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ममता ने निकाला तो तोड़ डाली TMC, कौन हैं ऋतब्रत बनर्जी?

बंगाल में चुनावी हार के बाद TMC विधायक ऋतब्रत बनर्जी 59 विधायकों के साथ बागी तेवर दिखा रहे हैं, जिससे पार्टी में टूट की आशंका गहरा गई है।

Who is Ritabrata Banerjee

अभिषेक बनर्जी और ऋतब्रत बनर्जी, Photo Credit: ANI

पश्चिम बंगाल की राजनीति में इन दिनों जबरदस्त सियासी घमासान मचा हुआ है। पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) अंदरूनी कलह और बढ़ते असंतोष का सामना कर रही है। नेता प्रतिपक्ष (LoP) के चयन को लेकर शुरू हुआ विवाद अब इतना बढ़ गया है कि पार्टी में टूट की अटकलें लगाई जाने लगी हैं। इस पूरे मामले के केंद्र में TMC विधायक ऋतब्रत बनर्जी हैं, जिन्हें बागी खेमे का सबसे बड़ा चेहरा माना जा रहा है। अब 58 विधायक खुलकर उनके साथ आ गए हैं।

 

पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में हाल ही में ऋतब्रत बनर्जी और विधायक संदीपन साहा को TMC से निष्कासित कर दिया गया। हालांकि, इसके बाद स्थिति और अधिक गंभीर हो गई। बताया जा रहा है कि करीब 59 विधायक ऋतब्रत के समर्थन में सामने आए हैं और उन्होंने विधानसभा में खुद को मुख्य विपक्षी दल के रूप में मान्यता देने का दावा भी पेश किया है।

 

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कौन हैं ऋतब्रत बनर्जी?

ऋतब्रत बनर्जी पश्चिम बंगाल के उलुबेरिया पूर्व विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं। उन्होंने हालिया विधानसभा चुनाव में BJP उम्मीदवार को हराकर जीत दर्ज की थी। राजनीति में उनका सफर काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा है। वह पहले CPI(M) से जुड़े थे और राज्यसभा सांसद भी रह चुके हैं। साल 2017 में उन्हें पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में CPI(M) से निष्कासित कर दिया गया था। इसके बाद उन्होंने तृणमूल कांग्रेस का दामन थामा और बाद में पार्टी ने उन्हें राज्यसभा भी भेजा।

कैसे भड़की बगावत की आग?

पार्टी के अंदर शुरू हुआ यह सियासी घमासान कथित 'सिग्नगेट' विवाद से शुरू हुआ। आरोप है कि नेता प्रतिपक्ष के नाम को लेकर TMC नेतृत्व ने जो कागजात भेजे थे उनमें कई विधायकों के हस्ताक्षर या तो नकली थे या फिर उनकी मंजूरी के बिना किए गए थे।

 

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मामला तब और गरमा गया जब ऋतब्रत बनर्जी और संदीपान साहा ने सीधे विधानसभा अध्यक्ष को लिखित शिकायत दे दी। इसके बाद नेता प्रतिपक्ष से जुड़ा प्रस्ताव खारिज कर दिया गया। अब विवाद इतना बढ़ चुका है कि ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व में करीब 59 TMC विधायक विधानसभा पहुंच गए और खुद को राज्य का मुख्य विपक्षी दल मानने की मांग करने लगे। सबसे दिलचस्प बात यह है कि इन बागी विधायकों में कई ऐसे नाम भी शामिल हैं, जो पहले से ही CBI और ED जैसी केंद्रीय जांच एजेंसियों की नजर में हैं।


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