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धर्म-कर्म
आदित्य हृदय स्तोत्र: जिसके पाठ मात्र से पूरे होते हैं काम, मिलती है सफलता
रोगों के नाश, शीघ्र मंगल और विजय प्राप्ति के लिए प्रसिद्ध आदित्य हृदय स्तोत्र लोगों के बीच बहुत प्रचलित है। यह स्तोत्र भगवान सूर्य का है, जिसके पाठ से बहुत जल्द सफलता प्राप्त होती है।
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मंत्र, श्लोक और स्तोत्र में क्या अंतर होता है?
हिंदू धर्म में मंत्र, श्लोक और स्तोत्र को विशेष महत्व दिया जाता है। इनके बीच में बहुत से अंतर भी होता है, आइए जानते हैं क्या है इनके बीच का अंतर और इनका इस्तेमाल कब और कैसे करना चाहिए।
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श्री ऋणमोचक मंगल स्तोत्र: कर्ज से मुक्ति के लिए लोग पढ़ते हैं यह मंत्र
हिंदू धर्म में कर्ज मुक्ति के लिए लोग आध्यात्मिक रूप से बहुत से उपाय करते हैं। इन्ही में से एक श्री ऋणमोचक मंगल नामक स्तोत्र प्रचलित है, मान्यता है कि इस स्तोत्र के पाठ मात्र से कर्ज से मुक्ति मिलती है।
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दारिद्र्य दहन शिव स्तोत्र: जिसके पाठ मात्र से दूर होती है आर्थिक तंगी
दुख-दारिद्र और आर्थिक तंगी से छुटकारा पाने के लिए भगवान शिव के दारिद्र दहन शिव स्तोत्र का विशेष महत्व बताया गया है। आइए जानते हैं क्या है इसकी विशेषता और स्तोत्र के श्लोकों का अर्थ।
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महाकाली शत्रु नाशक स्तोत्र: पाठ कैसे करें, धार्मिक महत्व क्या हैं?
हिंदू धर्म में महाकाली शत्रु नाशक स्तोत्र का विशेष महत्व बताया गया है। मान्यता है कि इस स्तोत्र के पाठ मात्र से शत्रु और मुकदमे खत्म होते हैं।
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श्री दुर्गा आपदुद्धार स्तोत्रम्: जिसके पाठ से होता है सारी विपत्तियों का निवारण
श्री दुर्गा आपदुद्धार स्तोत्रम् पाठ देवी दुर्गा का प्राचीन संस्कृत स्तोत्र है। मान्यता के अनुसार, इस स्तोत्र का पाठ करने से संकटों और विपत्तियों का नाश होता है।
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विघ्नेश्वरी स्तोत्र: नवरात्रि में यह मंत्रा खास क्यों है?
नवरात्रि के दौरान श्री विघ्नेश्वरी स्तोत्र पाठ का विशेष महत्व बताया गया है। आइए जानते हैं इस स्तोत्र के हर श्लोक का भावार्थ।
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शिव कृत दुर्गा स्तोत्र: जिसके पाठ से होता है शत्रुओं का नाश
हिंदू धार्मिक ग्रंथों में देवी शक्ति के शिव कृत दुर्गा स्तोत्र को बहुत महत्व दिया गया है। मान्यता है कि इस स्तोत्र का पाठ करने से शत्रुओं का नाश होता है, आइए समझते हैं स्तोत्र के हर श्लोक का अर्थ और महत्व।
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सप्तश्लोकी दुर्गा स्तोत्र: मंत्र, महत्व से अर्थ तक, सब जानिए
हिंदू धार्मिक ग्रंथों में सप्तश्लोकी दुर्गा स्तोत्र को कलयुग के लिए सबसे प्रभावशाली स्तोत्र बताया गया है। आइए जानते हैं इस स्तोत्र के श्लोकों का भावार्थ महत्व और विशेषता।
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भगवान शिव के स्तोत्र गाने वाली आवाज किसकी है?
केदारनाथ मंदिर के वेदपाठी मृत्युंजय हीरेमठ की 31 साल की उम्र में मृत्यु हो गई थी। उनका स्वरचित एक शिव स्तोत्र शिवभक्तों के बीच काफी लोकप्रिय है।
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अष्टोत्तरशतनाम स्तोत्र में छिपे हैं श्रीकृष्ण के 108 नाम
भगवान कृष्ण की उपासना के लिए श्रीकृष्ण अष्टोत्तरशतनाम स्तोत्र को बहुत ही पुण्यदायी माना जाता है। आइए जानते हैं इस स्तोत्र कि महिमा और अर्थ।
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विष्णु शतनाम स्तोत्र: इसमें छिपे हैं भगवान विष्णु के 100 नाम
भगवान विष्णु की उपासना के लिए विष्णु शतनाम स्तोत्र को बहुत ही पुण्यदायी माना जाता है। आइए जानते हैं इस स्तोत्र कि महिमा और अर्थ।
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