल्ली फायर सर्विस और दिल्ली पुलिस की टीमें भी मौके पर पहुंच गईं। स्थानीय लोगों, दमकल कर्मियों और पुलिस ने मिलकर कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। बचाव अभियान के दौरान कई विदेशी नागरिकों को भी बेहोशी की हालत में बाहर निकाला गया। फिलहाल प्रशासन पूरे मामले की जांच कर रहा है और दोषियों की पहचान करने में जुटा हुआ है।