दक्षिणी दिल्ली के पॉश इलाके माउंट कैलाश में शुक्रवार को एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया। यहां एक नामी डॉक्टर ने अपने 45 साल की धरेलू सहायिका की पीट-पीटकर और चाकूओं से गोदकर हत्या कर दी। डॉक्टर ने सहायिका की सिर्फ इसलिए हत्या कर दी क्योंकि उसे शक था कि वह 'काला जादू टोना' करती है। हत्यारे डॉक्टर का नाम मनीष गुप्ता है, जिसकी उम्र 50 साल है। सहायिका डॉक्टर के घर में पिछले 10 साल से काम कर रही थी।
पुलिस ने बताया कि मृतक सहायिका का नाम मीना हलदर है। डॉक्टर ने पहले उसे बैट से मारा और फिर एक धारदार हथियार से उसकी हत्या कर दी। पुलिस ने मनीष गुप्ता को मौके से गिरफ्तार कर लिया है। हत्या के बाद वह घर से भागा नहीं था, बल्कि घर पर ही था।
डॉक्टर ने अपना जुर्म कबूला
पुलिस ने जानकारी देते हुए बताया कि डॉक्टर ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। उसने पुलिस को बताया कि घरेलू काम करने वाली मीना हलदर के खिलाफ कई शिकायतें थीं। हालांकि, मनीष के परिवार ने बताया है कि वह पिछले 10 साल से अपना मानसिक इलाज करवा रहा था।
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कैसे हुई हत्या?
घटना गुरुवार सुबह की है। जानकारी में जामने आया है कि सुबह 10 बजे के बाद डॉक्टर की पत्नी काम पर चली गई। इसके बाद घर में डर्मेटोलॉजिस्ट के डॉक्टर मनीष गुप्ता और उसका नाबालिग बेटा घर पर थे। सुबह 10:30 बजे सहायिका मीना हलदर डॉक्टर के घर पर काम करने के लिए आई। पुलिस ने बताया कि मीना कपड़े धोने के बाद उन्हें सुखाने के लिए छत पर गई। सुबह 11:15 बजे से पहले डॉक्टर मनीष भी उसके पीछे छत पर चला गया।
पड़ोसी ने देखा मीना का शव
मनीष गुप्ता ने पहले मीना हलदर के सिर पर क्रिकेट बैट से वार किया, जिससे वह गिर जमीन पर गई। इसके बाद उसने चाकू से कई बार वार किया। इसके बाद मनीष गुप्ता नीचे गया और खून से सने हथियार सीढ़ियों के पास रख दिए। थोड़ी देर बाद पास की बिल्डिंग में रहने वाले एक पड़ोसी ने छप पर मीना का शव देखा तो उसने फौरन पुलिस को सूचना दी।
मीना हलधर का टूटा परिवार
मीना हलधर के बेटे रॉबिन हलदर ने मां की मौत के बाद कहा, 'जब मैं बच्चा था, तो मेरी मां ने सालों तक घर चलाने के लिए बहुत मेहनत की। उन्होंने हमें सबसे अच्छी ज़िंदगी दी। मुझे यकीन नहीं हो रहा कि उन्हें बिना किसी वजह के बेरहमी से मार दिया गया। उन्होंने कभी छुट्टी नहीं ली, वह हमेशा समय पर आती थीं। वह हमेशा उनकी (गुप्ताओं की) बात सुनती थीं। उन्होंने ऐसा क्यों किया? मेरी मां खून से लथपथ पड़ी थीं। ऐसा लग रहा है कि उन्होंने उन्हें कई बार चाकू मारा। क्यों? मुझे जवाब चाहिए। मेरी मां हमेशा उनकी तारीफ करती थीं। उन्होंने वहां 10-12 साल से ज्यादा काम किया।'
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डॉक्टर की पत्नी ने क्या कहा?
वहीं, डॉक्टर की पत्नी सप्तमी ने कहा, 'हम पास में ही काम कर रहे थे जब हमने सुना कि मीना छत पर मरी हुई है। हम वहां पहुंचे लेकिन पुलिस ने हमें अंदर जाने नहीं दिया। हमने विरोध किया और किसी तरह अंदर पहुंचं। मुझे अपनी आंखों पर यकीन नहीं हुआ। हर जगह खून पड़ा हुआ था। मीना के सिर पर कई चोट के निशान थे। मैं बेहोश हो गई। अगर वह अपना काम ठीक से नहीं कर रही थी, तो वे उसे हटा सकते थे। उसे क्यों मारा? उसकी क्या गलती थी?'
पुलिस ने बताया कि मनीष गुप्ता मीना हलदर के काम से खुश नहीं था और उसे काम से हटाना चाहता था। मगर, इसको लेकर गुप्ता के परिवार ने उसका विरोध किया था। पुलिस ने बताया, 'वह परेशान था और उसे बुरा लग रहा था कि किसी ने उसकी बात नहीं सुनी। उसे शक था कि मीना घर में बुरी एनर्जी ला रही है और इससे उसके बेटे की पढ़ाई पर असर पड़ रहा है।'
पड़ोस के लोग सदमे में...
डॉक्टर के पड़ोस में रहने वालों लोगों का कहना है कि उन्हें इस घटना का बिल्कुल भी अंदाजा नहीं था कि पड़ोस में ऐसा भी कुछ हो सकता है। दिल्ली के पॉश इलाके में हुई इस हाई-प्रोफाइल हत्या के बाद पुलिस सही पहलुओ से जांच कर रही है।