पश्चिम बंगाल में कुछ महीने बाद विधानसभा चुनाव हैं। इन चुनावों से पहले राजधानी कोलकाता में गुरुवार को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कई ठिकानों पर छापेमारी की। इस दौरान ED ने इंडियन पॉलिटिकल ऐक्शन कमेटी (I-PAC) के डायरेक्टर प्रतीक जैन के घर पर भी छापा मारा। प्रतीक जैन पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के लिए काम करते हैं। सीएम ममता छापेमारी के बीच ही प्रीतक जैन के घर पहुंच गई। इसके बाद से प्रतीक जैन चर्चा में बने हुए हैं। प्रतीक जैन I-PAC के डायरेक्टर हैं और इस साल होने वाले चुनाव के लिए वह ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी का चुनावी कैंपेन देख रहे हैं।
I-PAC एक पॉलिटिकल कंसल्टेंसी कंपनी है जो पहले प्रशांत किशोर की थी लेकिन अब प्रतीक जैन I-PAC का काम संभालते हैं। प्रीतक जैन इस कंपी के को-फाउंडर हैं। 2021 में हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भी प्रतीक ने प्रशांत किशोर के साथ मिलकर टीएमसी का कैंपेन संभाला था और 2024 में हुए लोकसभा चुनाव में भी उन्होंने टीएमसी का काम संभाला था। उनके घर पर ED की छापेमारी से राज्य में सियासी बवाल मच गया है।
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कौन हैं प्रतीक जैन?
पॉलिटिकल कंसल्टेंसी फर्म I-PAC से अब प्रशांत किशोर अलग हो चुके हैं। उनके अलग होने के बाद ऋषि राज सिंह, विनेश चंदेल और प्रतीक जैन कंपनी के डायरेक्टर बन गए थे। प्रतीक जैन IIT बॉम्बे के स्कॉलर रहे हैं। उन्होंने IIT बॉम्बे से मेटलर्जिकल इंजीनियरिंग और मटीरियल साइंस में इंजीनियरिंग की। इस दौरान उन्होंने एक्सिस म्यूचुअल फंड में इंटर्नशिप की। इंजीनियरिंग के बाद 2012 में जैन ने डेलॉइट में एक एनालिस्ट के तौर पर काम किया, जिसके बाद वह 'सिटिजन्स फॉर अकाउंटेबल गवर्नेंस' के फाउंडिंग मेंबर बने।

सिटिजन्स फॉर अकाउंटेबल गवर्नेंस ही बाद में I-PAC में बदल गया। प्रतीक जैन चुनावी रणनीतिकार के रूप में अपनी पहचान बनाने में कामयाब हुए हैं। यही कारण है कि ममता बनर्जी उन पर विश्वास करती हैं। वह तृणमूल कांग्रेस के आईटी सेल के हेड भी हैं। I-PAC इस देश के युवाओं को एक ऐसा प्लेटफॉर्म देता है जिसमें वह बिना किसी पार्टी का हिस्सा बने देश के राजनीतिक मामलों और गवर्नेंस में हिस्सा ले सकते हैं।
प्रतीक जैन पर क्या आरोप लगे?
ED ने मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के सिलसिले में कोलकाता में I-PAC और उसके डायरेक्टर प्रतीक जैन के ठिकानों पर छापा मारा है। ईडी के मुताबिक, इस मामले के तार कोयला चोरी से जुड़े हैं। जांच में सामने आया है कि हवाला ऑपरेटरों की मदद से कोयला चोरी का पैसा, I-PAC में लगा है। ईडी ने इस छापेमारी में कई महत्वपूर्ण डॉक्यूमेंट जब्त किए हैं।
हालांकि, ED की इस छापेमारी पर सीएम ममता बनर्जी ने कई गंभीर आरोप लगाए हैं। ममता बनर्जी ने दावा किया है कि ED उनकी पार्टी से जुड़े डॉक्यूमेंट्स ले जा रही है। ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि चुनाव के कारण वे मेरी पार्टी के बारे में सारी जानकारी इकट्ठा कर रहे हैं। छापेमारी पर सवाल उठाते हुए ममता बनर्जी ने कहा, 'क्या ED और अमित शाह का काम पार्टी की हार्ड डिस्क और कैंडिडेट लिस्ट इकट्ठा करना है? वह घटिया गृह मंत्री जो देश की रक्षा नहीं कर सकता, मेरे पार्टी के सारे डॉक्यूमेंट्स ले जा रहा है।'