बिहार की सरकार और ईशा फाउंडेशन अचानक चर्चा में आ गए हैं। ईशा फाउंडेशन का पहला शव दाह गृह भी पटना का बांसघाट पर खुल गया है। इस बीच एक और खबर आई है कि बिहार की सरकार ने 15.01 एकड़ जमीन जग्गी वासुदेव उर्फ सद्गुरु के ईशा फाउंडेशन को देने का फैसला किया है। यह जमीन सिर्फ 1 रुपये में 99 साल की लीज पर दी गई है। इसी तरह तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (TTD) को भी 10.11 एकड़ जमीन देने का फैसला किया गया है। बुधवार को हुई कैबिनेट मीटिंग में 5 प्राइवेट यूनिवर्सिटी, ग्रीनफील्ड सैटलाइट टाउनशिप बनाने और कई टेक कंपनियों से पार्टनरशिप से जुड़े फैसले भी लिए गए।
चर्चा है कि ईशा फाउंडेश को मिलने वाली यह जमीन तेलडीहा के प्रसिद्ध मंदिर के पास दी जाएगी। जनवरी 2025 में बिहार सरकार ने तब डिप्टी सीएम रहे
सम्राट चौधरी
की पहल पर ही 15.44 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया था। तब इसके लिए 5.28 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई थी जिसमें 2.64 करोड़ की पहली किस्त जारी की गई थी। तब कहा गया था कि तेलडीहा मंदिर को धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। अगस्त 2025 में बिहार सरकार ने तेलडीहा में भगवान शिव की विशाल प्रतिमा बनाने का एलान किया था और इसके लिए 29.88 करोड़ रुपये खर्च करने की योजना बनाई गई थी।
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फरवरी 2026 में खबरें आई थीं कि ईशा फाउंडेशन एक बड़ा योग केंद्र स्थापित करना चाहता है जिसके लिए उसे 120 एकड़ जमीन की तलाश है। इसी संबंध में ईशा फाउंडेशन ने बिहार सरकार से संपर्क किया था और राज्य के पर्यटन विभाग के तत्कालीन सचिव नीलेश रामचंद्र देवरे ने सभी जिलाधिकारियों से कहा था कि अगर उनके यहां 100 एकड़ जमीन की उपलब्धता है तो इसके बारे में रिपोर्ट सौंपे। अब चर्चा है कि तेलडीहा में मिलने वाली इस जमीन पर योग सेंटर बनाया जाएगा।
ईशा फाउंडेशन को मिली जमीन
सरकार की ओर से जारी प्रेस रिलीज के मुताबिक, इन संस्थाओं को जमीन देने का फैसला पर्यटन से जुड़ा हुआ है। इसमें मुंगेर के तारापुर में ईशा फाउंडेशन को सिर्फ 1 रुपये की लीज पर 15.01 एकड़ जमीन 99 साल की लीज पर दी जाएगी। बता दें कि तारापुर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का क्षेत्र है और वह तारापुर के ही विधायक हैं। ईशा फाउंडेशन को इतनी जमीन देने के पीछे का मकसद यह बताया गया है कि यह संस्था सांस्कृतिक , धार्मिक और पर्यटन स्थल विकसित करेगी।
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इसी तरह आंध्र प्रदेश में स्थित श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर जैसे अन्य मंदिरों का प्रबंधन देखने वाले तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (TTD) को मोकामा में 10.11 एकड़ जमीन दी गई है। यह जमीन भी 99 साल के लिए लीज पर दी गई है और बदले में सिर्फ 1 रुपये लिए जाएंगे। बिहार सरकार ने दलाई लामा से जुड़ी मोनेस्ट्री के नामग्याल तांत्रिक कॉलेज को भी जमीन देने का एलान किया है। यह जमीन कुछ खास शर्तों के आधार पर 50 साल के लिए दी गई है।
श्मशान घाट भी चलाएगा ईशा फाउंडेशन
इससे पहले, बिहार में ईशा फाउंडेशन को आधुनिक शवदाह गृह चलाने की मंजूरी भी दी गई थी।
नीतीश कुमार
के मुख्यमंत्री रहते ही 9 सितंबर 2025 को हुई कैबिनेट मीटिंग में एक फैसला लिया गया था जिसके तहत पटना, गया, छपरा, सहरसा, भागलपुर और बेगूसराय में आधुनिक शवदाह गृह बनाने के लिए ईशा फाउंडेशन को जमीन उपलब्ध कराई जानी थी। इसके लिए भी सिर्फ 1 रुपये लिए जाने थे और लीज की अवधि 33 साल रखी गई थी। इसी क्रम में अब पटना के बांसघाट पर पहला आधुनिक शवदाह गृह तैयार भी हो गया है।
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कैबिनेट के अन्य फैसले
- सीवान, मोतिहारी, बेगूसराय और रजौली में 164 करोड़ की लागत से नए कोर्ट परिसर बनाए जाएंगे
- इसी तरह पांच प्राइवेट यूनिवर्सिटी बनाने को भी मंजूरी दी गई है
- केंद्र सरकार की मदद से चलने वाली परंपरागत कृषि विकास योजना के लिए 30.60 करोड़ रुपये की मंजूरी
- लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान के दूसरे चरण को 2026-27 तक जारी रखने के लिए 24.67 करोड़ रुपये
- कैबिनेट ने बिहार राज्य टीचर ट्रांसफर रूल्स, 2026 को भी मंजूरी दी है