क्या है समदो-काजा ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट, हिमाचल प्रदेश में क्या बदलेगा?
मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने लाहौल स्पीती जिला के दुर्गम कुंजुम पास के नीचे टनल बनाने का एलान किया है। CM ने स्पीति के विकास पर 500 करोड़ रुपये खर्च करने की घोषणा की।

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, Photo Credit-CM Media
हिमाचल प्रदेश की दुर्गम स्पीति घाटी में सालभर बेहतर सड़क संपर्क, बिजली और स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में सरकार ने कई अहम घोषणाएं की हैं। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कुंजुम पास के नीचे टनल निर्माण के लिए सर्वे करवाने और इसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने का आश्वासन दिया है। सरकार स्पीति के विकास पर आने वाले समय में 500 करोड़ रुपये खर्च करने जा रही है। इसके अलावा काजा में हेलिपोर्ट निर्माण के लिए सर्वे, कॉलेज खोलने की संभावनाओं की पड़ताल और विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति की भी घोषणा की गई है।
मुख्यमंत्री ने अपने दो दिवसीय स्पीति प्रवास के दौरान काजा में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि कुंजुम टनल बनने से क्षेत्र के लोगों और यहां आने वाले पर्यटकों को वर्षभर बेहतर सड़क संपर्क सुविधा मिल सकेगी। वर्तमान में ऊंचाई वाले दर्रों पर बर्फबारी के कारण आवागमन प्रभावित होता है। ऐसे में टनल निर्माण को क्षेत्र की कनेक्टिविटी के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए पहले सर्वे और डीपीआर तैयार करने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। मुख्यमंत्री ने स्पीति घाटी को प्राकृतिक खेती क्षेत्र बनाने की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि काजा में कॉलेज खोलने की संभावनाएं तलाशी जाएंगी। स्थानीय लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए स्त्री रोग विशेषज्ञ और मेडिसिन विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति की जाएगी। काजा में हेलिपोर्ट निर्माण के लिए सर्वे करवाने का आश्वासन देते हुए उन्होंने कहा कि इससे पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के साथ आपात परिस्थितियों में भी लोगों को लाभ मिल सकता है।
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समदो-काजा ट्रांसमिशन लाइन पर खर्च होंगे 350 करोड़
स्पीति में बिजली की समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में समदो-काजा ट्रांसमिशन लाइन परियोजना को महत्वपूर्ण बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इसका कार्य तीन वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इस परियोजना पर लगभग 350 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब वह पहली बार 15 अप्रैल को हिमाचल दिवस कार्यक्रम के दौरान इस क्षेत्र में आए थे, तब स्थानीय लोगों ने उनके सामने बिजली की समस्या उठाई थी।
अब इस दिशा में किए गए प्रयास धरातल पर उतरने लगे हैं। सरकार का लक्ष्य क्षेत्र में बिजली आपूर्ति को अधिक विश्वसनीय बनाना है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश का लगभग 42 प्रतिशत भू-भाग शीत मरुस्थलीय क्षेत्र में आता है। इन दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सरकार विशेष प्राथमिकता के आधार पर विकास कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि स्पीति के लोगों की आय दोगुनी करने की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं।
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स्पीति में पर्यटन और शीतकालीन खेलों को मिलेगा बढ़ावा
स्पीति की भौगोलिक परिस्थितियों और पर्यटन की संभावनाओं का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार इस क्षेत्र को विकास की नई संभावनाओं से जोड़ने के लिए प्रयासरत है। हेलिपोर्ट निर्माण के लिए प्रस्तावित सर्वे को इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। विधायक अनुराधा राणा ने बताया कि क्षेत्र में 75 करोड़ रुपये की लागत से आइस हॉकी ग्राउंड और आठ करोड़ रुपये की लागत से क्रिकेट ग्राउंड स्वीकृत किए गए हैं। इसके अतिरिक्त स्टार गेजिंग की शुरुआत की गई है और शीतकालीन खेलों को बढ़ावा देने के लिए भी कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्पीति की बौद्ध संस्कृति, प्राकृतिक सौंदर्य और विशिष्ट भौगोलिक परिस्थितियां इसे पर्यटन के लिहाज से विशेष बनाती हैं। पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलने से स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ सकते हैं।
काजा में स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत करने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा की ओर से प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं पर खर्च को लेकर उठाए गए सवालों के संदर्भ में कहा कि पिछली बीजेपी सरकार के कार्यकाल में प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों और अन्य स्वास्थ्य संस्थानों में केवल 35 प्रतिशत कर्मचारी उपलब्ध थे। वर्तमान सरकार के प्रयासों से यह संख्या बढ़कर 70 प्रतिशत तक पहुंच गई है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने सत्ता में आने के बाद क्रिटिकल केयर ब्लॉक का कार्य शुरू करवाया। आयुष्मान भारत योजना का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2023 से 2027 के बीच इस योजना में प्रदेश की हिस्सेदारी लगभग 26 करोड़ रुपये है, जबकि योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए राज्य सरकार ने लगभग 204 करोड़ रुपये प्रदान किए हैं।
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि पिछली बीजेपी सरकार के कार्यकाल में प्रदेश के लोगों को लगभग 1,000 करोड़ रुपये के इलाज के लिए राज्य से बाहर जाना पड़ता था। वर्तमान सरकार ने प्रदेश के सभी चिकित्सा महाविद्यालयों में एम्स दिल्ली की तर्ज पर आधुनिक चिकित्सा तकनीक उपलब्ध करवाने के लिए अपने संसाधनों से धनराशि खर्च की है। काजा में स्त्री रोग विशेषज्ञ और मेडिसिन विशेषज्ञ की नियुक्ति की घोषणा को भी स्थानीय स्वास्थ्य सेवाओं के लिहाज से अहम माना जा रहा है। दुर्गम क्षेत्र होने के कारण यहां विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता स्थानीय लोगों के लिए बड़ी राहत साबित हो सकती है।
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ओपीएस और कर्मचारियों के हितों पर सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई
मुख्यमंत्री ने कर्मचारियों के कल्याण और पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को वृद्धावस्था में आत्मसम्मान के साथ जीवनयापन करने और सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से पुरानी पेंशन योजना बहाल की गई है। आने वाले समय में और कर्मचारियों को इसके दायरे में लाने पर विचार किया जा रहा है। उन्होंने दिवाली के अवसर पर कर्मचारियों को महंगाई भत्ते की किस्त जारी करने पर विचार करने की बात भी कही। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि ओपीएस लागू करने के कारण केंद्र सरकार ने हिमाचल प्रदेश को प्रतिवर्ष मिलने वाले 1,600 करोड़ रुपये रोक दिए हैं।
भ्रष्टाचार पर अंकुश से 4,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय का दावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने भ्रष्टाचार के रास्ते बंद करके 4,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय अर्जित की है। इस धनराशि का उपयोग जनकल्याणकारी योजनाओं को संचालित करने में किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि उपलब्ध संसाधनों का उपयोग प्रदेश के लोगों को बेहतर सुविधाएं देने और विकास कार्यों को गति प्रदान करने में किया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने महिलाओं को 1,500 रुपये की आर्थिक सहायता देने की शुरुआत भी स्पीति की महिलाओं से की थी। उन्होंने ‘अपना परिवार, सुखी परिवार’ योजना शुरू करने की घोषणा करते हुए कहा कि इसके तहत प्रदेश की सभी पात्र महिलाओं को 1,500 रुपये मासिक पेंशन, 300 यूनिट मुफ्त बिजली और प्रतिवर्ष 10 लाख रुपये का बीमा उपलब्ध करवाने का प्रावधान होगा। योजना के तहत लाभार्थियों की पात्रता, क्रियान्वयन और लागू होने की समयसीमा से संबंधित विस्तृत जानकारी अलग से स्पष्ट होना बाकी है।
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पूर्व विधायक पर साधा निशाना, कांग्रेस छोड़ने वालों के भविष्य पर कही बात
मुख्यमंत्री ने लाहौल-स्पीति के पूर्व विधायक पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने कभी कल्पना नहीं की थी कि वह क्षेत्र की जनता के साथ विश्वासघात करेंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस छोड़ने वाले नेताओं का राजनीतिक भविष्य प्रदेश की जनता तय करेगी। मुख्यमंत्री ने उपचुनाव में लाहौल-स्पीति की जनता द्वारा महिला विधायक को चुनने का उल्लेख करते हुए कहा कि अनुराधा राणा क्षेत्र के लोगों के हितों की लड़ाई लड़ रही हैं।
उन्होंने
राहुल गांधी
के नेतृत्व में वोट चोरी के खिलाफ चलाए जा रहे आंदोलन का भी जिक्र किया। बीजेपी पर विधायकों की खरीद-फरोख्त का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नौ विधायकों को अपने पक्ष में करके हिमाचल प्रदेश की सरकार गिराने का प्रयास किया गया था। उन्होंने कहा कि भगवान, जनता और प्रदेश के देवी-देवताओं के आशीर्वाद से राज्य सरकार सफलतापूर्वक कार्य कर रही है।
दो साल पुरानी घोषणाएं पूरी करने का विधायक ने किया दावा
विधायक अनुराधा राणा ने क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि 15 अप्रैल, 2023 को मुख्यमंत्री द्वारा की गई सभी घोषणाओं को पूरा कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री आम आदमी की समस्याओं को समझते हैं और क्षेत्र के विकास के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री अगले दो से तीन वर्षों में क्षेत्र में 24 घंटे बिजली उपलब्ध करवाने के लिए प्रयासरत हैं।
पहले क्षेत्र में चिकित्सकों की कमी थी, लेकिन अब विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्तियां की गई हैं। उन्होंने यह भी कहा कि क्षेत्र को 12 वर्षों बाद खंड चिकित्सा अधिकारी (बीएमओ) मिला है।
नौतोड़ के मुद्दे का उल्लेख करते हुए विधायक ने कहा कि कांग्रेस इस मांग को लेकर लंबे समय से संघर्ष कर रही है और राज्य सरकार लगातार राज्यपाल के समक्ष इस विषय को उठा रही है। इस अवसर पर जिला कांग्रेस अध्यक्ष दोरजे लारजे, पंचायत समिति अध्यक्ष छेरिंग डोलमा, उपाध्यक्ष महिंद्र, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष छेरिंग सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
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