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ब्रेन डेड घोषित थी महिला, गढ्ढे में फंसी एम्बुलेंस को लगा झटका तो जिंदा हो उठी

बरेली के एक सड़कों पर ब्रेन डेड से पीड़ित महिला एम्बुलेंस से जा रही थी। उस दौरान एम्बुलेंस सड़क के गड्ढे में टकरा गया था, जिसके बाद महिला को होश आ गया है।

ambulance gets stuck pothole

प्रतिकात्मक तस्वीर, Photo credit- Sora

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उत्तर प्रदेश के बरेली में एक अजब-गजब घटना सामने आई है। जहां बरेली के एक अस्पताल में एक महिला को डॉक्टरों ने ब्रेन डेड घोषित कर दिया था। जिसके बाद महिला को अंतिम संस्कार के लिए घर ले जाया जा रहा था लेकिन उसे बीच रास्ते में होश आ गया। होश आने की वजह बरेली की खराब सड़क बताई जा रही है। जब महिला को एम्बुलेंस से घर ले जा रहे थे, तभी गाड़ी सड़क के गड्ढे में फंस गई, जिससे महिला के शरीर को झटका लगा। इसी के बाद उसे होश आ गया यानी महिला फिर से जीवित हो उठी। इस चमत्कारी घटना से महिला के परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई है।

 

ब्रेन डेड से पीड़ित महिला का नाम विनीता शुक्ला है और विनीता के पति का नाम कुलदीप शुक्ला है। विनीता की तबीयत 22 फरवरी को खराब हुई थी, जिसके बाद उनके परिवार वालों ने उम्मीद छोड़ दी थी कि विनीता फिर से ठीक हो पाएगी। बता दें कि विनीता की उम्र 50 साल है, जो अब न सिर्फ होश में आ गई है बल्कि परिवार वालों से बातचीत भी कर पा रही है। विनीता के परिवार वालों को यह उम्मीद नहीं थी कि वह ठीक हो पाएगी। इस वजह से परिवार वाले विनीता के अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहा था।

 

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अंतिम संस्कार की तैयारी

उनकी सास ने कहा है, 'वह सांस नहीं ले रही थी। बस एक धीमी होती हुई धड़कन थी।' वहीं विनीता के पति कुलदीप कुमार शुक्ला ने बताया कि परिवार उनके अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहा था। पति ने कहा, 'वहां सिर्फ दिल की धड़कनें थम सी गई थीं। जैसे ही एम्बुलेंस हाफिजगंज पहुंची, वह एक बड़े गड्ढे में जा फंसी और गाड़ी बेकाबू होकर आगे बढ़ गई। इसी झटके की वजह से विनीता की सांसें वापस आ गईं।'

 

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विनीता को क्या हुआ था?

22 फरवरी को विनीता घर में काम कर रही थी, उसी वक्त वह बेहोश हो गई। जिसके बाद विनीता के परिवार वाले उन्हें पीलीभीत के एक अस्पताल ले गए। इस अस्पताल के डॉक्टरों ने विनीता को ब्रेन डेड घोषित कर दिया था, जिसके बाद परिवार वाले उन्हें घर ले जा रहे थे ताकि विनीता का अंतिम संस्कार कर दिया जाए।


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