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'4 गुना मुआवजा भी देंगे', सैटलाइट टाउनशिप पर CM सम्राट चौधरी का बड़ा एलान

बिहार सरकार कई सैटलाइट टाउनशिप बसाने जा रही है। इसके लिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा है कि जरूरत पड़ने पर 4 गुना मुआवजा भी दिया जाएगा।

Samrat choudhary

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, Photo Credit: Social Media

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बिहार में बनने जा रही 11 नई सैटलाइट टाउनशिप को लेकर राज्य सरकार ने बड़ा भरोसा देने की कोशिश की है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने साफ कहा है कि जिन रैयतों की जमीन टाउनशिप परियोजना में शामिल हुई है, उन्हें सरकार मुश्किल वक्त में अकेला नहीं छोड़ेगी। जरूरत पड़ने पर जमीन की कीमत का चार गुना तक मुआवजा सीधे बैंक खाते में भेजा जाएगा।

 

सोनपुर में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि सरकार विकास और किसानों के हित के बीच संतुलन बनाकर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि अगर किसी परिवार में बेटी की शादी हो, इलाज की जरूरत पड़े या कोई आपदा-विपदा आ जाए, तो संबंधित व्यक्ति डीएम को आवेदन देकर तत्काल आर्थिक सहायता प्राप्त कर सकता है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया जाए ताकि जमीन मालिकों को राहत मिल सके।

 

11 शहरों के आसपास बसेंगी आधुनिक टाउनशिप

राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना के तहत बिहार के कई बड़े शहरों के आसपास नई सैटलाइट टाउनशिप विकसित की जाएंगी। जिन शहरों को इस योजना में शामिल किया गया है, उनमें पटना, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, गया, पूर्णिया, दरभंगा, छपरा, सीतामढ़ी, मुंगेर और सहरसा शामिल हैं। सरकार सासाराम के आसपास भी नई टाउनशिप बसाने की संभावना तलाश रही है। सरकार का दावा है कि इन टाउनशिप में आधुनिक सड़कें, ड्रेनेज, आवासीय क्षेत्र, व्यवसायिक कॉरिडोर और बेहतर नागरिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

 

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टाउनशिप के लिए चिह्नित इलाकों में सरकार ने फिलहाल जमीन की खरीद-बिक्री और ट्रांसफर पर एक साल की रोक लगा दी है। इस फैसले के बाद कई जमीन मालिकों और किसानों में चिंता बढ़ गई थी क्योंकि वे जरूरत के बावजूद अपनी जमीन बेच नहीं पा रहे थे।


हालांकि, सरकार का कहना है कि यह रोक जमीन की कृत्रिम खरीद-फरोख्त, दलालों की सक्रियता और कीमतों में हेराफेरी रोकने के लिए लगाई गई है।

हिस्सेदारी या मुआवजा, दोनों विकल्प खुले

सरकार ने यह भी संकेत दिया है कि टाउनशिप परियोजना में जमीन मालिकों को सिर्फ मुआवजा ही नहीं, बल्कि प्रोजेक्ट में हिस्सेदारी का विकल्प भी दिया जाएगा। यानी जिन किसानों की जमीन परियोजना में जाएगी, वे भविष्य के विकास मॉडल का हिस्सा बन सकते हैं।

 

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वहीं जो लोग हिस्सेदारी नहीं लेना चाहेंगे, उन्हें चार से पांच गुना तक मुआवजा देने की तैयारी है। सरकार का मानना है कि इससे भूमि अधिग्रहण को लेकर विरोध कम होगा और विकास परियोजनाओं को गति मिलेगी।

विकास बनाम जमीन की चिंता

 

नई टाउनशिप योजना को सरकार बिहार के शहरी विस्तार और निवेश आकर्षित करने की दिशा में बड़ा कदम बता रही है लेकिन दूसरी ओर ग्रामीण इलाकों में लोग अपनी पुश्तैनी जमीन और भविष्य को लेकर आशंकित भी हैं। ऐसे में सरकार के लिए सबसे बड़ी चुनौती यही होगी कि विकास की रफ्तार के साथ रैयतों का भरोसा भी कायम रहे।


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