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राम मंदिर में 'गबन' के आरोप, बौखलाहट, विपक्ष के हमले, UP में क्या हो गया?

अखिलेश यादव ने आरोप लगाया है कि राम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावा गायब हो रहा है। जब बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी से यह सवाल किया गया तो वह भड़क गए। पढ़ें रिपोर्ट।

Ayodhya Ram Mandir Teerth Kshetra Temple

पाम मंदिर तीर्थ क्षेत्र। Photo Credit: Ram Mandir

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट पर आरोप लगाया है कि मंदिर से 7 करोड़ रुपये का चढ़ावा गायब हो गया है। उन्होंने दावा किया है कि जनता की ओर से चढ़ाई गई करोड़ों की रकम ही गायब हो गई है, तीर्थ ट्रस्ट इसे खारिज कर रहा है। उन्होंने यह भी दावा किया कि कोई भी सफाई देने के लिए सामने नहीं आ रहा है। जब यही सवाल, पत्रकारों ने भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी से किया तो वह नाराज हो गए और पत्रकार को ही फटकारने लगे।

पंकज चौधरी ने कहा है कि अखिलेश यादव कुछ भी कहते रहें, वह जवाब नहीं देंगे। उन्होंने यह  भी कहा कि यह सरकार का मसला नहीं है, यह तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट जाने, सरकार इसमें क्या कर सकती है। पंकज चौधरी सवाल के जवाब में बेहद गुस्से में नजर आए। वह खुलकर बोलने से हिचकते रहे, उल्टे पत्रकार को डांटने लगे।

 

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पंकज चौधरी ने मंदिर की कथित धांधली पर क्या कहा?

  • पत्रकार: अखिलेश यादव ने कहा है कि जो चढ़ावे की राशि है 7 करोड़, मंदिर से गायब हो गई है। सरकार इस पर चुप्पी साधे हुए है।
  • पंकज चौधरी: यह सरकार का विषय नहीं है, मंदिर प्रशासन का विषय है, मंदिर प्रशासन इस पर जवाब देगा।
  • पत्रकार: यह राशि गायब हो गई है, यह सनातन पर चोट है।
  • पंकज चौधरी: कहां पे, कौन कह रहा है गायब हो गई है?
  • पत्रकार: अखिलेश यादव
  • पंकज चौधरी: अखिलेश यादव कहते रहे उनका हम जबाब थोड़े ही देते रहेगें। 

अखिलेश यादव के आरोप क्या हैं?

अखिलेश यादव ने दावा किया है कि मंदिर में धांधली हुई है, भक्तों के चढ़ाई गई राशि ही गायब हो गई है। उन्होंने X पर लिखा, 'समस्त विश्व में भगवान राम के उपासकों के लिए ये एक बेहद संवेदनशील समाचार है कि राम मंदिर के चढ़ावे की करोड़ों की रकम गायब पाई गई है।'

अखिलेश यादव, अध्यक्ष, समाजवादी पार्टी:-
यह मंदिर ट्रस्ट के लिए अत्यंत शर्मनाक स्थिति है। कोई भी सफाई देने के लिए सामने नहीं आना चाहता है। न्यायालय से स्वतः संज्ञान लेने की मांग है क्योंकि इसका सीधा संबंध वैश्विक स्तर पर समस्त सनातनी समाज की प्रभु राम में गहरी आस्था से जुड़ा है। सरकार की चुप्पी संदिग्ध है।

अखिलेश यादव के आरोपों पर मंदिर ने क्या कहा है?

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने रविवार को एक बयान में कहा, 'श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र का समय-समय पर आंतरिक ऑडिट होता रहता है। इस प्रक्रिया में ट्रस्ट और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के प्रतिनिधि शामिल होते हैं। ऑडिट की प्रक्रिया कई दिनों तक चलती है। इन दिनों भी यही काम हो रहा है। अभी तक कोई खास बात सामने नहीं आई है।'

 

 



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तीर्थ के पदाधिकारी क्या कह रहे हैं?

महंत दिनेन्द्र दास, न्यासी, ट्रस्ट:-
अगर इस मामले में किसी ने कुछ गलत किया है, तो भगवान राम स्वयं उन्हें दंडित करेंगे।अधिकारियों और सरकार द्वारा लिया गया कोई भी निर्णय ट्रस्ट को स्वीकार्य है। अगर कोई गलती हुई है, तो वह सामने आ जाएगी। अगर कोई कुकर्म हुआ है, तो जिम्मेदार लोगों को उसके परिणाम भुगतने होंगे।

अखिलेश यादव ने क्या कहा है?

अखिलेश यादव ने कहा, 'स्पष्टीकरण ही स्पष्ट नहीं है। लगता है यह इनके (चंपत राय) लिए हर हफ्ते की साधारण बात है, और इतनी अधिक साधारण है कि यह इसे अब उल्लेखनीय भी नहीं मानते हैं। चेहरे के भाव और देह की भाषा हताशा और निराशा से भरी है।'

 

 

अखिलेश यादव:-
प्रदेश सरकार की चुप्पी की तरह यह सफाई भी संदिग्ध है। ऐसा लग रहा है जैसे स्पष्टीकरण के नाम पर शाब्दिक औपचारिकता निभाई जा रही है। संपूर्ण विश्व का सनातन समाज, इस बेहद कमजोर स्पष्टीकरण से और भी अधिक शंकित और आहत हुआ है। 

अखिलेश यादव ने कहा, 'ट्रस्ट के सभी सदस्यों को एक साथ बैठाकर स्पष्टीकरण दिया जाए और आंकड़ों के मिलान के लिए सीसीटीवी के साक्ष्य का सहारा लिया जाए। जैसे ही सारे ट्रस्टी एक साथ बैठेंगे तो सच तत्काल बाहर आ जाएगा क्योंकि उनमें हर कोई एक जैसा नहीं है।'


अखिलेश यादव ने दावा किया, 'इस हेराफेरी की शंका के केंद्र में जब कोई एक व्यक्ति विशेष है ही नहीं तो फिर किसी एक के स्पष्टीकरण का क्या महत्व है। यह भी स्पष्ट किया जाए कि 40 सेकंड का स्पष्टीकरण आने में इतने घंटे क्यों लगे और स्पष्टीकरण के नाम पर एक मिनट बोलना भी भारी क्यों पड़ रहा है।'

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विपक्षी नेताओं ने क्या कहा है?

आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह ने भी चंपत राय की सफाई को लेकर सवाल उठाए है। उन्होंने कहा, 'चंपत राय जी क्या आप प्रभु श्रीराम की मूर्ति पर हाथ रखकर सौगंध खा सकते हैं कि चंदाचोरी नहीं हुई?' उन्होंने भी दावा किया है कि करोड़ों रुपये की चोरी हुई है, कहीं से पदाधिकारी नहीं मना कर रहे हैं कि धांधली नहीं हुई है। उन्होंने बीजेपी नेताओं को चंदाचोरों की पार्टी बता दी। अब इस मामले पर सियासत बढ़ती जा रही है। 


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