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'काम न हो तो मुझे आधी सैलरी दो', कौन हैं ऐसी मांग करने वाले IAS रिंकू सिंह राही?

IAS रिंकू सिंह राही ने पत्र लिखकर अपनी पोस्टिंग और कामकाज को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सीमित काम होने पर सरकार से अपनी सैलरी आधी करने की बात कही है।

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IAS रिंकू सिंह राही। Photo Credit- Social Media

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इन दिनों उत्तर प्रदेश कैडर 2023 बैच के आईएएस अधिकारी रिंकू सिंह राही सुर्खियों में हैं। सुर्खियों में रहने की वजह कोई सरकारी नहीं बल्कि उनके द्वारा लिखा गया पांच पन्ने का एक लेटर है। इस लेटर में राही ने ऐसी बातें लिखी हैं, जिसकी चर्चा सरकार से लेकर प्रशासनिक स्तर पर हो रही है। दरअसल, रिंकू सिंह ने अपने लेटर में अपनी पोस्टिंग और कामकाज को लेकर ही सवाल उठाए हैं। साथ ही उन्होंने प्रशासनिक व्यवस्था, राजनीतिक हस्तक्षेप और सुशासन के मॉडल पर भी बातें रखी हैं।

 

पत्र में रिंकू ने कहा है कि अगर उनके पास दिनभर में बहुत सीमित काम है तो उन्हें सरकार आधी सैलरी दे या फिर उन्हें किसी ऐसी जगह तैनात कर दिया जाए, जहां वे नियमों के मुताबिक काम कर सकें। पत्र में उन्होंने यहां तक कहा है कि ऐसा नहीं होने पर उन्हें किसी दूसरे राज्य में भेज दिया जाए।

 

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साधारण पृष्ठभूमि से आते हैं रिंकू सिंह

 

बता दें कि रिंकू सिंह बहुत ही साधारण पृष्ठभूमि से आते हैं। उन्होंने काफी सीमित संसाधनों में रहकर पढ़ाई की और देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षा यूपीएससी पास की। वह यूपी के अलीगढ़ जिले के रहने वाले हैं। रिंकू सिंह के पिता आटा चक्की चलाते थे। आर्थिक चुनौतियों के बीच उन्होंने सरकारी स्कूल से पढ़ाई की और स्कॉलरशिप के सहारे अपनी पढ़ाई जारी रखी। बाद में उन्होंने इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की।

 

जालौन जिले में पोस्टिंग दी जाए

 

रिंकू सिंह राही ने पत्र में लिखा है कि अगर संभव हो तो उन्हें  उत्तर प्रदेश के किसी ऐसे जिले में तैनात किया जाए, जहां वे संविधान और नियमों के मुताबिक काम कर सकें। अगर यह भी संभव ना हो तो उन्हें किसी दूसरे राज्य में ट्रांसफर करने पर विचार किया जाए।

 

पत्र में गंभीर आरोप लगाए

 

उन्होंने अपने पांच पन्ने के पत्र में गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि जालौन में अवैध कब्जों और अवैध खनन के मामलों में कार्रवाई करने के दौरान उन्हें राजनीतिक और प्रशासनिक दबाव का सामना करना पड़ा। पत्र में उन्होंने आरोप लगाया है कि एक विधायक के सामने ही जिलाधिकारी ने कथित तौर पर निर्देश दिया कि कुछ मामलों में कार्रवाई न की जाए। 

 

उन्होंने यह भी लिखा है कि एक कैबिनेट मंत्री के नाम का इस्तेमाल करके कुछ मामलों की जांच प्रभावित करने की कोशिश की गई। 

 

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रिंकू सिंह ने कई सुझाव दिए

 

रिंकू सिंह ने पत्र में सरकार को सुझाव दिया है कि उनके हिसाब से प्रशासन कैसे काम करना चाहिए। उन्होंने कहा है कि प्रशासन का मकसद केवल शिकायतों का निस्तारण नहीं, बल्कि समस्याओं का स्थायी समाधान होना चाहिए। उन्होंने सोशल ऑडिट, सरकारी जमीनों के बेहतर प्रबंधन, गांव स्तर पर जवाबदेही, लाइब्रेरी, खेल मैदान और जीरो पॉवर्टी मॉडल जैसे सुझाव भी दिए हैं। उन्होंने कहा शासन का मतलब सिर्फ फाइलों का निस्तारण नहीं, बल्कि ऐसी व्यवस्था बनाना है जिसमें शिकायत दोबारा पैदा ही ना हो।


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