अधिकारियों की किस्मत भी सरकार भरोसे होती है। कुछ अधिकारियों को सरकार जबरन रिटायर करती है, कुछ अधिकारियों को रिटायमेंट के बाद भी काम के मौके देती है। सरकार के पास सेवा विस्तार का अधिकार है, यह लाभ, उत्तर प्रदेश सरकार ने कई अधिकारियों को दिया है। कई अहम विभागों में कोई नई नियुक्ति नहीं हुई है, सारी जिम्मेदारी सेवा विस्तार पाने वाले अधिकारियों की है। ये वभाग, विधानमंडल से जुड़े हैं। विधान परिषद और विधानसभा दोनों के प्रशासनिक पदों की कमान, सेवा विस्तार पाने वाले अधिकारियों हाथों में है।
जिन अधिकारियों का प्रदर्शन अच्छा रहा है, यूपी सरकार उन्हें सेवा विस्तार देने में नहीं हिचकती है। उत्तर प्रदेश के 'फाइनेंशियल हैंडबुक' के मूल नियम 56 के तहत कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति की आयु तय होती है। इस नियम के तहत राज्य सरकार को यह अधिकार है कि वह जनहित या प्रशासनिक अनिवार्यता को देखते हुए किसी अधिकारी को सेवा विस्तार दे सके। इसी नियम के तहत कई भरोसेमंद अधिकारियों को योगी सरकार ने सेवा विस्तार दिया है।
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विधानसभा प्रमुख सचिव: स्थाई नियुक्ति का इंतजार
प्रदीप कुमार भी न्यायिक विभाग में रहे हैं। अब वह यूपी विधानसभा के प्रमुख सचिव हैं। 13 जनवरी 2009 को वह सचिव पद पर नियुक्त हुए थे, संसदीय कार्य के पद से स्वैच्छिक सेवानृवित्ति ली और विधानसभा तक पहुंचे। 30 अप्रैल 2019 को ही वह रिटायर हो चुके हैं, सचिवालय ने आदेश भी जारी किया था। कई बार सेवा विस्तार मिला है। 7 साल से वह प्रमुख सचिव के पद पर बने हुए हैं।
विधान परिषद के प्रमुख का पद भी 'इंतजार' भरोसे
डॉ. राजेश सिंह विधान परिषद के प्रमुख सचिव हैं। वह न्यायिक विभाग से जुड़े रहे हैं। उन्हें 1 अगस्त 2018 को विधान परिषद की जिम्मेदारी दी गई थी। विधान परिषद में रिटायमेंट की उम्र 65 साल है। जुलाई 2023 में उन्हें रिटार होना था लेकिन 3 साल बाद भी वह रिटायर नहीं हुए हैं।
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प्रमुख सचिव, संसदीय कार्य विभाग का भी ऐसा ही है हाल
जय प्रकाश सिंह की भी कहानी कुछ ऐसी है। वह यूपी में प्रमुख सचिव, संसदीय कार्य के पद पर हैं। 8 जून 2018 को उनकी नियुक्ति इस पद पर हुई, वह विशेष सचिव न्याय के पद पर तैनात रहे। उम्र के हिसाब से वह 31 दिसंबर 2025 को रिटायर हो रहे थे, उन्हें भी एक साल का सेवा विस्तार मिल गया।
विशेष सचिव, गोपन में भी नए अधिकारी की नियुक्ति नहीं
PCS अधिकारी कृष्ण गोपाल साल 2014 में ही रिटायर हो गए थे। उन्हें लगातार सेवा विस्तार मिल रहा है। यह विभाग स्थाई नियुक्ति की बाट जोट रहा है लेकिन किसी अधिकारी को पोस्टिं नहीं मिल रही है।