बंगाल में चुनाव नतीजों के बाद हिंसा, BJP और TMC के एक-एक समर्थकों की मौत
पश्चिम बंगाल में चुनाव नतीजों के बाद अब हिंसा का दौर शुरू हो गया है। कई जगहों पर तृणमूल कांग्रेस के दफ्तरों पर हमले हुए हैं। हिंसक घटनाओं में बीजेपी और टीएमसी के एक-एक कार्यकर्ता की मौत हो चुकी है।

बंगाल में कई जगहों पर हुई हिंसा, Photo Credit: PTI
पश्चिम बंगाल में 4 मई को चुनाव नतीजे आने के बाद से ही हिंसक घटनाएं शुरू हो गई हैं। कहीं अलग-अलग पार्टियों के दफ्तरों पर हमले हो रहे हैं तो कहीं मामूली बहस मारपीट का रूप ले ले रही है। ऐसी ही घटनाओं में मंगलवार को तृणमूल कांग्रेस (TMC) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के एक-एक कार्यकर्ता की मौत हो गई है। टीएमसी ने बीजेपी पर हिंसा के आरोप लगाए हैं और 12 लोगों की एक फैक्ट फाइंडिंग टीम भेजने की बात कही हैं। हिंसा की घटनाओं पर संज्ञान लेते हुए देश के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इन घटनाओं में लिप्त लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
पुलिस के मुताबिक, मंगलवार शाम न्यू टाउन इलाके में विजय जुलूस के दौरान टीएमसी कार्यकर्ताओं ने कथित तौर पर बीजेपी कार्यकर्ता मधु मंडल को जमकर पीटा जिससे उनकी मौत हो गई। इससे पहले बीरभूम के नानूर में कथित तौर पर बीजेपी कार्यकर्ताओं ने टीएमसी कार्यकर्ता अबीर शेख पर धारदार हथियार से हमला कर दिया जिससे उनकी मौत हो गई। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि न्यू टाउन में, कथित तौर पर टीएमसी कार्यकर्ताओं ने बहस के बाद मधु मंडल की पिटाई की, जब उसी समय भल्लीगुड़ी क्षेत्र में बीजेपी का विजय जुलूस निकाला जा रहा था। उन्हें अस्पताल ले जाया गया जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। इसके बाद बीजेपी कार्यकर्ताओं ने इलाके में टीएमसी कार्यकर्ताओं के घरों पर हमला किया।
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हिंसा के बाद केंद्रीय बल तैनात
एक अधिकारी ने बताया कि स्थिति सामान्य करने के लिए केंद्रीय बलों को तैनात करना पड़ा। इससे पहले नानूर इलाके में एक झड़प में टीएमसी कार्यकर्ता अबीर शेख की बेरहमी से हत्या कर दी गई। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि टीएमसी के नानूर अंचल समिति के सदस्य अबीर शेख की नानूर जिले के संतोषपुर गांव में ‘दूसरे गुट’ से हुई बहस के दौरान हत्या कर दी गई। उन्होंने बताया कि शेख की मौके पर ही मौत हो गई जबकि एक अन्य व्यक्ति बुरी तरह घायल हो गया, जिसकी पहचान अभी तक नहीं हो पाई है। उन्होंने बताया कि जहां तनाव का माहौल है, वहां पुलिस बल को तुरंत भेजा गया है।
नानूर से टीएमसी के नवनिर्वाचित विधायक बिधान माझी ने दावा किया कि अबीर शेख पार्टी के सक्रिय सदस्य थे और इलाके में बीजेपी के गुंडों ने उनकी हत्या कर दी। हालांकि, बीजेपी नेता श्यामपद मंडल ने कहा कि उनकी पार्टी का कोई भी सदस्य इस हमले में शामिल नहीं था और पुलिस को आरोपियों का पता लगाने के लिए निष्पक्ष जांच करनी चाहिए।
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CEC ने दिए ऐक्शन के निर्देश
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने बंगाल में हिंसा और तोड़फोड़ कर रहे लोगों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक, कोलकाता पुलिस के कमिश्नर, सभी जिलों के जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक और पुलिस अधिकारियों के साथ-साथ केंद्रीय सुरक्षा बलों के महानिदेशकों को भी कहा है कि वे लगातार पेट्रोलिंग जारी रखें।
https://twitter.com/ANI/status/2051827251352674790
भड़क गई टीएमसी
हिंसा की घटनाओं पर अभिषेक बनर्जी ने कहा है, 'जो भय आउट, भरोसा इन का नारा देकर आए थे, अभी 24 घंटे नहीं हुए हैं और 300 से 400 पार्टी ऑफिस तोड़े गए हैं। हमारे कम से कम 150 उम्मीदवारों के घर में घुसकर हमला किया गया है। यह है बीजेपी के भरोसा का मॉडल। जिस तरह हमारे पार्टी ऑफिस तोड़े जा रहे हैं, जिस तरह से अत्याचार हो रहा है। मैं तृणमूल के सैनिकों से कहता हूं कि हम आपके साथ खड़े हैं और जहां तक जाना पड़ेगा, हम जाएंगे। हमने इसके लिए 12 लोगों की एक फैक्ट फाइंडिंग टीम बनाई है जो उन जगहों पर जाएगी जहां हिंसा हुई है।'
https://twitter.com/Nargis_Bano78/status/2051717012704100542
टीएमसी सांसद सागरिका घोष ने एक वीडियो शेयर करते हुए लिखा, ‘भयानक, दिल दहला देने वाला।’ एक पोस्ट में सागरिका घोष ने कहा, ‘व्यापक हिंसा में टीएमसी कार्यकर्ता की हत्या।’ टीएमसी ने अपने आधिकारिक ‘एक्स’ हैंडल पर कहा, ‘बीरभूम के नानूर में हमारे पार्टी कार्यकर्ता की निर्मम हत्या। मोदी का परिवर्तन का विचार शुरू हो गया है। मृतक का नाम अबीर एसके।’ पार्टी ने एक अन्य पोस्ट में दावा किया कि अलीपुरदुआर कस्बे में बीजेपी कार्यकर्ताओं ने एक बुजुर्ग महिला पर बेरहमी से हमला किया। टीएमसी ने महिला की कथित तस्वीर संलग्न करते हुए कहा, ‘उन्हें सिर समेत कई जगह चोटें आई हैं।’
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बता दें कि सोमवार दोपहर से ही बीजेपी के झंडे लिए भीड़ ने कोलकाता के टॉलीगंज और कस्बा के अलावा बारुईपुर, कमरहटी, बारानगर उपनगरों तथा हावड़ा एवं बहरामपुर स्थित टीएमसी कार्यालयों में आगजनी और तोड़फोड़ की खबरें कीं। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेता राहुल सिन्हा ने इन आरोपों को खारिज कर दिया कि उनकी पार्टी का कोई कार्यकर्ता तोड़फोड़ में शामिल था। उन्होंने कहा कि यह तृणमूल कांग्रेस के भीतर के प्रतिद्वंद्वी गुटों का काम हो सकता है जो चुनाव परिणामों के बाद पार्टी नेताओं के प्रति अपनी नाराजगी जाहिर कर रहे थे। वहीं, बीजेपी के ही वरिष्ठ नेता सुकांत मजूमदार ने कुछ घटनाओं की बात स्वीकारी और नसीहत दी कि बीजेपी के कार्यकर्ता ऐसा न करें और वे टीएमसी जैसा न बनें। उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह काम में शामिल लोगों को बीजेपी नहीं बचाएगी।
कई जगहों पर TMC ऑफिस बने निशाना
टॉलीगंज के बिजयगढ़-नेताजी नगर इलाके में तृणमूल कांग्रेस उम्मीदवार और पूर्व मंत्री अरूप बिस्वास के चुनाव कार्यालय में भीड़ ने तोड़फोड़ की। रूबी क्रॉसिंग पर तृणमूल कांग्रेस पार्षद सुशांत घोष के कार्यालय में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के झंडे लिए भीड़ ने जमकर उत्पात मचाया। इन घटनाओं की निंदा करते हुए तृणमूल कांग्रेस ने ‘एक्स’ पर लिखा, ‘बीजेपी ने सत्ता में आते ही अपना असली रंग दिखा दिया है। उनके गुंडों ने मुर्शिदाबाद में हमारे पार्टी कार्यालय पर हिंसक हमला किया। तोड़फोड़ और अराजकता- यही बीजेपी का असली चेहरा है। यह बीजेपी के घटिया राजनीति में उतरने का संकेत है।'
https://twitter.com/KBanerjee_AITC/status/2051702374092448070
हावड़ा के उदयनारायणपुर में अपने उम्मीदवार पर हमले का आरोप लगाते हुए टीएमसी ने कहा, ‘हमारे उम्मीदवार समीर पांजा पर हुआ क्रूरतापूर्ण हमला उनकी (बीजेपी की) हिंसक मानसिकता का प्रमाण है। यह लोकतंत्र नहीं है; यह सरासर गुंडागर्दी है।’ उत्तरी कोलकाता के मानिकतला से तृणमूल कांग्रेस उम्मीदवार श्रेया पांडे ने सोशल मीडिया पर एक अधेड़ उम्र के पार्टी नेता का वीडियो शेयर किया, जिनकी कमीज खून से सनी थी। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि उक्त व्यक्ति उनका चुनाव प्रतिनिधि था जिसे मतगणना के बाद बीजेपी कार्यकर्ताओं ने पीटा था। वह बीजेपी के तापस रॉय से 15,644 वोट के अंतर से हार गईं।
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तृणमूल कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया जिसमें कथित तौर पर सिलीगुड़ी स्थित उसके पार्टी कार्यालय में आगजनी के दृश्य दिख रहे हैं। ‘पीटीआई-भाषा’ इन वीडियो फुटेज की प्रामाणिकता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं कर सकी। तृणमूल कांग्रेस के नोआपाड़ा से उम्मीदवार त्रिनांकुर भट्टाचार्य और बैरकपुर के राज चक्रवर्ती के साथ मतगणना केंद्रों से निकलते समय कथित तौर पर मारपीट की गई और उन्हें केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) के कर्मियों ने सुरक्षित बाहर निकाला। बीजेपी के राहुल सिन्हा ने हिंसा की निंदा की लेकिन कहा कि यह 2021 जैसा नहीं है, जब मतगणना के तुरंत बाद तृणमूल ने हमारे पदाधिकारियों पर हमला किया था और कई पार्टी कार्यालयों में आग लगा दी थी और राज्य पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की थी।’ उन्होंने कहा, ‘इस बार पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों ने तुरंत कार्रवाई की।’
बता दें कि बंपर बहुमत के बाद बीजेपी अब सरकार बनाने जा रही है। वहीं, 15 साल सरकार चलाने के बाद सत्ता से बाहर हुई टीएमसी की मुखिया ममता बनर्जी ने आरोप लगाए हैं कि साजिश करके उन्हें हराया गया है। बीजेपी के अनुसार, 9 मई को नई सरकार का शपथ ग्रहण होगा। फिलहाल, भावी मुख्यमंत्री के नाम का एलान नहीं किया गया है।
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