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अभिजीत दिपके पर स्याही फेंकने वाली बरखा त्रेहन कौन हैं? सेंगर से रहा है कनेक्शन

दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान CJP संस्थापक अभिजीत दिपके पर बरखा त्रेहन ने स्याही फेंकी। घटना के बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया। बरखा का नाम पहले कुलदीप सेंगर से जुड़े मामले में भी सामने आ चुका है।

Who is Barkha Trehan

अभिजीत दिपके पर स्याही फेंकने वाली बरखा त्रेहन, Photo Credit: Social Media

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देश की राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर सोनम वांगचुक के अनशन और प्रदर्शन के दौरान शनिवार को एक बड़ा हंगामा देखने को मिला। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके पर एक महिला ने स्याही फेंक दी। घटना का वीडियो देखते ही देखते सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। स्याही फेंकने वाली महिला की पहचान 32 वर्षीय बरखा त्रेहन के रूप में हुई। घटना के बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर संसद मार्ग थाने पहुंचाया। बरखा त्रेहन का नाम इससे पहले भी रेप के आरोपी रहे कुलदीप सेंगर से जुड़े एक मामले में सामने आ चुका है।

 

जानकारी के अनुसार, दोपहर करीब 1:20 बजे अभिजीत दिपके मंच से अपने समर्थकों को संबोधित कर रहे थे। वह अपने भाषण में सोनम वांगचुक को प्रदर्शन स्थल से हटाए जाने को लेकर दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठा रहे थे। इसी दौरान बरखा त्रेहन मंच के पास पहुंचीं और उन पर स्याही फेंक दी। घटना के तुरंत बाद मौजूद लोगों ने उन्हें पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया।

 

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बताई स्याही फेंकने की वजह

घटना के बाद बरखा त्रेहन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनका विरोध किसी शांतिपूर्ण प्रदर्शन से नहीं, बल्कि मंच से भगवान राम और माता सीता के खिलाफ की गई आपत्तिजनक टिप्पणियों से था। उन्होंने दावा किया कि इसी के विरोध में उन्होंने अभिजीत दिपके पर स्याही फेंकी। बरखा ने यह भी कहा कि वह किसी राजनीतिक दल से जुड़ी नहीं हैं और उन्हें लगता है कि CJP का प्रदर्शन NEET के मुद्दे से अधिक राजनीतिक उद्देश्य से आयोजित किया गया था।

कौन हैं बरखा त्रेहन?

बरखा त्रेहन पुरुष अधिकारों की मुखर सामाजिक कार्यकर्ता हैं और पुरुष आयोग (Purush Aayog) की अध्यक्ष हैं। वह खुद को 'हिंदू एंटरप्रेन्योर' और 'वॉइस ऑफ मेन' बताती हैं। बरखा लंबे समय से दहेज, घरेलू हिंसा और वैवाहिक विवादों से जुड़े कानूनों के दुरुपयोग का मुद्दा उठाती रही हैं। साथ ही, वह देस में पुरुष आयोग के गठन और जेंडर-न्यूट्रल कानून लागू करने की मांग भी करती रही हैं।

 

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बरखा त्रेहन पहले भी विवादों में रह चुकी हैं। उन्होंने उन्नाव दुष्कर्म मामले में दोषी ठहराए जा चुके पूर्व BJP विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के मामले में कानूनी प्रक्रिया का समर्थन किया था, जिस पर उनकी आलोचना हुई थी। पुलिस के अनुसार, वह दिसंबर 2025 में भी जंतर-मंतर पर पुरुष आयोग के एक प्रदर्शन में शामिल हुई थीं।


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