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RTI के नियमों में ऐसा क्या बदला कि आंदोलन की चेतावनी देने लगे अन्ना हजारे?

RTI के नियमों में महाराष्ट्र की देवेंद्र फडणवीस सरकार ने कुछ ऐसे बदलाव किए हैं जिनको लेकर अन्ना हजारे ने अनशन की चेतावनी दे डाली है। आइए उन बदलावों के बारे में जानते हैं।

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अन्ना हजारे, File Photo Credit: Social Media

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लोकपाल बिल के लिए 2011 में जोरदार आंदोलन करने वाले समाजसेवी अन्ना हजारे एक बार फिर से चर्चा में हैं। उन्होंने एक बार फिर से धरना प्रदर्शन करने का एलान किया है और तारीख 5 जुलाई की तय की है। इस बार उनके आंदोलन की वजह बना है सूचना का अधिकार (RTI) कानून। इसके लिए उन्होंने महाराष्ट्र के मु्ख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को चिट्ठी लिखकर मांग की है कि RTI के नियमों में किए गए बदलावों को वापस लें वरना वह 5 जुलाई से धरने पर बैठ जाएंगे। 89 साल के हो चुके अन्ना बीते दो-तीन साल में कई बार आंदोलन की चेतावनी दे चुके हैं लेकिन ज्यादातर बार उनका धरना शुरू ही नहीं हुआ है।

 

अन्ना हजारे ने अपनी चिट्ठी में लिखा है कि 12 जून को जो बदलाव किए गए हैं, अगर उन्हें वापस नहीं लिया जाता है तो वह 5 जुलाई से अनशन शुरू कर देंगे। उनका कहना है कि यह अनशन उनके गांव यानी रालेगण सिद्धि के यादव बाबा मंदिर में ही होगी। अन्ना ने यह भी कहा है कि वह अनशन जारी रखेंगे चाहे इसमें उनकी जान ही चली जाए। रोचक बात है कि 12 जून को लागू किए गए तमाम बदलावों में से एक 'उद्देश्य पूछने' को पहले ही वापस लिया जा चुका है।

महाराष्ट्र सरकार ने क्या बदल दिया?

12 जून 2026 को महाराष्ट्र सरकार ने RTI कानून से जुड़े कुछ बदलाव किए। इन बदलावों के तहत जानकारी मांगने वाले शख्स को अपना आईडेंटिटी प्रूफ हदेना होगा। साथ ही, सब्जेक्ट मैटर की शब्द सीमा 150 शब्द तय की गई है। इतना ही नहीं, फर्स्ट अपील के लिए 20 के बजाय 50 रुपये और सेकेंड अपील के लिए 100 रुपये की फीस लगाई गई है। इसी तरह सामान्य तौर पर 10 रुपये में फाइल की जाने वाली आरटीआई के लिए 30 रुपये की फीस लगाने का एलान किया गया है।

 

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इतना ही नहीं, जो जानकारी देने के लिए एक पेज के 2 रुपये लिए जाते हैं, उसे बढ़ाकर 5 रुपये प्रति पेज कर दिया गया है। अगर आप ऑफिस जाकर कोई दस्तावेज देखते हैं तो पहला घंटा मुफ्त होगा और उशके बाद 50 रुपये प्रति घंटा देना होगा। साथ ही, यह भी कहा गया है कि पहले से जिन मुद्दों पर किसी और आरटीआई में जवाब दिया गया होगा उनमें उन आरटीआई का जिक्र करके अपील का निपटारा किया जाएगा।

 

राज्य सरकार ने जो RTI रूल्स 2026 जारी किए थे, उनमें 19 जून को बदलाव किया गया। 12 जून को जो फॉर्मैट जारी किया गया था उसमें यह भी पूछा गया था कि इस जानकारी को मांगने का मकसद क्या है? हालांकि, अब इसे हटा दिया गया है।

अन्ना हजारे ने क्या मांग की?

तमाम मुद्दों पर आंदोलन और धरना प्रदर्शन करते रहे समाजसेवी अन्ना हजार ने इन बदलावों का विरोध किया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को लिखी चिट्ठी में अन्ना हजारे ने लिखा है, 'RTI कोई राजस्व कमाने वाला कानून नहीं है। अगर 20 साल बाद फीस बढ़ाई जा रही है तो जानकारी देने से इनकार करने वाले अधिकारियों पर पेनाल्टी भी बढ़ाई जानी चाहिए।'

 

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उन्होंने ID प्रूफ मांगने का भी विरोध किया है और कहा है कि RTI ऐक्ट की धारा 6 (2) कभी भी ऐसी मांग नहीं करती है। उनका कहना है कि आईडी मांगना किसी भी ऐक्टिविस्ट या व्हिसलब्लोअर के लिए खतरा है। उन्होंने 'एक सब्जेक्ट, एक ऐप्लिकेशन' की भी आलोचना की है और कहा है कि इससे ट्रांसपैरेंसी कम हो जाएगी।

 

यही वजह है कि अब उन्होंने देवेंद्र फडणवीस सरकार को चिट्ठी लिखकर कहा है कि वह इन बदलावों को वापस ले लें। उनका कहना है कि अगर बदलावों को वापस नहीं लिया जाता है तो वह 5 जुलाई से अपने गांव में अनशन शुरू कर देंगे।

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