तेलंगाना के हैदराबाद शहर के मसाब टैंक इलाके के शांति नगर में शनिवार की सुबह एक सीनियर वकील ख्वाजा मोईजुद्दीन की बेरहमी से हत्या कर दी गई। 63 साल के मोईजुद्दीन शनिवार सुबह करीब 5:30 बजे अपनी रोज की आदत के मुताबिक घर से स्विमिंग के लिए निकलने की तैयारी कर रहे थे। जैसे ही वह अपनी कार के पास पहुंचे और अपना बैग अंदर रखकर ड्राइवर सीट पर बैठने ही वाले थे एक हरी रंग की स्कॉर्पियो गाड़ी ने उन्हें पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि वह करीब 20 फीट दूर जाकर गिरे।
शुरुआत में इसे हिट-एंड-रन का मामला माना जा रहा था लेकिन सीसीटीवी फुटेज में यह साफ हो गया कि एसयूवी चालक ने जानबूझकर वकील को निशाना बनाया था और वारदात के बाद तुरंत फरार हो गया। हमलावरों द्वारा इस्तेमाल की गई उस एसयूवी पर कोई नंबर प्लेट भी नहीं थी। सिकंदराबाद की डीसीपी रक्षित कृष्णा मूर्ति ने इस मामले को अब भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) के तहत हत्या का केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने इस मामले की जांच के लिए पांच विशेष टीम बनाए है।
यह भी पढ़ें: सोना पप्पू और शांतनु सिन्हा के ठिकानों पर ED ने मारा छापा, क्या है मामला?
बेटे मोहम्मद फरहान ने क्या कहा?
वकील के बेटे मोहम्मद फरहान जो खुद भी एक वकील हैं उन्होंने इस घटना को एक प्री-प्लान्ड मर्डर बताया है। फरहान का आरोप है कि उनके पिता शहर के मालकपेट, मल्लेपल्ली और बाहरी इलाकों में वक्फ की जमीनों पर अवैध कब्जे, एनक्रोचमेंट और निजी पंजीकरण के खिलाफ कई केस लड़ रहे थे। फरहान ने यह भी आरोप लगाया है कि इस हत्या के पीछे शहर के दो शिक्षाविदों का हाथ हो सकता है।
पहले भी हुए है हमले
घरवालों ने बताया कि ख्वाजा मोईजुद्दीन को काफी समय से केस वापस लेने की धमकियां मिल रही थीं। उन्हें बीच-बीच में बिचौलियों के जरिए पैसे लेकर केस छोड़ने और दुबई चले जाने का दबाव बनाया जा रहा था। पिछले कुछ सालों में मोईजुद्दीन पर कम से कम पांच बार जानलेवा हमला हुआ था। उनके गनफाउंड्री वाले ऑफिस में और घर के पास मस्जिद के बाहर भी उन पर हमला किया गया था। फरहान ने ये भी बताया कि करीब छह महीने पहले उनके हिमायत नगर वाले ऑफिस में उन्हें भी धमकाया गया था।
यह भी पढ़ें: 'तुम्हारे घर को बम से उड़ा देंगे', बंगाल में झालमुड़ी दुकानकार को मिली धमकी
वकीलों का गुस्सा
घटना के बाद वकील साहब को पहले महावीर अस्पताल ले जाया गया। उसके बाद वहां से आबिद के एक प्राइवेट अस्पताल में शिफ्ट किया गया लेकिन चोंट इतनी ज्यादा थीं कि दोपहर 12:30 बजे उनका निधन हो गया। इस घटना से नाराज तेंलगाना हाई कोर्ट एडवोकेट्स एसोसिएशन और बाकी वकीलों ने कड़ी निंदा की है और हत्यारों को जल्द से जल्द पकड़ने की मांग करते हुए प्रदर्शन भी किया है।