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सरकारी कर्मचारी पर डाल दिया था कीचड़, महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणे को हुई सजा

साल 2019 में एक इंजीनियर के ऊपर कीचड़ उड़ेल देने के मामले में महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणे को एक महीने की सजा सुना दी गई है। तब वह कांग्रेस में हुआ करते थे।

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इंजीनियर पर डाल दिया था कीचड़, File Photo Credit: PTI

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अक्सर अपने आक्रामक बयानों के लिए चर्चा और विवादों में रहने वाले नितेश राणे एक नई मुसीबत में फंस गए हैं। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता और महाराष्ट्र की सरकार में मंत्री नितेश राणे को एक महीने की सजा सुनाई गई है। 7 साल पुराने मामले में नितेश राणे को दोषी पाया गया है। इस मामले में नितेश राणे ने नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) के एक अधिकारी के ऊपर कीचड़ डाल दिया था। इसी मामले में महाराष्ट्र की एक अदालत ने उन्हें दोषी पाया है और सजा का एलान किया है।

 

नितेश राणे के लिए राहत की बात यह है कि उन्हें तुरंत जेल नहीं जाना होगा। कोर्ट ने उनकी सजा पर रोक भी लगा दी है ताकि वह निचली अदालत के इस फैसले को उच्च अदालत में चुनौती दे सकें। रोचक बात है कि इस मामले में कुल 30 आरोपी थे। 29 आरोपियों को बरी कर दिया गया है लेकिन नितेश राणे को 1 महीने की सजा सुनाई गई है।

क्या है मामला?

यह घटना साल 2019 की है। सड़क की खराब हालत को लेकर हो रहे प्रदर्शन के दौरान नितेश राणे भी पहुंचे थे। मामला मुंबई-गोवा हाइवे का था जिसका निर्माण NHAI करा रही थी। उस दौरान NHAI के डिप्टी इंजीनियर प्रकाश शेडेकर मौके पर मौजूद थे और उन्हीं के साथ बदसलूकी की गई थी। उस दौरान नितेश राणे तब कांग्रेस में हुआ करते थे। तब नितेश राणे समेत कुल 30 लोगों पर सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, दंगा करने और सरकारी कर्मचारी से मारपीट करने और आपराधिक साजिश का मुकदमा दर्ज किया गया था। हालांकि, सिंधुदुर्ग जिले की अदालत ने नितेश राणे समेत सभी आरोपियों को इन आरोपों से बरी कर दिया गया है क्योंकि उनके खिलाफ सबूत नहीं पाए गए हैं।

 

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हालांकि, आईपीसी की धारा 504 के तहत नितेश राणे को सरकारी कर्मचारी से बदसलूकी और मारपीट करने के आरोप में दोषी पाया गया है। बता दें कोर्ट ने नितेश राणे को दोषी करार दिया है लेकिन बाकी 29 आरोपियों को बरी कर दिया है। इतना ही कोर्ट ने नितेश राणे की सजा पर रोज भी लगा दी है ताकि वह इस फैसले को चुनौती दे सकें।

 

इस मामले की सुनवाई करते हुए अडिशनल सेशन्स जज वी एस देशमुख ने कहा, 'भले ही नितेश राणे खराब क्वालिटी के काम के कारण आवाज उठा रहे थे लेकिन उन्हें सरकारी कर्मचारी को इस तरह सबसे के सामने अपमानित नहीं करना चाहिए था। अगर ऐसी घटनाएं होती रहेंगी तो सरकारी कर्मचारी अपना काम ही नहीं कर पाएंगी।' कोर्ट ने इसे अपने पद और सत्ता का दुरुपयोग माना है।

 

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अधिकारी को बेइज्जत किया

बता दें कनकावली में गाड नदी पर बन रहे पुल का निरीक्षण करने के लिए 4 जुलाई 2019 को निरीक्षण करने पहुंचे थे। मुंबई-गोवा हाइवे पर बन रहे इस पुल का निरीक्षण करने पहुंचे नितेश राणे ने इंजीनियर को भी बुलाया था। सड़क की खराब क्वालिटी देखकर नितेश राणे और उनके समर्थकों ने इंजीनियर पर कीचड़ उड़ेल दिया था और उन्हें भीड़ के बीच चलने को मजबूर किया था।

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