logo

मूड

ट्रेंडिंग:

मध्य प्रदेश: जज बनने का सपना पूरा किया, जॉइनिंग से पहले लड़की ने लिया संन्यास

मध्य प्रदेश की एक लड़की जज बनी लेकिन जॉइनिंग से पहले संन्यास ले लिया और जैन दीक्षा का मार्ग चुन लिया। लड़की की विंटेज कार और बैंड-बाजे के साथ विदाई की गई।

news image

प्रतीकात्मक तस्वीर, Photo Credit- AI Generated

शेयर करें

google_follow_us

संबंधित खबरें

Advertisement

मध्य प्रदेश के बैतूल में एक रोचक मामला सामने आया है। यहां रहने वाली प्रखरश्री ने जज बनने के लिए परीक्षा दी थी, जिसमें वह पास हो गईं लेकिन जॉइनिंग से पहले प्रखरश्री ने भक्ति और संन्यास का रास्ता चुन लिया। उन्होंने नौकरी जॉइन करने से पहले ही संन्यास लिया और जैन दीक्षा लेने का फैसला किया। इस वजह से उन्होंने परिवार और सांसारिक जीवन से संन्यास लिया। इस मौके पर बैतूल में बिनौली चल समारोह निकाला गया, जिसमें प्रखरश्री की विंटेज कार और बैंड-बाजे के साथ परिवार से विदाई हुई और वह जैन आश्रम चली गईं। इसके बाद 22 नवंबर को प्रखरश्री जैन दीक्षा लेंगी।

 

बैतूल में जैन समाज की ओर से परिवार से गोदभराई और विदाई समारोह आयोजित किया गया, जिसे देखने कई लोग आए थे। विदाई समारोह के लिए राजस्थान और उदयपुर से विंटेज कारें और शाही बग्घियां आई थीं, जिनमें बैठकर प्रखरश्री की विदाई हुई थी। इस समारोह में 5 लड़कियों की विदाई हुई। विदाई समारोह के दौरान दीक्षार्थी लड़कियों पर कई लोगों ने फूल डाले थे। जब विंटेज कार और शाही बग्घियां जैन दादावाड़ी पहुंचीं, तो समारोह संपन्न हुआ।

 

यह भी पढ़ें: छात्रा पर आरी से हमला करने वाला आरोपी गिरफ्तार, पुलिस से मुठभेड़ में लगी गोली

प्रखरश्री ने क्यों लिया संन्यास?

संन्यास का मार्ग चुनने वाली प्रखरश्री ने बताया कि उनके माता-पिता की ख्वाहिश थी कि वह जज बनें। इसी वजह से परिवार के सपने को पूरा करने के लिए उन्होंने जज की परीक्षा दी थी। हालांकि, प्रखरश्री के मन में भक्ति और वैराग्य की भावना थी।

 

जब प्रखरश्री ने जज की परीक्षा क्वालीफाई करके अपने माता-पिता का सपना पूरा कर लिया, जिसके बाद उन्होंने संन्यास लेने का फैसला लिया। प्रखरश्री ने बताया कि वकील के नाते वह समाज की सेवा नहीं कर पाती थीं। इसी वजह से उन्होंने भगवान महावीर के मार्ग पर चलने का फैसला लिया है।

 

यह भी पढ़ें: जिस घर में मुस्कान ने सौरभ को मारा, उसका खुला ताला; दीवाली बाद होगी पुताई

प्रखरश्री कब लेंगी दीक्षा?

जैन धर्म में दीक्षा लेने के बाद सभी महिलाएं सफेद कपड़े पहनती हैं। इसी प्रकार प्रखरश्री भी 22 नवंबर को जैन दीक्षा लेंगी। फिलहाल उन्होंने अपने परिवार और सांसारिक सुखों को छोड़कर वैराग्य का मार्ग चुन लिया है। 22 नवंबर को प्रखरश्री के साथ-साथ 4 और लड़कियां जैन दीक्षा लेने वाली हैं। 5 लड़कियों का विदाई समारोह हो चुका है। दीक्षा लेने के बाद 5 लड़कियां रंग-बिरंगे कपड़ों को त्यागकर हमेशा सफेद कपड़े पहनेंगी।

Related Topic:#State News

और पढ़ें