उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले की एक दरगाह पर बड़े पैमाने पर वित्तीय हेरफेर का आरोप लगा है। आरोप के मुताबिक, सैयद सालार मसूद गाजी दरगाह की इंतजामिया कमेटी में रुपयों का हेरफेर हुआ है। बताया जा रहा है कि दरगाह में आने वाले चढ़ावे, दान और चंदे के रुपयों में गड़बड़ी की गई है। इस मामले को लेकर बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा के अध्यक्ष ने विशेष जांच दल (SIT) से जांच की मांग की है।
बीजेपी के कुंवर बासित अली ने दरगाह में कथित भ्रष्टाचार को लेकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को पत्र भेजा है। पत्र में पिछले 20 वर्षों के दौरान दरगाह में मिले चंदे में घोटाले की आशंका जताई गई है। साथ ही दरगाह की इंतजामिया कमेटी के अधिकारियों की जांच कराने की मांग की गई है। इन आरोपों को लेकर दरगाह के खादिम मोहम्मद मसूद ने अहम बयान दिया है, जबकि दरगाह कमेटी के एक सदस्य ने भी घोटाले की आशंका जताई है।
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दरगाह के लोगों ने आरोपों को किया खारिज
दरगाह के खादिम मोहम्मद मसूद ने कहा, 'दरगाह के खिलाफ जो आरोप लगाए गए हैं, वे बेहद दुखद हैं। अगर इन आरोपों में सच्चाई है तो दरगाह की प्रबंधन कमेटी को सामने आकर जवाब देना चाहिए। इसके अलावा निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि सच्चाई सबके सामने आ सके।'
इसके बाद उन्होंने कहा,'आरोपों के मुताबिक, साल 2005 से 2024 के बीच दान के रुपयों में घोटाला हुआ है। दरगाह से वक्फ बोर्ड को जाने वाली 7 फीसदी राशि की जानकारी के लिए मैंने खुद RTI दायर की थी। इस पर बोर्ड ने कहा कि उनके पास इससे संबंधित कोई दस्तावेज नहीं है। इसके अलावा मोहम्मद मसूद ने दरगाह में रहने वाले लोगों की भी जांच कराने की मांग की है।'
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कमेटी के एक सदस्य ने क्या कहा?
इस मामले को लेकर दरगाह कमेटी के सदस्य दिलशाद ने दूसरे सदस्य पर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा, 'कमेटी में एक व्यक्ति है जिसका परिवार बेहद प्रभावशाली माना जाता है। दरगाह के लगभग सभी अधिकार उसी के पास हैं। उसकी सैलरी सिर्फ 15 से 20 हजार रुपये है लेकिन इसके बावजूद उसका घर 15 से 20 करोड़ रुपये का बताया जाता है। इसके अलावा उसने लगभग 6 करोड़ रुपये के ठेके भी ले रखे हैं। ऐसे में वह व्यक्ति इस कथित घोटाले में शामिल हो सकता है।'