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AI इम्पैक्ट समिट 2026: ChatGpt, जेमिनी के जमाने में भारत के पास क्या है?

16 फरवरी से AI इम्पैक्ट समिट की शुरुआत हो रही है। एक तरफ दुनिया सीरी, गूगल जेमिनी, चैट जीपीटी और सोरा जैसे AI टूल हैं, भारत के पास क्या है, आइए जानते हैं।

AI India Summit

AI इंडिया समिट 16 फरवरी से शुरू हो रहा है। AI इमेज। Photo Credit: Sora

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भारत AI समिट 2026 की मेजबानी करने जा रहा है। दुनियाभर के कोने-कोने से मेहमान जुटने लगे है। भारत मंडपम में हो रहे इस आयोजन में 20 देशओं के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और उपराष्ट्रपति दस्तक देने वाले हैं। AI की दुनिया बदलने वाली दिग्गज हस्तियां, दिल्ली की सड़कों पर नजर आने वाली हैं। 

AI सेफ्टी समिट से चलकर, अब भारत AI इम्पैक्ट समिट के सफर पर आ गया है। साल 2023 में शुरू हुए इस समिट ने सिर्फ 3 साल में AI की दुनिया बदली है। ब्लेचली पार्क, यूनाइटेड किंगडम में पहली बार इस समिट का आयोजन हुआ था, फिर दक्षिण कोरिया में AI सोल समिट हुआ, फरवरी 2025 में फ्रांस की राजधानी पेरिस में AI ऐक्शन समिट की खूब चर्चा हुई, अब बारी भारत की है। 

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AI इम्पैक्ट समिट क्या है?

16 फरवरी से लेकर 20 फरवरी तक दिल्ली के भारत मंडपम में इस कार्यक्रम का आयोजन हो रहा है। AI की दुनिया में जोखिम कम करना, बेहतर इस्तेमाल और बदलती दुनिया की जरूरतों के हिसाब से इसे अनुकूल बनाना, इस बार का एजेंडा है। पीपल, प्लैनेट और प्रोग्रेस की थीम पर इस AI समिट का आयोजन किया गया है। 

कौन-कौन आ रहा है?

विदेश मंत्रालय के मुताबिक दुनिया के 45 से ज्यादा देशों के प्रतिनिधिमंडल, शामिल हो रहे हैं। आने वाले मेहमानों में अबू धाबी के क्राउन प्रिंस से लेकर फ्रांस के राष्ट्रपति तक शामिल हैं। मंत्री स्तर से लेकर, संयुक्त राष्ट्र और वैश्विक संस्थाओं के पदाधिकारी भी इस बैठक में शामिल होने वाले हैं। 

 

एशिया के कौन से देश हिस्सा ले रहे हैं?

  • भूटान- शेरिंग टोबगे, प्रधानमंत्री  
  • कजाकिस्तान- लजास बेकतेनोव, प्रधानमंत्री 
  • श्रीलंका- अनुरा कुमार दिसानायके, राष्ट्रपति  
  • यूएई- शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायेद अल नाहयान 

दक्षिण अमेरिका के कौन से देश आ रहे हैं?

  • बोलिविया- एडमंड लारा मोंटानो, उपराष्ट्रपति  
  • ब्राजील- लुइज़ इनासियो लूला डा सिल्वा, राष्ट्रपति  
  • गुयाना- भरत जगदेव, उपराष्ट्रपति

यूरोप के कौन से देश आ रहे हैं?

  • क्रोएशिया- आंद्रेय प्लेंकोविच, प्रधानमंत्री  
  • एस्टोनिया- अलार कारिस, राष्ट्रपति  
  • फिनलैंड- पेट्टेरी ऑरपो, प्रधानमंत्री  
  • फ्रांस-  इमैनुएल मैक्रों, राष्ट्रपति  
  • ग्रीस- क्यिरियाकोस मित्सोटाकिस, प्रधानमंत्री  
  • लिकटेंस्टाइन- प्रिंस एलोइस  
  • सर्बिया- अलेक्सांदर वुचिच, राष्ट्रपति  
  • स्लोवाकिया- पीटर पेलेग्रिनी, राष्ट्रपति  
  • स्पेन- पेद्रो सांचेज पेरेज  
  • स्विट्जरलैंड- गी पारमेलिन, राष्ट्रपति  
  • नीदरलैंड्स- डिक स्कोफ, प्रधानमंत्री

अफ्रीका से कौन आ रहा है? 

मॉरीशस-  डॉ. नवीनचंद्र रामगुलाम, प्रधानमंत्री  
सेशेल्स- सेबास्टियन पिल्ले, उपराष्ट्रपति

और कौन से दिग्गज आएंगे?

गूगल के CEO सुंदर पिचाई, ओपनAI के CEO सैम ऑल्टमैन, NVIDIA के CEO जेंसन हुआंग आ रहे हैं। माइक्रोसॉफ्ट के फाउंडर बिल गेट्स, माइक्रोसॉफ्ट के प्रेसिडेंट ब्रैड स्मिथ, एडोब के CEO शांतनु नारायण, एक्यूरेंट के CEO जूली स्वीट, क्वालकॉम के CEO क्रिस्टियानो अमोन, पालो अल्टो नेटवर्क्स के CEO निकेश अरोड़ा भी शामिल होंगे। 

 ChatGpt, जेमेनी के जमाने में भारत के पास क्या है?       

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भारत कहां खड़ा है?

भारत AI की रेस में दुनिया के साथ कदमताल मिलाकर चल रहा है। भारत, स्टैंडर्ड यूनिवर्सिटी की ग्लोबल AI वाइब्रेंसी इंडेक्स 2026 के मुताबिक दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा देश है। भारत अब केवल अमेरिका और चीन से पीछे है। साल 2017 में भारत 7वें स्थान पर था।

भारत कैसे AI में कमाल कर रहा है?

भारत AI वर्कफोर्स बनाने पर जोर दे रहा है। एजुकेशन से लेकर हेल्थ तक, हर सेक्टर में AI की मदद  ले रहा है। अब भारत दिल्ली के भारत मंडपम में ग्लोबल एआई समिट की मेजबानी कर रहा है। यह पहली बार है जब ग्लोबल साउथ का कोई देश, इतने बड़े स्तर पर AI सम्मेलन आयोजित कर रहा है। इस सम्मेलन में गूगल, एनवीडिया और OpenAI जैसे 400 से ज्यादा टेक दिग्गज शामिल हो रहे हैं।

भारत का AI प्लान क्या है?

भारत, AI के लिए अगले 5 साल में 10,371.92 करोड़ रुपये खर्च करेगा। भारत AI को ज्यादा उदार बनाने की कोशिश में है। भारत में डेटा सेंटर पर जोर दिया जा रहा है। भारत AI में आत्मनिर्भर होने की राह पर है। देश में अब एप्लिकेशन, मॉडल्स, कंप्यूटिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर और एनर्जी तक पर जोर दिया जा रहा है। भारत अपने स्वदेशी मॉडल पर फोकस कर रहा है।

सरकार ने इंडियाAI मिशन के लिए 5 साल में 10,300 करोड़ रुपये से ज्यादा का बजट रखा है।  इसके तहत अब तक 38,000 GPUs लगाए जा चुके हैं।  भारत में टेक और AI के क्षेत्र में 60 लाख लोग नौकरी कर रहे हैं। इस साल भारत का टेक सेक्टर करीब 23-24 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का राजस्व पार करने वाला है। AI की मदद से 2035 तक भारत की अर्थव्यवस्था में 1.7 ट्रिलियन डॉलर तक का इजाफा हो सकता है।  

जेमिनी, ग्रोक, जीपीटी जैसा भारत में क्या है?

  • भारत-विस्तार: एक बहुभाषी AI टूल है जिसे खास तौर पर किसानों और ग्रामीण सेवाओं के लिए बनाया गया है। 
  • भाषिणी: इस AI के जरिए भारतीय भाषाओं का अनुवाद करने में बेहतर AI टूल है। 
  • Sarvam AI: बेंगलुरु की यह कंपनी सबसे चर्चित है। इनके मॉडल भारतीय भाषाओं में ChatGPT और Gemini से बेहतर परफॉर्म कर रहे हैं। 
  • Ask QX: इसे भारतीय फाउंडर्स ने विकसित किया है। यह एक हाइब्रिड AI है जो 12 भारतीय भाषाओं में काम करता है।  
  • ChatSonic: भारतीय कंपनी Writesonic का AI चैटबॉट है। यह भी रियल-टाइम जानकारी, इमेज जनरेशन, और कंटेंट क्रिएशन में ठीक माना जाता है।

चुनौती क्या है?

देश ने अभी तक कोई भी एक ऐसा AI पूरी तरह से ChatGPT या Gemini जितना बड़ा और यूनिवर्सल नहीं बना सका है। कई स्टार्टअप्स और कंपनियां तेजी से आगे बढ़ रही हैं। 

 


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